बिहार के जहानाबाद जिले के मखदुमपुर प्रखंड में रहने वाले देव शरण प्रसाद ने खेती और पशुपालन का एक अलग ही मॉडल तैयार किया है। उन्होंने अपने मछली पालन वाले तालाब के ऊपर ही पोल्ट्री फार्म का ढांचा खड़ा कर दिया है। आमतौर पर बिहार में पोल्ट्री फार्म या तो जमीन पर बनाए जाते हैं या किसी अलग जगह पर, लेकिन देव शरण प्रसाद ने तकनीक की समझ का इस्तेमाल करते हुए दोनों कामों को एक ही जगह जोड़ दिया है। स्ट्रक्चर का काम अभी धीरे धीरे चल रहा है और जल्द ही तालाब वाली इसी जगह पर मुर्गी पालन भी शुरू हो जाएगा।
तालाब में पिलर डालकर खड़ा किया स्ट्रक्चर
देव शरण प्रसाद पिछले 2 साल से मछली पालन कर रहे हैं। इसी तालाब में उन्होंने पोल्ट्री फार्म के लिए पूरा ढांचा तैयार किया है। यह ढांचा तालाब के अंदर ही पिलर गाड़कर और इस्पात के सहारे खड़ा किया गया है। जहां मुर्गियों के बैठने की जगह बनाई गई है, वहां फर्श को जालीदार रखा गया है। इसके पीछे सोच यह है कि मुर्गियों का मल सीधे नीचे तालाब के पानी में गिरे और वही मल मछलियों के लिए प्राकृतिक चारे का काम करे। इससे मछलियों के लिए अलग से चारा खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
6 लाख रुपए में तैयार होगा पूरा सेटअप
देव शरण प्रसाद बताते हैं कि इस तरह का पोल्ट्री से जुड़ा प्रोजेक्ट बिहार में बहुत कम देखने को मिलता है। इस मॉडल से जमीन की बचत तो होती ही है, साथ ही चारे पर होने वाला खर्च भी करीब 35 फीसदी तक कम हो जाता है। पूरा स्ट्रक्चर तैयार करने में करीब 6 लाख रुपए का खर्च आएगा। अभी तक सिर्फ इस्पात और पिलर लगाने का काम पूरा हुआ है, जिस पर 4.50 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। इसके अलावा मुर्गियों को लाने और उनके खान पान के इंतजाम पर करीब डेढ़ लाख रुपए और खर्च होंगे।
'लीक से हटकर सोचने पर मिलती है पहचान'
देव शरण प्रसाद कहते हैं कि अगर व्यापार में सिर्फ पुराने ढर्रे पर सोचा जाए तो बचत की गुंजाइश बहुत कम रहती है। लेकिन अगर थोड़ा हटकर और अलग तरीके से काम किया जाए, तो पहचान भी बनती है और कमाई भी बढ़ती है।
बटेर पालन के साथ एक ही जमीन से 5 इनकम की योजना
उनका कहना है कि अभी और भी योजनाओं पर काम चल रहा है। पोल्ट्री वाली इसी जगह पर वे बटेर पालन भी शुरू करने वाले हैं, क्योंकि यह कम खर्च में अच्छी कमाई देने वाला व्यवसाय है। फिलहाल वे सिर्फ मछली पालन से ही आमदनी कर रहे हैं, लेकिन आने वाले समय में इसी एक जमीन से कुल 5 अलग अलग जरियों से इनकम शुरू करने की योजना है।











