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शादी में आ रही अड़चनें? रवि प्रदोष के दिन करें ये 3 खास उपायधर्म
7 जुल॰ 2026, 7:00 am (45 दिन पहले)· 3

शादी में आ रही अड़चनें? रवि प्रदोष के दिन करें ये 3 खास उपाय

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार 12 जुलाई 2026 को पड़ने वाले रवि प्रदोष व्रत पर किए गए कुछ खास उपाय शादी में आ रही बाधाओं को दूर कर सकते हैं।

जिन लोगों की शादी की बात बार-बार बनते-बनते रुक जाती है, उनके लिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष व्रत एक बेहद शुभ अवसर माना जाता है। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के इस खास दिन पर किए गए कुछ खास उपाय विवाह में आ रही अड़चनों को दूर कर सकते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के मुताबिक अगर सच्चे मन और श्रद्धा से यह व्रत रखा जाए, तो अविवाहित लोगों के विवाह के योग जल्दी बनने लगते हैं।

क्यों खास होता है प्रदोष व्रत

हर महीने दो बार आने वाला प्रदोष व्रत शिव भक्तों के लिए विशेष पुण्य कमाने का मौका माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख, समृद्धि व सफलता का रास्ता खुलता है। व्रती दिनभर उपवास रखते हैं और प्रदोष काल में शिव परिवार की पूजा कर व्रत का पारण करते हैं। जो विवाहित महिलाएं यह व्रत करती हैं, उनके जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य बढ़ने की मान्यता है, तो वहीं अविवाहित लोगों के लिए यह व्रत विवाह के योग जल्दी बनाने वाला माना गया है।

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12 जुलाई को रखा जाएगा जुलाई का पहला प्रदोष व्रत

वैदिक पंचांग के मुताबिक आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 12 जुलाई 2026 को सुबह करीब 02 बजकर 04 मिनट पर शुरू होगी और रात 10 बजकर 29 मिनट तक रहेगी। इसी वजह से जुलाई महीने का पहला प्रदोष व्रत 12 जुलाई रविवार के दिन रखा जाएगा। रविवार को पड़ने के कारण इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाएगा। इस दिन पूजा के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त यानी प्रदोष काल शाम 07 बजकर 22 मिनट से रात 09 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।

रवि प्रदोष व्रत का विशेष महत्व

रवि प्रदोष व्रत को भगवान शिव के साथ-साथ सूर्यदेव की उपासना का भी बेहद शुभ अवसर माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने पर करियर और कारोबार में तरक्की के योग बनते हैं। साथ ही जीवन के कष्ट, बाधाएं और दोष दूर होकर परिवार में सुख, समृद्धि और वैभव आने की मान्यता है।

विवाह में देरी दूर करने के लिए करें ये 3 उपाय

ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार अगर विवाह की बात बार-बार बनते-बनते रुक जाए, तो प्रदोष व्रत पर श्रद्धा से किए गए कुछ खास उपाय कारगर साबित हो सकते हैं।

  • पहला उपाय: अगर विवाह में बार-बार बाधाएं आ रही हैं, तो प्रदोष व्रत पर भगवान शिव का विशेष अभिषेक करें। स्नान करने के बाद गंगाजल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। मान्यता है कि इस उपाय से ग्रह दोष शांत होते हैं और शीघ्र विवाह के शुभ योग बनने लगते हैं।
  • दूसरा उपाय: अगर विवाह में बार-बार आ रही अड़चनों की वजह कमजोर शुक्र ग्रह माना जा रहा हो, तो प्रदोष व्रत पर भगवान शिव का शहद और सुगंधित जल से अभिषेक करें। स्नान और दान करने के बाद किया गया यह उपाय शुक्र ग्रह को मजबूत करने में सहायक माना जाता है।
  • तीसरा उपाय: अगर किसी वजह से विवाह में बार-बार रुकावटें आ रही हों, तो इस दिन स्नान के बाद लाल वस्त्र पहनकर भगवान शिव और माता पार्वती की श्रद्धापूर्वक पूजा करें। पूजा के दौरान माता पार्वती को सिंदूर अर्पित करें और उसी सिंदूर को अपने माथे पर लगाकर शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें। मान्यता है कि इससे विवाह से जुड़ी बाधाएं दूर हो जाती हैं।

सवाल-जवाब

जुलाई 2026 का पहला प्रदोष व्रत कब है?
जुलाई का पहला प्रदोष व्रत 12 जुलाई 2026, रविवार को रखा जाएगा।
इसे रवि प्रदोष व्रत क्यों कहा जा रहा है?
रविवार के दिन पड़ने के कारण इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाएगा।
त्रयोदशी तिथि कब शुरू होगी और कब खत्म होगी?
त्रयोदशी तिथि 12 जुलाई को सुबह करीब 02 बजकर 04 मिनट पर शुरू होकर रात 10 बजकर 29 मिनट तक रहेगी।
पूजा का शुभ मुहूर्त यानी प्रदोष काल कब रहेगा?
प्रदोष काल शाम 07 बजकर 22 मिनट से रात 09 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
विवाह में देरी होने पर कौन से उपाय बताए गए हैं?
गंगाजल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करना, शहद और सुगंधित जल से अभिषेक करना, और लाल वस्त्र पहनकर माता पार्वती को सिंदूर अर्पित करने का उपाय बताया गया है।
ये उपाय किसने बताए हैं?
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज ने ये उपाय बताए हैं।
रवि प्रदोष व्रत में किन देवताओं की पूजा की जाती है?
इस दिन भगवान शिव के साथ-साथ सूर्यदेव की भी उपासना की जाती है।
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