बोकारो शहर के भागदौड़ भरे माहौल से कुछ पल दूर सुकून चाहने वालों के लिए बोकारो स्टील प्लांट के ठीक सामने बना टू टैंक गार्डन एक बेहतरीन ठिकाना साबित होता है। घनी हरियाली से घिरी यह जगह अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और दो विशाल जलाशयों की वजह से शहर के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शुमार है, और यहां पर्यटकों का जमावड़ा हमेशा लगा रहता है।
मानसून के दिनों में यह जगह अपने असली रंग में नजर आती है। चारों तरफ फैली हरियाली, ठंडी बहती हवाएं और पानी से लबालब भरे सरोवर मिलकर इस स्थान की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देते हैं।
नाम में छिपी है खासियत
इस गार्डन को टू टैंक गार्डन नाम इसलिए मिला क्योंकि परिसर में दो बड़े जलाशय मौजूद हैं। दोनों सरोवरों का एक साथ नजर आने वाला दृश्य ही इस जगह को बाकी पर्यटन स्थलों से अलग बनाता है। बारिश के मौसम में जब दोनों तालाब पानी से भर जाते हैं और चारों ओर हरियाली छा जाती है, तो यह स्थान किसी प्राकृतिक पर्यटन स्थल जैसा अनुभव देता है।
पेड़ों की छांव और चहचहाहट के बीच मिलता है सुकून
टू टैंक गार्डन की सबसे बड़ी खासियत इसका शांत माहौल है। यहां ऊंचे-ऊंचे पेड़ों की छांव, ठंडी हवा का झोंका और पक्षियों की मीठी चहचहाहट मिलकर पर्यटकों को प्रकृति के बेहद करीब ले जाती है। गार्डन में बैठने के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है, जिसकी वजह से लोग परिवार के साथ, दोस्तों के संग या फिर अकेले भी यहां घंटों बैठकर वक्त बिताते हैं। यही वजह है कि यह जगह मॉर्निंग वॉक, ईवनिंग वॉक और योग करने वालों के बीच भी काफी पसंद की जाती है।
छठ महापर्व से जुड़ी है आस्था
टू टैंक गार्डन सिर्फ घूमने-फिरने की जगह नहीं है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक नजरिए से भी इसकी खासी अहमियत है। छठ महापर्व के दौरान यहां बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुंचते हैं और भगवान सूर्य को अर्घ्य देते हैं। इसके अलावा साल भर यहां तरह-तरह के धार्मिक अनुष्ठान और कर्मकांड होते रहते हैं। इस तरह यह स्थान प्रकृति और आस्था का एक खूबसूरत संगम बन जाता है।
कैसे पहुंचें टू टैंक गार्डन
टू टैंक गार्डन तक पहुंचना बेहद आसान है। यहां सेक्टर-3 और एडीएम यानी प्रशासनिक भवन की तरफ से बिना किसी परेशानी के पहुंचा जा सकता है। यहां घूमने पहुंचे सूरज नाम के एक पर्यटक ने बताया कि शहर के बीचों-बीच होने के बावजूद भागदौड़ से दूर टू टैंक गार्डन एक शांत और सुंदर पर्यटन स्थल है।











