झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए करेगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मामले को गंभीर मानते हुए यह जांच झारखंड एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड यानी एटीएस से लेकर एनआईए को सौंपने का आदेश दे दिया है. सूत्रों की मानें तो एनआईए की एक टीम शुक्रवार को रांची पहुंचकर मामले की कमान अपने हाथ में लेगी.
यह हमला रांची के निवारणपुर इलाके में स्थित आरएसएस कार्यालय पर हुआ था. घटना के बाद शुरुआत में इस केस की पड़ताल झारखंड एटीएस कर रही थी. लेकिन जांच के दौरान कई ऐसे अहम तथ्य सामने आए, जिनकी वजह से केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मामला केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का फैसला किया.
UAPA और विस्फोटक अधिनियम की धाराएं जुड़ीं
जांच एजेंसियों के मुताबिक मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब इसमें गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के साथ ही विस्फोटक अधिनियम की धाराएं भी जोड़ दी गई हैं. इन धाराओं के जुड़ने से जांच का दायरा पहले से कहीं ज्यादा बड़ा हो जाएगा और पूरे नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश की जाएगी.
चार राज्यों तक मिले आरोपियों के तार
अब तक हुई शुरुआती जांच में गिरफ्तार आरोपियों के संबंध सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं मिले, बल्कि इनके तार उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मुंबई तक भी जुड़े पाए गए हैं. यही वजह है कि जांच एजेंसियों को शक है कि इस हमले के पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय रहा होगा. इसी आशंका के चलते केंद्र सरकार ने पूरा मामला केंद्रीय एजेंसी के सुपुर्द करने का फैसला लिया.
एटीएस ने एनआईए को सौंपी पूरी केस डायरी
अब तक इस मामले की जांच कर रही झारखंड एटीएस ने अपने पास मौजूद सभी सबूत, केस डायरी, जरूरी दस्तावेज और जांच से जुड़ी बाकी सामग्री एनआईए को सौंप दी है. एनआईए अब इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आगे की पड़ताल को बढ़ाएगी.
शुक्रवार को रांची पहुंचेगी एनआईए की टीम
सूत्रों के अनुसार एनआईए की एक विशेष टीम शुक्रवार को रांची पहुंचेगी. यह टीम घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करेगी, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करेगी और पूरे मामले की नए सिरे से जांच शुरू करेगी. एनआईए यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस हमले की साजिश आखिर किस स्तर पर रची गई थी और इसमें अलग अलग जगहों से कितने और कौन कौन लोग शामिल रहे हैं.













