उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में साल 2003 के बहुचर्चित मधुमिता शुक्ला हत्याकांड से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है। मृतका की बहन निधि शुक्ला ने आरोप लगाया है कि बुधवार तड़के करीब तीन बजे उनके घर के बाहर बम से हमला किया गया। इस घटना के बाद निधि शुक्ला ने सदर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है और इसके पीछे पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनके परिवार का हाथ होने का आरोप लगाया है।
सुरक्षा बढ़ाने और निष्पक्ष जांच की मांग
निधि शुक्ला का कहना है कि यह हमला उन्हें डराने और मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में चल रही उनकी कानूनी लड़ाई से पीछे हटाने की कोशिश के तहत कराया गया है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आगे चलकर अगर उनके साथ या उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी हमला कराने वालों की होगी। निधि शुक्ला ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उनकी सुरक्षा तुरंत बढ़ाई जाए, मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज की जाए।
रात करीब तीन बजे हुआ जोरदार धमाका
निधि शुक्ला शहर के मिश्रनान मोहल्ले में रहती हैं। उनके मुताबिक 30 जून और 1 जुलाई की दरमियानी रात करीब तीन बजे उनके घर के बाहर जोरदार धमाका हुआ। उस समय वह अपने परिवार के साथ घर के भीतर सो रही थीं। उनकी सुरक्षा में तैनात सिपाही ने घबराहट में उन्हें फोन कर बताया कि बाहर बम विस्फोट जैसी तेज आवाज सुनाई दी है और उनसे दरवाजा खोलने को कहा। हालांकि सुरक्षा कारणों के चलते निधि शुक्ला ने उस वक्त दरवाजा नहीं खोला और इसके बजाय डायल-112 पर सूचना दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब जाकर उन्होंने दरवाजा खोला और उन्हें विस्फोट की पूरी जानकारी दी गई।
क्या है मधुमिता शुक्ला हत्याकांड
गौरतलब है कि 9 मई 2003 को लखनऊ के पेपर मिल कॉलोनी स्थित घर में मधुमिता शुक्ला की हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया था कि उस वक्त मधुमिता सात महीने की गर्भवती थीं। डीएनए जांच में यह बात सामने आई कि गर्भस्थ शिशु का संबंध तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे अमरमणि त्रिपाठी से था। इसी पुरानी कड़ी को आधार बनाते हुए निधि शुक्ला ने ताजा हमले के पीछे भी अमरमणि त्रिपाठी और उनके परिवार का हाथ बताया है।













