प्रकृति प्रेमियों और क्रिएटर्स का नया ठिकाना
राजस्थान के भरतपुर में स्थित विश्व प्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क केवल पक्षियों का आशियाना ही नहीं है, बल्कि यह फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी एक बेहतरीन जगह बन चुका है। साल के हर महीने में यहां की प्रकृति एक नया रंग बिखेरती है। इस पार्क में कुछ ऐसे खास लोकेशंस हैं जहां से पूरे इलाके का अद्भुत नजारा कैमरे में उतारा जा सकता है। यही कारण है कि देश और दुनिया से आने वाले सैलानी इन जगहों पर जाना नहीं भूलते हैं।
वॉच टावर से मिलता है अद्भुत नजारा
पार्क के भीतर बने ऊंचे वॉच टावर और व्यू प्वाइंट्स को फोटोग्राफर्स सबसे मुफीद जगह मानते हैं। इन ऊंचाइयों से फैले हुए दलदल, घने पेड़-पौधे और पक्षियों की गतिविधियों को एक ही फ्रेम में आसानी से समेटा जा सकता है। सुबह और शाम के वक्त यहां की रोशनी तस्वीरों को और भी जीवंत बना देती है, जो हर किसी को आकर्षित करती है।
सूर्योदय और सूर्यास्त के खूबसूरत नजारे
केवलादेव नेशनल पार्क में उगते और ढलते सूरज का नजारा बेहद जादुई होता है। सुबह जब सूरज की पहली किरणें पानी की सतह को छूती हैं, तो पक्षियों की परछाइयां पानी पर बहुत सुंदर आकृति बनाती हैं। इसी तरह, शाम के वक्त ढलते सूरज के साथ आसमान में बिखरते रंग फोटोग्राफी के लिए एक शानदार प्राकृतिक बैकग्राउंड तैयार कर देते हैं।
जलाशय और प्रवासी पक्षियों की चहल-पहल
इस नेशनल पार्क के तालाब और झीलें सैलानियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। इन पानी के स्रोतों के आसपास देश-विदेश से आने वाले प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा लगा रहता है। पानी में तैरते, आसमान में उड़ान भरते और शिकार करते हुए इन पक्षियों को देखना एक अलग ही रोमांच देता है। इन पलों को कैमरे में कैद करने पर बेहद जीवंत और प्राकृतिक तस्वीरें मिलती हैं।
जंगल के रास्ते और घने पेड़
पार्क के घने पेड़ों के बीच से गुजरने वाले रास्ते भी फोटोग्राफी के लिहाज से बेहद खास हैं। पेड़ों के पत्तों से छनकर आने वाली सूरज की रोशनी तस्वीरों को एक अलग ही गहराई और नेचुरल लुक देती है। साइकिल या रिक्शा की सवारी करते हुए सैलानी यहां कई अनोखे एंगल्स खोज लेते हैं, जिससे उनकी तस्वीरें और भी खास बन जाती हैं। यह सफर पर्यटकों को प्रकृति के बेहद करीब ले जाता है।













