बोटिंग से आगे बढ़ी नैनीताल की पहचान, चारखेत के इस पार्क में जिप लाइन और गो-कार्टिंग का जोरदार क्रेजबस्तर के गोंचा पर्व की अनूठी सौगात: 'मीत' बनकर जीवनभर का साथ निभाने की अद्भुत परंपराअलवर में विशाल सीपीआर ट्रेनिंग अभियान से पुलिसकर्मी बन रहे हैं जीवनरक्षक, रेड क्रॉस की ऐतिहासिक पहलजंतर मंतर पर आंदोलन के बीच राहुल गांधी और अखिलेश यादव की बंद कमरे में मुलाकात, मानसून सत्र में बड़े हंगामे के संकेतलाइव: राम मंदिर दान चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने SIT गठन का सुझाव दियाकोडरमा के इस सौ साल पुराने महल में घुसते ही रास्ता भूल जाते हैं लोग, वजह है 52 कमरों की अनोखी बनावटसीधी में मानसून की सुस्ती से धान पर संकट, किसान बोले अरहर-सोयाबीन-मूंग-तिल भी लगाएंराजकीय आईटीआई जोधपुर में दाखिले के लिए आवेदन शुरू, आखिरी मौका 23 जुलाई से पहलेअमेरिका में इलाज की इजाज़त नहीं मिली, अभिषेक बनर्जी की याचिका पर हाईकोर्ट सख्तबिहार के मरीजों को अब सर्वाइकल कैंसर के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं, पटना के अस्पताल में ब्रैकीथेरेपी से ठीक हो रहे 90% तक मरीज
तृणमूल के बागी गुट को न्योता देने पर भड़का विपक्ष, मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक से किया वॉकआउटराजनीति
19 घंटे पहले· 2

तृणमूल के बागी गुट को न्योता देने पर भड़का विपक्ष, मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक से किया वॉकआउट

मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक से विपक्षी दलों ने वॉकआउट किया, वजह बनी तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 बागी सांसदों को दिया गया न्योता।

मानसून सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक से विपक्षी दलों ने वॉकआउट कर दिया। वजह बनी सरकार की तरफ से तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 बागी सांसदों को भी बैठक में बुलाया जाना, वह भी पार्टी के आधिकारिक प्रतिनिधियों के साथ।

बैठक से पहले किरण रिजिजू ने क्या कहा

बैठक शुरू होने से पहले केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार है और उम्मीद करती है कि विपक्ष भी उतना ही सहयोग करेगा। दोनों पक्ष मानसून सत्र के एजेंडे पर चर्चा के लिए बैठे थे।

ये भी पढ़ें

तृणमूल के बागी सांसदों को न्योता बना विवाद की जड़

असली विवाद तब खड़ा हुआ जब पता चला कि सरकार ने सर्वदलीय बैठक के न्योते में तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक प्रतिनिधियों के अलावा पार्टी के करीब 20 बागी सांसदों के गुट को भी शामिल कर लिया। विपक्षी नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि इससे सर्वदलीय बैठक महज बागी सांसदों को जगह देने का मंच बनकर रह गई है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन है। इसी के विरोध में विपक्षी दलों ने प्रतीकात्मक वॉकआउट किया।

परिसीमन विधेयक पर भी विपक्ष हमलावर

इसके अलावा समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार परिसीमन विधेयक के जरिए विपक्ष के वोट बांटकर सत्ता में बने रहना चाहती है। इस बयान ने सत्र से पहले माहौल को और तल्ख कर दिया।

आगे क्या होगा

हर संसद सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की परंपरा रही है ताकि विधायी एजेंडे पर आम सहमति बन सके। लेकिन तृणमूल के बागी गुट को न्योते और परिसीमन विधेयक पर उठे सवालों के बाद अब मानसून सत्र की शुरुआत टकराव भरे माहौल में होने के आसार हैं।

सवाल-जवाब

विपक्षी दलों ने सर्वदलीय बैठक से वॉकआउट क्यों किया?
सरकार द्वारा तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 बागी सांसदों के गुट को भी बैठक में बुलाए जाने पर विपक्ष ने आपत्ति जताते हुए वॉकआउट किया।
यह बैठक कब हुई?
मानसून सत्र शुरू होने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी।
किरण रिजिजू ने बैठक से पहले क्या कहा था?
उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की बात सुनने को तैयार है और बदले में वैसा ही सहयोग चाहती है।
समाजवादी पार्टी के एसटी हसन ने क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र परिसीमन विधेयक के जरिए विपक्ष के वोट बांटकर सत्ता में बने रहना चाहता है।
तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट में कितने सांसद हैं?
खबरों के मुताबिक इस बागी गुट में करीब 20 सांसद हैं।
यह वॉकआउट कैसा था?
यह एक प्रतीकात्मक वॉकआउट था, जिसके जरिए विपक्ष ने अपना विरोध दर्ज कराया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR