उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद में एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन इलाके में स्थित एक निर्माणाधीन मॉल के भीतर से सात वर्षीय मासूम बच्ची का निष्प्राण शरीर बरामद हुआ है। इस भयावह घटना की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में अशांति और सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों में इस वारदात को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक छानबीन में यह बात सामने आई है कि बच्ची के साथ बर्बरतापूर्वक दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों को दबोचने के लिए पुलिस ने फौरन कार्रवाई की, जिसके बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक अन्य नाबालिग किशोर को हिरासत में लेकर सघन पूछताछ की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से सुराग तलाशे
इस संवेदनशील और दुखद घटना के संबंध में जानकारी देते हुए नंदग्राम क्षेत्र की कार्यवाहक सहायक पुलिस आयुक्त प्रियाश्री पाल ने बताया कि पुलिस विभाग को 11 जुलाई की रात को लगभग एक बजे एक गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना में बताया गया था कि राजनगर एक्सटेंशन में बन रहे एक मॉल के अंदर एक छोटी बच्ची का शव पड़ा हुआ है। इस जानकारी के मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस फोर्स तुरंत हरकत में आई और मौके पर रवाना हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा किया और बारीकी से मुआयना किया। वारदात स्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी आधी रात को ही बुला लिया गया था, जिसने वहां से कई अहम नमूने एकत्र किए हैं ताकि आरोपियों के खिलाफ अदालत में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें।
पॉक्सो कानून और हत्या की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज
पीड़ित बच्ची के असहाय माता-पिता द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ हत्या, बलात्कार और बच्चों को यौन शोषण से बचाने वाले सख्त कानून यानी पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगालना शुरू किया। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के गहन विश्लेषण के बाद पुलिस टीम दो मुख्य संदिग्धों की पहचान करने में पूरी तरह सफल रही। इसके तुरंत बाद दबिश देकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया, जिनमें से एक वयस्क आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, वहीं मामले में संलिप्त एक नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया के तहत हिरासत में रखा गया है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी पुलिस की अगली कार्रवाई
इस भयानक त्रासदी का शिकार हुई सात साल की बच्ची के माता-पिता बेहद गरीब पृष्ठभूमि से आते हैं। मिली जानकारी के अनुसार, वे उसी निर्माणाधीन मॉल की साइट पर दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करते हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए मॉल परिसर के समीप ही अस्थाई झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रहते थे। नंदग्राम की कार्यवाहक सहायक पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग इस वीभत्स अपराध के सभी संभावित पहलुओं और सुरागों की गहराई से तफ्तीश कर रहा है। कानून के मुताबिक मृत बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम जांच के लिए भेज दिया गया है। मेडिकल विशेषज्ञों द्वारा तैयार की जाने वाली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही बलात्कार की आधिकारिक तौर पर पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले में हर कानूनी औपचारिकता को तेजी से पूरा करने में जुटी है ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।











