आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वायत्त एजेंटों के तेजी से बढ़ते दायरे ने सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर के सामने बिल्कुल नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। जब डिजिटल एजेंट कई चरणों वाले काम पूरे करते हैं, तो सर्वर क्रैश या नेटवर्क में रुकावट आने पर पूरी प्रक्रिया के पटरी से उतरने का खतरा बना रहता है। बर्लिन स्थित स्टार्टअप रीस्टेट ने इसी बुनियादी समस्या को सुलझाने के लिए एक टिकाऊ वर्कफ्लो इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है, जिसके दम पर कंपनी ने 20 मिलियन डॉलर का सीरीज ए फंडिंग राउंड पूरा कर लिया है। इस निवेश दौर का नेतृत्व सिंगुलर ने किया, जबकि रेडपॉइंट वेंचर्स और कैपिटल वन वेंचर्स ने भी इसमें हिस्सा लिया।
एजेंटिक वर्कफ्लो की अनपेक्षित राह और मजबूती की दरकार
पारंपरिक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम तय नियमों और सीधे रास्तों पर चलते हैं, जबकि स्वायत्त एआई एजेंट अक्सर लंबे समय तक चलते हैं और हालात के मुताबिक अपने रास्ते तय करते हैं। ऐसे अनपेक्षित रास्तों पर काम करते समय यह बेहद जरूरी हो जाता है कि हर कदम का हिसाब सुरक्षित रहे, ताकि किसी गड़बड़ी के बाद भी काम दोबारा शून्य से शुरू न करना पड़े। स्टीफन इवेन ने 2022 में इस कंपनी की सह-स्थापना की थी। हालांकि शुरुआत में इसे सिर्फ एजेंटों के लिए नहीं गढ़ा गया था, लेकिन एजेंटिक मॉडल के सामने आने वाली तकनीकी अड़चनों को सुलझाने में यह तकनीक पूरी तरह सटीक साबित हुई। स्टीफन इवेन का कहना है कि लगातार परिणाम पाने और पूरे काम को दोहराने योग्य बनाने के लिए हर गतिविधि को सटीक रूप से ट्रैक करना अनिवार्य होता है।
इन-हाउस आर्किटेक्चर और छह से सात अंकों के बड़े सौदे
रीस्टेट की सबसे बड़ी तकनीकी खासियत इसका अनोखा डिजाइन है। बाहरी डेटाबेस पर निर्भर रहने के बजाय इस कंपनी ने अपना खुद का स्टोरेज, रेप्लिकेशन और रिडंडेंसी लेयर तैयार किया है। स्वतंत्र रूप से बने इस आंतरिक ढांचे की बदौलत यह सिस्टम बेहद तेज और हल्का बना रहता है। जहां कई पारंपरिक संस्थान भारी-भरकम वर्कफ्लो के लिए भारी सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं, वहीं यह प्लेटफॉर्म कम लागत और अधिक दक्षता के साथ वही मजबूती मुहैया कराता है। इस तकनीकी बढ़त की बदौलत कंपनी ने पिछले कुछ महीनों में छह और सात अंकों के कई बड़े ग्राहक समझौते किए हैं। उच्च स्तरीय ग्राहकों में वाइब कोडिंग प्लेटफॉर्म रेप्लिट के अलावा फॉर्च्यून 500 सूची की कई वित्तीय कंपनियां भी शामिल हैं। ग्राहकों का बुनियादी लक्ष्य यही है कि बीच प्रक्रिया में कोई बाधा आए, तो सिस्टम खुद को बिना मानवीय दखल के दोबारा जोड़ ले।
दिग्गज प्रतिद्वंद्वी से मुकाबला और संस्थापकों का पुराना अनुभव
नया पूंजी निवेश मिलने के बाद कंपनी सीधे तौर पर इस क्षेत्र की बड़ी खिलाड़ी टेंपोरल से मुकाबला करने की तैयारी में है। 2019 में शुरू हुई टेंपोरल ने इस महीने की शुरुआत में 12.55 बिलियन डॉलर के मूल्यांकन पर 550 मिलियन डॉलर का सीरीज ई राउंड जुटाया था। आकार में काफी छोटी होने के बावजूद यह नई कंपनी अपनी गति और नए आर्किटेक्चर के दम पर बाजार में जगह बना रही है। इस तकनीकी समझ के पीछे संस्थापकों का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड है। रीस्टेट शुरू करने से पहले स्टीफन इवेन लोकप्रिय ओपन-सोर्स स्ट्रीम-प्रोसेसिंग फ्रेमवर्क अपाचे फ्लिंक के सह-निर्माता रहे थे और बाद में डेटा आर्टिसंस के मुख्य तकनीकी अधिकारी बने। जब 2019 में अलीबाबा ने डेटा आर्टिसंस का अधिग्रहण कर उसका नाम बदलकर वरवेरिका किया, तब इवेन वहां तीन साल तक सीटीओ पद पर रहे। वरवेरिका और डेटा आर्टिसंस के उनके पूर्व सहयोगी इगल शिलमैन तथा टिल रोहरमैन भी रीस्टेट के सह-संस्थापक हैं।
सैन फ्रांसिस्को में विस्तार और आने वाले समय की रूपरेखा
कंपनी इस नई पूंजी का उपयोग अपनी गो-टू-मार्केट टीम को मजबूत करने, अधिक सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को जोड़ने और सैन फ्रांसिस्को बे एरिया में अपने कार्यालय का विस्तार करने के लिए करेगी। इससे कंपनी अपने मौजूदा और भावी अमेरिकी ग्राहकों के करीब रह सकेगी। तकनीकी जगत के बाहर भी इस तरह के टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत तेजी से महसूस की जा रही है। संस्थापकों का मानना है कि आने वाले कुछ वर्षों में यह तकनीक डेटाबेस जितनी ही आम और अपरिहार्य बन जाएगी, जिसका उपयोग कंपनी के आकार या उसके उद्योग से परे हर संस्थान को करना पड़ेगा।



















