इंग्लैंड दौरे पर गई भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस समय मेजबान टीम के साथ लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर एक टेस्ट मैच खेल रही है। इस मुकाबले में भारतीय टीम की स्थिति बेहद मजबूत नजर आ रही है, जिसका मुख्य कारण टीम की 22 वर्षीय युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ का बेहतरीन प्रदर्शन रहा। लॉर्ड्स टेस्ट के दूसरे दिन क्रांति ने इंग्लैंड की पहली पारी को महज 170 रन के कुल स्कोर पर ढेर करने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने अपनी गेंदबाजी का जलवा दिखाते हुए कुल 17 ओवर्स फेंके, जिसमें से 7 ओवर्स पूरी तरह से मेडन रहे और मात्र 37 रन देकर 5 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद, क्रांति गौड़ लॉर्ड्स के प्रसिद्ध ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं।
क्रांति गौड़ ने झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा
लॉर्ड्स के मैदान पर हरी घास वाली पिच को देखते हुए टॉस जीतकर भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया था। खेल के पहले दिन का समापन होने से ठीक पहले टीम इंडिया की पहली पारी 285 रन पर समाप्त हुई थी। इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम ने भी पहले दिन एक विकेट गंवा दिया था। दूसरे दिन जब खेल दोबारा शुरू हुआ, तो क्रांति गौड़ की सटीक गेंदबाजी के आगे इंग्लैंड के बल्लेबाज बेबस दिखाई दिए। इस पारी में 5 विकेट लेकर क्रांति ने पूर्व भारतीय दिग्गज तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी का कीर्तिमान भी ध्वस्त कर दिया। क्रांति गौड़ अब टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में 5 विकेट हॉल लेने वाली सबसे युवा भारतीय महिला तेज गेंदबाज बन गई हैं। वह यह मुकाम 22 साल 225 दिन की उम्र में हासिल कर चुकी हैं। झूलन गोस्वामी ने वर्ष 2005 में नई दिल्ली में इंग्लैंड के खिलाफ जब 5 विकेट लिए थे, तब उनकी आयु क्रांति की तुलना में 28 दिन अधिक थी।
लॉर्ड्स टेस्ट में भारतीय टीम की स्थिति मजबूत
क्रांति गौड़ की धारदार गेंदबाजी के कारण टीम इंडिया को पहली पारी के आधार पर 115 रनों की बड़ी और महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई। दूसरे दिन की समाप्ति तक भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में एक विकेट के नुकसान पर 154 रन बना लिए थे। उस समय मैदान पर स्मृति मंधाना 69 रन और यास्तिका भाटिया 39 रन बनाकर खेल रही थीं। इस बढ़त के साथ भारत की कुल बढ़त अब 269 रनों तक पहुंच गई है। तीसरे दिन की रणनीति स्पष्ट है कि भारतीय टीम अपनी बढ़त को 300 रनों के पार ले जाना चाहेगी, ताकि इंग्लैंड की टीम को मुकाबले में वापसी करने का कोई भी मौका न मिले।











