डार्विन के मारारा क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच में मेहमान बांग्लादेशी टीम ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को 9 विकेट के भारी अंतर से पराजित कर क्रिकेट जगत को स्तब्ध कर दिया। अपने ही घरेलू मैदान पर मिली इस अप्रत्याशित हार ने न केवल मेजबान टीम को बड़ा झटका दिया है बल्कि ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान पैट कमिंस के नाम एक बेहद अनचाहा और शर्मनाक रिकॉर्ड भी दर्ज करा दिया है। कमिंस अब ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में ऐसे दूसरे कप्तान बन गए हैं जिनकी कप्तानी में टीम को घरेलू सरजमीं पर दो भिन्न एशियाई देशों के खिलाफ टेस्ट मुकाबलों में शिकस्त का सामना करना पड़ा है।
डार्विन में ऑस्ट्रेलियाई टीम का निराशाजनक प्रदर्शन और बांग्लादेश का दबदबा
इस मुकाबले में टॉस और परिस्थितियों का लाभ उठाने में नाकाम रही ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली पारी में महज 198 रन के स्कोर पर सिमट गई थी। जवाब में शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश ने पहली पारी में 228 रन की विशाल बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद दूसरी पारी में भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों का फ्लॉप शो जारी रहा और पूरी टीम बांग्लादेश के सामने जीत के लिए केवल 57 रन का मामूली सा लक्ष्य ही रख सकी। बांग्लादेशी टीम ने इस बेहद आसान लक्ष्य को महज 14.2 ओवरों में 1 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया और ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया।
ग्रेग चैपल की कतार में खड़े हुए पैट कमिंस
साल 2021 से 2022 की एशेज श्रृंखला के दौरान ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम की बागडोर संभालने वाले पैट कमिंस के लिए यह हार एक कड़वी याद बनकर रह गई है। इससे पहले नवंबर 2024 में पर्थ के मैदान पर खेले गए टेस्ट मैच में कमिंस की अगुआई वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को भारत के हाथों हार झेलनी पड़ी थी। अब डार्विन में बांग्लादेश से मिली करारी शिकस्त के बाद कमिंस के खाते में अपनी सरजमीं पर दो अलग-अलग एशियाई टीमों के खिलाफ टेस्ट मैच हारने का शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। कमिंस से पहले यह अनचाहा कीर्तिमान केवल पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ग्रेग चैपल के नाम था। चैपल की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान के खिलाफ सिडनी और मेलबर्न में दो टेस्ट मैच गंवाए थे जबकि 1981 में मेलबर्न के ही मैदान पर भारतीय टीम ने भी ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी।
तेज गेंदबाज हसन महमूद बने बांग्लादेशी जीत के महानायक
बांग्लादेश के लिए यह जीत कई मायनों में बेहद खास और ऐतिहासिक है। ऑस्ट्रेलियाई धरती पर अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज करने के लिए बांग्लादेश को महज 3 मुकाबलों का इंतजार करना पड़ा। इसके साथ ही बांग्लादेश ऑस्ट्रेलियाई मैदानों पर टेस्ट मैच जीतने वाली सबसे तेज एशियाई टीम और ओवरऑल सूची में दूसरी सबसे तेज अंतरराष्ट्रीय टीम बन गई है। इस शानदार जीत के सबसे बड़े हीरो बांग्लादेशी तेज गेंदबाज हसन महमूद रहे जिन्होंने पूरी मैच में अपनी धारदार गेंदबाजी से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया। महमूद ने मुकाबले में कुल 9 विकेट अपने नाम किए जिसमें पहली पारी में 6 विकेट और दूसरी पारी में 3 विकेट शामिल थे। उनके इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया।


















