वास्तु शास्त्र में दिशाओं के नियमों के साथ-साथ रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाने के भी कई सुझाव दिए गए हैं। वास्तु के जानकारों का मानना है कि अगर आप अपनी दिनचर्या में कुछ खास आदतें शामिल कर लें तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है और जीवन में बड़े बदलाव भी दिखने लगते हैं। कहा जाता है कि जिस तरह घर की किसी दिशा में सही वस्तु रखने से माहौल सुधरता है, ठीक उसी तरह सुबह से रात तक अपनाई गई कुछ छोटी-छोटी आदतें भी व्यक्ति को ऊर्जावान और सकारात्मक बनाए रखती हैं। आइए जानते हैं वास्तु के मुताबिक वो पांच आदतें जिन्हें रोज अपनाने की सलाह दी जाती है।
आंख खुलते ही हथेलियों पर नजर डालें
सुबह नींद खुलने के तुरंत बाद सबसे पहले अपनी दोनों हथेलियों को देखने की आदत डालनी चाहिए। इस दौरान मन में अच्छे और सकारात्मक विचार लाने चाहिए। वास्तु मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से तीनों देवताओं यानी त्रिदेव का आशीर्वाद मिलता है और दिनभर के काम सुख के साथ पूरे होते हैं।
पितरों को रोज करें याद
स्नान करने और पूजा-ध्यान करने के बाद अपने पितरों को स्मरण करने की आदत डालनी चाहिए। मान्यता है कि रोज पितरों को याद करने से पितृ दोष का नकारात्मक असर कम होता है। इससे करियर और पारिवारिक रिश्तों में भी सुधार देखने को मिलता है। वास्तु के अनुसार पितरों का आशीर्वाद मिलने से समाज में मान-सम्मान भी बढ़ता है।
सूरज को जल चढ़ाने की आदत डालें
सुबह उगते सूरज को जल अर्पित करने की परंपरा सेहत से जुड़े कई फायदे देती है। ऐसा माना जाता है कि इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है, जिससे समाज में इज्जत और प्रतिष्ठा मिलती है। साथ ही जल चढ़ाने से न घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है और न इंसान के अंदर नकारात्मकता पनपती है।
योग और प्राणायाम को दिनचर्या में जोड़ें
जैसे घर को साफ-सुथरा रखने से मन को सुकून मिलता है, वैसे ही रोज योग और ध्यान करने से मन के साथ आत्मा भी शुद्ध होती है। इसलिए दिन में कुछ समय प्राणायाम और ध्यान के लिए जरूर निकालना चाहिए। इससे शरीर और दिमाग दोनों बेहतर महसूस करते हैं। साथ ही घर के अंदर ध्यान लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और वास्तु दोष भी दूर होने लगता है।
सोने से पहले मंत्र जाप करें
रात को सोने से पहले अपने इष्ट देव को याद करते हुए उनके मंत्रों का जाप करना चाहिए। अगर किसी का कोई खास इष्ट देव तय नहीं है तो गायत्री मंत्र का जाप किया जा सकता है, या फिर सिर्फ ओम का उच्चारण भी काफी माना जाता है। ऐसा करने से मन में चल रही उठापटक शांत होती है और नींद भी अच्छी आती है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि करने वाला कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।













