गोरखपुर से सीएम योगी ने किया वृक्षारोपण महायज्ञ का आगाज, एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाकर उत्तर प्रदेश रचेगा नया कीर्तिमानउत्तर प्रदेश
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गोरखपुर से सीएम योगी ने किया वृक्षारोपण महायज्ञ का आगाज, एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाकर उत्तर प्रदेश रचेगा नया कीर्तिमान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में 'वृक्षारोपण महायज्ञ 2026' का शुभारंभ किया है, जिसके तहत 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। खेतों की मेड़ पर पेड़ लगाकर 5 साल तक उनकी देखभाल करने वाले किसानों को अंतरराष्ट्रीय संस्था के जरिए डॉलर में भुगतान भी किया जा रहा है।

पर्यावरण को बचाने और राज्य में हरियाली का दायरा बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का एक बहुत बड़ा लक्ष्य रखा गया है। यह विशाल अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरगामी सोच 'एक पेड़ मां के नाम' के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से उत्तर प्रदेश में कुल 40 करोड़ पौधे लगाने की योजना बनाई गई है। इनमें से 5 करोड़ पौधे पहले ही विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को रोपे जा चुके हैं और बाकी बचे 35 करोड़ पौधों को आज लगाया जा रहा है।

गोरखपुर से हुआ पर्यावरण महायज्ञ का शुभारंभ

12 जुलाई 2026 की सुबह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के गीडा में स्थित भगवानपुर टोल प्लाजा (लिंक एक्सप्रेसवे) पर पहुंचकर 'वृक्षारोपण महायज्ञ 2026' की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने हाथों से पौधा रोपकर इस राज्यव्यापी महाअभियान का शंखनाद किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के कोने-कोने को हरा-भरा बनाना और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है।

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विशिष्ट वनों और वाटिकाओं का होगा निर्माण

इस महायज्ञ की शुरुआत सुबह ठीक 8:00 बजे हुई, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पवित्र त्रिवेणी का रोपण किया। इस बार के अभियान की खास बात यह है कि इसमें केवल पेड़ ही नहीं लगाए जा रहे, बल्कि पूरे राज्य में योजनाबद्ध तरीके से खास किस्म के वनों और वाटिकाओं का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की परिकल्पना के तहत उत्तर प्रदेश में 'मिशन छाया', 'वंदे मातरम वाटिका', 'महर्षि चरक औषधीय वन', 'समरस वन', 'समृद्धि वन', 'कपि वन' और 'ऊर्जा वन' जैसी हरित संरचनाएं विकसित की जा रही हैं। इन अलग-अलग वनों में औषधीय गुणों वाले, फलदार और घनी छाया देने वाले पेड़ों को प्राथमिकता दी जा रही है। उदाहरण के लिए, 'कपि वन' का निर्माण इसलिए किया जा रहा है ताकि बंदरों और अन्य जंगली जीवों को जंगलों में ही पर्याप्त भोजन मिल सके और वे भोजन की तलाश में शहरों की तरफ न भागें, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोका जा सके।

धरती माता के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर

इस अवसर पर आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह वृक्षारोपण अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि हमारी धरती माता के प्रति आभार व्यक्त करने का एक पवित्र अवसर है। उन्होंने कहा, 'धरती माता हमें रहने के लिए जमीन, खाने के लिए अनाज और पीने के लिए पानी देती है। जब हम खुद बीमार होते हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाते हैं, लेकिन हमने कभी भी अपनी धरती माता की सेहत के बारे में नहीं सोचा।' उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी का 'एक पेड़ मां के नाम' का नारा हम सभी को प्रकृति के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है। मुख्यमंत्री ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि साल 2017 से लेकर अब तक उत्तर प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। इन पौधों ने हवा से करोड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) सोखकर पर्यावरण को शुद्ध करने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।

किसानों को मिलेंगे डॉलर और कार्बन क्रेडिट

इस भव्य समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश वन विभाग के पिछले 9 वर्षों के ऐतिहासिक कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई और वर्ष 2026-27 के लिए एक विशेष 'वानिकी कैलेंडर' का विमोचन भी किया गया। पर्यावरण के क्षेत्र में बड़ा योगदान देने वाले किसानों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने उन लाभार्थियों को सम्मानित किया जिन्होंने 600 से लेकर 800 तक पौधे लगाए हैं। इन किसानों को वन विभाग की ओर से 'कार्बन क्रेडिट' के प्रमाण पत्र सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि जो किसान अपने खेतों की मेड़ पर पेड़ लगा रहे हैं और 5 वर्षों तक उनकी पूरी देखभाल कर रहे हैं, उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय संस्था के माध्यम से डॉलर के रूप में आर्थिक मदद दी जा रही है, जो किसानों की आय बढ़ाने का एक शानदार जरिया बन रहा है।

ग्रीन कवर में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर

इस वृहद कार्यक्रम के मंच पर वन एवं पर्यावरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद और गोरखपुर के लोकप्रिय सांसद रवि किशन भी उपस्थित रहे। सांसद रवि किशन ने अपने खास अंदाज में मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि एक दौर था जब गीडा में पहले की सरकारें केवल कब्रिस्तान के लिए जमीन ढूंढती थीं, लेकिन आज सीएम योगी के नेतृत्व में यहां बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है, रोजगार मिल रहा है और चारों तरफ हरियाली की बयार बह रही है। वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने जानकारी दी कि हरियाली (ग्रीन कवर) बढ़ाने के मामले में उत्तर प्रदेश अब पूरे देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने प्रदेश के सभी युवाओं, किसानों और आम नागरिकों से अपील की कि वे अपनी मां के सम्मान में अपने घरों, खेतों और सड़कों के किनारे फलदार और छायादार पौधे जरूर लगाएं।

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