राजस्थान के विभिन्न अंचलों में मानसून का दौर फिर से कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है, जिसका सीधा असर राज्य की मौसम स्थितियों पर पड़ रहा है। कुछ समय पूर्व हुई व्यापक बारिश के बाद अब अधिकांश जिलों में वर्षा के आंकड़ों में गिरावट दर्ज की जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमानों के मुताबिक, आगामी सात दिनों तक राज्य में मानसून सुस्त बना रह सकता है। इस अवधि में प्रदेश का बड़ा हिस्सा मुख्यतः शुष्क रहने वाला है, जबकि पूर्वी राजस्थान और बीकानेर संभाग के चुनिंदा इलाकों में ही हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
तापमान और उमस में बढ़ोतरी
बारिश की कमी के चलते दिन के तापमान में इजाफा हो रहा है, जो लोगों के लिए बढ़ती उमस का कारण बन रहा है। शुक्रवार के आंकड़ों पर गौर करें तो श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म जिला बनकर उभरा, जहां अधिकतम तापमान 42.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार, देश के अन्य हिस्सों में कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय होने के बावजूद, राजस्थान पर इनका प्रभाव नगण्य रहेगा। राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के कई अन्य शहरों में तेज हवाओं और धूल भरी आंधी चलने की प्रबल संभावना है, जिससे सड़कों पर दृश्यता कम हो सकती है। ऐसी स्थितियों को देखते हुए किसानों और यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
एक सप्ताह तक कमजोर रहेगा मानसून
मौसम विभाग का स्पष्ट मानना है कि फिलहाल राज्य में मानसूनी गतिविधियां फीकी हैं और आने वाले सात दिनों में इनमें किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। अधिकांश जिलों में आसमान साफ और मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। हालांकि, जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की फुहारें देखी जा सकती हैं। इसके अलावा बीकानेर संभाग के कुछ स्थानों पर भी कहीं-कहीं हल्की वर्षा की संभावना है।
सक्रिय मौसमी प्रणालियों का राजस्थान पर असर
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के विश्लेषण के अनुसार, उत्तरी मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसका चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 9.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक व्याप्त है। हालांकि, अगले 24 घंटों में इस तंत्र के कमजोर होने की पूरी संभावना है। मानसूनी द्रोणिका गंगानगर, रोहतक, उत्तरी मध्य उत्तर प्रदेश, गोरखपुर और मुजफ्फरपुर से होती हुई मिजोरम तक विस्तारित है। साथ ही पश्चिम असम, पूर्वोत्तर असम, तेलंगाना से लेकर पूर्व-मध्य अरब सागर तक ट्रफ और उत्तर पाकिस्तान-पंजाब क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ भी मौजूद हैं। इन तमाम प्रणालियों की सक्रियता के बाद भी राजस्थान के मौसम पर इनका असर बेहद सीमित रहेगा।
श्रीगंगानगर में गर्मी का प्रकोप
शुक्रवार को राज्य का सर्वाधिक तापमान 42.0 डिग्री सेल्सियस श्रीगंगानगर में दर्ज हुआ। शाम 5:30 बजे तक एकत्र किए गए डेटा के मुताबिक, राजस्थान में औसत सापेक्ष आर्द्रता 30 से 60 प्रतिशत के बीच रही। मौसम विभाग का मानना है कि बारिश की कमी के कारण आने वाले दिनों में गर्मी और उमस का सिलसिला जारी रह सकता है, जो आम जनजीवन को प्रभावित करेगा।
राजधानी जयपुर का मौसम हाल
जयपुर शहर में शनिवार को मौसम में आंशिक परिवर्तन के संकेत हैं। दिन के समय धूल भरी आंधी और तेज हवाओं के चलने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। दिन का वास्तविक तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जबकि हवा की गति 31 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। करीब 43 प्रतिशत आर्द्रता के बीच दृश्यता प्रभावित हो सकती है, इसलिए वाहन चालकों को सुरक्षित गति से वाहन चलाने के प्रति सचेत किया गया है।
गर्मी और उमस का सामना
मौसम विभाग की चेतावनी है कि राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में फिलहाल भारी बारिश के आसार नहीं हैं। शुष्क मौसम के चलते उमस भरी गर्मी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी रहेगी। जिन सीमित इलाकों में हल्की बारिश दर्ज होगी, वहां तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन पूरे प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना फिलहाल नहीं है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग के नियमित अपडेट्स पर नजर रखें और बदलते मौसम के अनुकूल सावधानी बरतें।











