लंदन के ऐतिहासिक ऑल इंग्लैंड क्लब में 11 जुलाई 2026 को टेनिस जगत को एक नई चैंपियन मिली। महिला सिंगल्स के फाइनल में चेक रिपब्लिक की दो दिग्गज खिलाड़ियों का आमना-सामना हुआ, जिसमें 21 वर्षीय लिंडा नोस्कोवा ने अपनी हमवतन कैरोलीना मुचोवा को मात देकर पहली बार ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी अपने नाम की। तीन सेट तक चले इस रोमांचक फाइनल में लिंडा ने 2-1 से जीत हासिल की। खिताबी जीत के साथ ही उन्हें इनामी राशि के तौर पर लगभग 38.5 करोड़ रुपये मिले हैं।
पहले सेट में लिंडा का दबदबा और मुचोवा की वापसी
लिंडा नोस्कोवा और कैरोलीना मुचोवा केवल प्रतिद्वंदी ही नहीं, बल्कि पेरिस ओलंपिक में महिला डबल्स में एक-दूसरे की जोड़ीदार भी रही हैं। कोर्ट पर मुकाबला शुरू होते ही लिंडा ने अपनी आक्रामकता दिखाई। पहले सेट में उन्होंने अपनी लय को बरकरार रखते हुए महज 32 मिनट के भीतर 6-2 से जीत दर्ज कर ली। इस शानदार शुरुआत के साथ उन्होंने मैच में 1-0 की बढ़त बना ली। हालांकि, दूसरे सेट में कैरोलीना मुचोवा ने जोरदार वापसी की और खेल को काफी चुनौतीपूर्ण बना दिया। उन्होंने दूसरे सेट में 7-5 से जीत हासिल कर स्कोर को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया, जिससे मैच में रोमांच और बढ़ गया।
तीसरे सेट में मिली ऐतिहासिक जीत
मैच का निर्णायक तीसरा सेट दोनों खिलाड़ियों के लिए काफी दबाव वाला था। दूसरे सेट में मिली हार के बाद लिंडा नोस्कोवा ने अपनी रणनीति बदली और तीसरे सेट में पूरी तरह से आक्रामक खेल दिखाया। इस दौरान उन्होंने कैरोलीना मुचोवा को संभलने का कम ही मौका दिया और 6-3 से सेट अपने नाम कर लिया। जैसे ही अंतिम अंक लिंडा के खाते में आया, वह खुशी से कोर्ट पर ही लेट गईं। यह पल उनके करियर का सबसे यादगार क्षण बन गया।
आगामी मेंस फाइनल की तैयारी
विंबलडन का रोमांच अभी खत्म नहीं हुआ है। अब सभी की निगाहें मेंस सिंगल्स के फाइनल पर टिकी हैं, जो 12 जुलाई को खेला जाएगा। इस खिताबी भिड़ंत में वर्ल्ड नंबर-1 जैनिक सिनर का मुकाबला वर्ल्ड नंबर-2 एलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। भारतीय समयानुसार यह महामुकाबला रात 8:30 बजे शुरू होगा, जिसमें दुनिया के दो सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी आमने-सामने होंगे।











