गोरखपुर से पटना की ओर जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस में रविवार को एक गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई, जब ट्रेन के मुख्य लोको पायलट हेमंत अचानक बेहोश हो गए। उस समय ट्रेन करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ रही थी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा गया था। राहत की बात यह रही कि सहायक लोको पायलट ने समय रहते स्थिति की गंभीरता को समझा और तुरंत नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया, जिसके कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना का घटनाक्रम
रविवार की सुबह यह वंदे भारत एक्सप्रेस निर्धारित समय पर गोरखपुर जंक्शन से रवाना हुई थी। कैंट स्टेशन पार करने के तुरंत बाद मुख्य लोको पायलट की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश होकर गिर पड़े। सहायक लोको पायलट ने तत्काल सूझबूझ का प्रदर्शन करते हुए ट्रेन को सुरक्षित रूप से उनौला स्टेशन तक पहुंचाया। वहां डॉक्टर ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया, जिससे थोड़ी देर में वे सामान्य महसूस करने लगे। प्रारंभिक राहत मिलने के बाद उन्होंने दोबारा ट्रेन चलाने की जिम्मेदारी संभाली, लेकिन पिपराइच पहुंचने के बाद उनकी तबीयत फिर से खराब हो गई।
वैकल्पिक व्यवस्था और परिचालन
पिपराइच में स्थिति बिगड़ने के बाद मुख्य लोको पायलट को ट्रेन से उतारकर उपचार के लिए भेज दिया गया और बाद में उन्हें नरकटियागंज बेस रवाना कर दिया गया। परिचालन को सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से दूसरे लोको पायलट, एक लोको इंस्ट्रक्टर और नए गार्ड को पिपराइच भेजा। इन कर्मियों के वहां पहुंचने के बाद ही वंदे भारत एक्सप्रेस को पटना की ओर रवाना किया जा सका। पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ सुनित कुमार ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सहायक पायलट की तत्परता के चलते ही ट्रेन को सुरक्षित स्टेशन पर रोकना संभव हो पाया और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।











