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गोंडा का जंगली बाबा मंदिर: सावन में उमड़ती है भक्तों की भारी भीड़, पूरी होती हैं हर मनोकामनाएंधर्म
18 अग॰ 2026, 2:59 pm (62 दिन पहले)· 2

गोंडा का जंगली बाबा मंदिर: सावन में उमड़ती है भक्तों की भारी भीड़, पूरी होती हैं हर मनोकामनाएं

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित प्राचीन जंगली बाबा महादेव मंदिर सावन के महीने में श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र बनता है, जहां दूर-दूर से लोग जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के विकासखंड झंझरी के महादेवा क्षेत्र में स्थित प्राचीन जंगली बाबा महादेव का शिवलिंग सावन के पवित्र महीने में शिव भक्तों की अगाध आस्था का मुख्य केंद्र बन जाता है। सावन के दौरान भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने और उनका जलाभिषेक करने के लिए न सिर्फ गोंडा बल्कि आसपास के कई जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां लंबी कतारों में खड़े नजर आते हैं। इस प्राचीन स्थल पर शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है, जिससे हर साल इस मौसम में यहां का पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता है।

सावन में उमड़ती है भारी भीड़ और गूंजते हैं जयकारे

मंदिर के सेवक घनश्याम गिरि के अनुसार, सावन का महीना शुरू होते ही इस पवित्र स्थल पर भक्तों का तांता लगना शुरू हो जाता है। सुबह तड़के से ही श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में जुटने लगते हैं। भक्त जन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, फूल और धतूरा अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। विशेष तौर पर सावन के प्रत्येक सोमवार को मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिलता है। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठता है, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक बन जाता है।

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दूर-दूर से पहुंचते हैं भक्त और पूरी होती हैं मनोकामनाएं

घनश्याम गिरि बताते हैं कि जंगली बाबा महादेव के इस प्राचीन शिवलिंग को लेकर लोगों के मन में बेहद गहरी और अटूट आस्था जुड़ी हुई है। क्षेत्र के लोगों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं का यह अटूट विश्वास है कि यहां सच्चे मन से भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से इंसान की हर मनोकामना पूरी होती है। इसी पक्के विश्वास के चलते सावन के दिनों में लोग काफी दूर-दूर का सफर तय करके यहां पूजा-अर्चना करने आते हैं। गोंडा के अतिरिक्त बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, गोरखपुर, अयोध्या और सिद्धार्थनगर समेत तमाम जिलों से श्रद्धालु जंगली बाबा महादेव के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं, जिसके कारण सुबह से लेकर शाम तक भक्तों की लगातार आवाजाही बनी रहती है।

ग्रामीणों की मांग, हो एक विशाल मंदिर का निर्माण

स्थानीय ग्रामीण मनोज कुमार गिरि का कहना है कि वह अपने बचपन के दिनों से ही इस जंगली बाबा महादेव शिवलिंग पर लगातार जलाभिषेक करने आते रहे हैं। उनका अनुभव है कि इस पावन स्थान पर आने से मन को असीम शांति मिलती है और यहां की महिमा ही ऐसी है जो लोगों को दूर-दूर से खींचकर ले आती है। उन्होंने शासन और प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस प्राचीन स्थल पर एक विशाल मंदिर का निर्माण कराया जाए। उनका मानना चहिए कि चूँकि यह एक बेहद प्राचीन शिवलिंग है, इसलिए इसका कायदे से विकास किया जाना चाहिए ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

पीढ़ियों से जुड़ी है लोगों की आस्था और उम्मीदें

एक अन्य ग्रामीण राजमन गिरि बताते हैं कि जब से उन्होंने होश संभाला है, तब से वह लगातार जंगली बाबा महादेव मंदिर में पूजा-पाठ करने आ रहे हैं। वह नियमित रूप से सुबह और शाम के समय भगवान शिव की आराधना करते हैं। उनका कहना है कि उनके गांव में इतना पुराना और प्राचीन शिवलिंग होना पूरे इलाके के लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है। सावन के महीने में जंगली बाबा महादेव मंदिर में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की यह भीड़ यहां की मजबूत धार्मिक आस्था को साफ तौर पर दर्शाती है। स्थानीय ग्रामीणों को पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में इस मंदिर का भव्य विकास होगा और यहां दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को और बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी।

सवाल-जवाब

जंगली बाबा महादेव मंदिर कहां स्थित है?
यह प्राचीन मंदिर उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के विकासखंड झंझरी के महादेवा में स्थित है।
सावन में इस मंदिर में किन जिलों से श्रद्धालु आते हैं?
यहां गोंडा के अलावा बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, गोरखपुर, अयोध्या और सिद्धार्थनगर से श्रद्धालु आते हैं।
मंदिर में श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ कब होती है?
सावन के प्रत्येक सोमवार के दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक होती है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से क्या मांग की है?
ग्रामीणों ने इस प्राचीन स्थल पर एक विशाल मंदिर का निर्माण कराने की मांग की है।
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