जापान के आईची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों के मंच पर भारोत्तोलन स्पर्धा में एक नया इतिहास दर्ज हुआ है। महिलाओं की 48 किलोग्राम स्पर्धा में डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया की धाकड़ एथलीट री सॉन्ग गम ने अपनी बादशाहत साबित करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं भारत की स्टार खिलाड़ी मीराबाई चानू ने शानदार प्रदर्शन की बदौलत रजत पदक जीतकर देश के 28 साल लंबे सूखे को समाप्त कर दिया।
री सॉन्ग गम का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन और खिताबी हैट्रिक
नॉर्थ कोरिया से आने वाली दो बार की विश्व चैंपियन री सॉन्ग गम ने बुधवार को हुए इस कड़े मुकाबले में अपनी तकनीकी श्रेष्ठता का परिचय दिया। उन्होंने स्नैच स्पर्धा में 94 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क राउंड में 121 किलोग्राम का सफल भार उठाया। कुल 215 किलोग्राम का वजन उठाकर उन्होंने नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। एशियाई खेलों के इतिहास में यह उनका लगातार तीसरा स्वर्ण पदक है, जिससे उन्होंने टूर्नामेंट में अपनी स्वर्णिम हैट्रिक भी पूरी कर ली। किम-जोंग-उन के नेतृत्व वाले देश से अंतरराष्ट्रीय खेल परिदृश्य में खिलाड़ियों की गतिविधियां सीमित मौकों पर ही सामने आती हैं, लेकिन मंच पर उतरते ही इस दिग्गज ने अपनी क्षमता का लोहा मनवा दिया।
मीराबाई चानू ने रचा इतिहास और पूरा किया पुराना सपना
टोक्यो ओलंपिक पदकवीर और कई बार की कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन मीराबाई चानू इस बार एक स्पष्ट और मजबूत इरादे के साथ प्रतियोगिता में उतरी थीं। उन्होंने अपनी मां द्वारा भेंट किए गए ओलंपिक रिंग आकार के सोने के झुमके पहने थे और बालों में तिरंगे का रिबन सजाया हुआ था। मुकाबले के दौरान भारतीय लिफ्टर ने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम का भार उठाकर कुल 198 किलोग्राम का स्कोर हासिल किया। इस उम्दा प्रदर्शन ने भारत को 28 साल के लंबे अंतराल के बाद एशियाई खेलों के भारोत्तोलन में रजत पदक दिलाया।
एशियाई खेलों में यह पदक मीराबाई चानू का पहला व्यक्तिगत पदक है। पोडियम पर अपनी जगह पक्की करने के बाद उन्होंने अपनी भावनाएं साझा करते हुए बताया कि भारोत्तोलन की शुरुआत से ही उनका लक्ष्य इस प्रतियोगिता में मेडल हासिल करना था। उनके अनुसार पूर्व के आयोजनों में कई तरह की अड़चनें सामने आती रही थीं, मगर इस बार उन्होंने दृढ़ संकल्प के साथ अपने सपने को साकार कर दिखाया।
अगला पड़ाव 2028 ओलंपिक खेल
मणिपुर की इस एथलीट का अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। पिछले महीने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के ठीक अगले दिन से उन्होंने बिना किसी विश्राम के अभ्यास शुरू कर दिया था। एशियाई खेलों में पोडियम फिनिश के बाद अब उनका अगला बड़ा लक्ष्य संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित होने वाले 2028 ओलंपिक खेलों में देश के लिए पदक हासिल करना है।



















