उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक किसान ने डीजल के बढ़ते खर्च से परेशान होकर अपने खेत की सिंचाई का पूरा तरीका बदल डाला है। प्रगतिशील किसान हनुमान प्रसाद मिश्रा ने सरकारी सब्सिडी योजना का लाभ उठाकर खेत में सोलर पंप लगवाया है, जिसके बाद अब उन्हें न तो डीजल पर पैसा खर्च करना पड़ता है और न ही बिजली गुल होने की चिंता सताती है।
डीजल पंप से हर सीजन जाते थे हजारों रुपए
हनुमान प्रसाद मिश्रा पहले अपने खेत की सिंचाई के लिए डीजल पंप का इस्तेमाल करते थे। डीजल के दाम लगातार बढ़ने की वजह से हर सीजन में उनके हजारों रुपए खर्च हो जाते थे। इतना ही नहीं, कई बार बिजली गुल रहने के कारण समय पर सिंचाई भी नहीं हो पाती थी। इसका सीधा असर उनकी फसलों की सेहत पर पड़ता था, क्योंकि सही समय पर पानी न मिलने से पैदावार प्रभावित होने का खतरा बना रहता था।
जल संस्थान के अधिकारियों ने दी सोलर पंप योजना की जानकारी
इसी दौरान जल संस्थान के अधिकारियों ने हनुमान प्रसाद मिश्रा को सोलर पंप योजना के बारे में बताया। अधिकारियों ने समझाया कि सोलर पंप लगवाने से डीजल और बिजली, दोनों का खर्च पूरी तरह बच जाएगा। यह जानकारी मिलते ही उन्होंने योजना के तहत आवेदन कर दिया और कुछ ही समय में उनके खेत में सोलर पंप लग गया।
बड़ी जोत, इसलिए ट्रैक्टर से ढोते हैं पंप
हनुमान प्रसाद मिश्रा के पास खेती की जमीन काफी बड़ी है, इसलिए वह सोलर पंप को किसी एक जगह स्थायी रूप से नहीं रखते। जरूरत के मुताबिक ट्रैक्टर की मदद से पंप को एक खेत से दूसरे खेत में ले जाकर सिंचाई करते हैं। इस तरीके से उनका समय भी बचता है और लागत भी काफी कम हो जाती है, क्योंकि हर खेत के लिए अलग पंप लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।
धूप निकलते ही चल जाता है पंप, समय पर होती है सिंचाई
सब्सिडी योजना के तहत सोलर पंप लगने के बाद हनुमान प्रसाद मिश्रा की परेशानी काफी कम हो गई है। अब सुबह धूप निकलते ही पंप आसानी से चलने लगता है और खेत की सिंचाई तय समय पर पूरी हो जाती है। इससे डीजल और बिजली, दोनों का खर्च बच रहा है और खेती पहले की तुलना में कहीं ज्यादा सुविधाजनक हो गई है। एक बार सोलर पंप लग जाने के बाद यह लंबे समय तक बेहद कम खर्च में काम करता रहता है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
बुकिंग में जमा किए 5 हजार, कुल खर्च आया करीब 60,700 रुपए
सोलर पंप की बुकिंग के लिए हनुमान प्रसाद मिश्रा ने संबंधित ब्लॉक में सबसे पहले 5 हजार रुपए जमा करके बुकिंग कराई थी। इसके बाद पूरी प्रक्रिया पूरी होने पर उन्हें करीब 60 हजार 700 रुपए खर्च करने पड़े। सब्सिडी की मदद से यह खर्च उनके लिए काफी वहन करने लायक साबित हुआ, जबकि इसके बदले उन्हें सालों तक सस्ती और भरोसेमंद सिंचाई की सुविधा मिल गई।
दूसरे किसानों से भी योजना का फायदा उठाने की अपील
हनुमान प्रसाद मिश्रा का कहना है कि सोलर पंप किसानों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इससे सिंचाई की लागत कम होती है, समय की बचत होती है और पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचता। उन्होंने अन्य किसानों से भी अपील की कि वे सरकारी योजनाओं की सही जानकारी लेकर अपने खेतों में सोलर पंप जरूर लगवाएं, ताकि वे भी डीजल और बिजली के बढ़ते खर्च से राहत पा सकें।











