पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल के बीच मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को एक बड़े कार्यक्रम में स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में अब स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। नेताजी इंडोर स्टेडियम में बांगुर जागरण मंच के तत्वावधान में आयोजित एक विशाल भगवद्गीता पाठ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने लोगों से किसी भी प्रकार के भय या संकोच को त्यागने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने धर्म का पालन करने और उसका प्रचार-प्रसार करने के लिए किसी से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।
इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि बिना किसी झिझक के भगवद्गीता का पाठ किया जाना चाहिए और इसे तथा हनुमान चालीसा को घर-घर बांटा जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से हरे कृष्ण मंत्र का निरंतर जाप करने और शंख बजाने का आह्वान करते हुए दोहराया कि अब राज्य का मौसम पूरी तरह बदल चुका है। सुवेंदु अधिकारी ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य में अब टीका, शिखा, धोती और तुलसी को सम्मान देने वाली सरकार आ चुकी है, जो गौमाता की सुरक्षा के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि इस धार्मिक आयोजन में 11,000 से अधिक लोगों ने एक साथ बैठकर भगवद्गीता का पाठ किया।
साधु-संतों के अपमान पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि उनकी सरकार संतों और साधुओं का अनादर करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शेगी नहीं और उन्हें सीधा जेल भेजा जाएगा। उन्होंने सभा में मौजूद नागरिकों से यह भी आग्रह किया कि वे समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ हमेशा सतर्क और एकजुट रहें।
विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ एकजुट रहने की अपील
सुवेंदु अधिकारी ने देश विरोधी और विभाजनकारी ताकतों पर निशाना साधते हुए कहा कि हम सभी को उन लोगों के खिलाफ एकजुट रहना होगा जो देश के टुकड़े-टुकड़े करने की सोच रखते हैं और कश्मीर मांगे आजादी जैसे नारे लगाते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ऐसी ताकतों की चालों को समझें और बंगाल की संस्कृति व परंपराओं की रक्षा के लिए पूरी तरह चौकन्ने रहें।



















