प्रशांत महासागर के भीतर एक खतरनाक समुद्री हलचल तेज हो गई है, जो अमेरिकी तटों की तरफ बढ़ते हुए भारी तबाही लाने की तैयारी में है। ईपी 95 नाम से पहचाना जा रहा यह सिस्टम अब मेक्सिको के रास्ते होते हुए कैलिफोर्निया के इलाकों तक अपना विकराल रूप दिखा सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने इसे लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है क्योंकि इसके समुद्री तूफान में तब्दील होने की आशंका बहुत अधिक बढ़ गई है।
48 घंटों के भीतर खतरनाक रूप लेने की संभावना
अमेरिकी राष्ट्रीय तूफान केंद्र की ओर से सामने आई जानकारियों के मुताबिक, आगामी 48 घंटों के अंतराल में इस सिस्टम के एक प्रचंड चक्रवात में बदलने की संभावना 90 प्रतिशत तक है। वर्तमान में यह तूफान मेक्सिको के समुद्री तटों से खासी दूरी बनाते हुए उत्तर और पश्चिम दिशा की ओर बहुत तेजी से आगे की तरफ बढ़ रहा है। यदि यह वायुमंडलीय सिस्टम पूरी तरह विकसित होता है, तो शुरुआती चरण में यह एक ट्रॉपिकल डिप्रेशन का रूप लेगा जिसमें हवाएं करीब 61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। इसके बाद जब हवा की गति 63 से 117 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच पहुंचती है, तब इसे ट्रॉपिकल स्टॉर्म कहा जाता है। गति के और अधिक तीव्र होने पर, यानी जब यह 119 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे ऊपर निकल जाती है, तब इसे आधिकारिक तौर पर हरिकेन की श्रेणी में रखा जाता है।
दक्षिणी कैलिफोर्निया में मचा हड़कंप
मौसम से जुड़े जानकारों के बयानों ने अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया क्षेत्र में गहरी चिंता और खलबली पैदा कर दी है। यदि कंप्यूटर आधारित मौसम पूर्वानुमानों के शुरुआती आकलन सटीक साबित होते हैं, तो यह हफ्ता बीतते-बीतते बेहद भयानक चक्रवात में बदल सकता है। इसके बाद बिना रुके सीधे दक्षिणी कैलिफोर्निया के तटीय हिस्सों की ओर रुख करने की इसकी पूरी आशंका है जिससे भारी पैमाने पर जानमाल के नुकसान का खतरा मंडरा रहा है।
भयंकर बारिश और बाढ़ का खतरा
विख्यात मौसम विज्ञानियों का मानना है कि आने वाले सात दिनों के भीतर यह चक्रवाती तूफान भयंकर तबाही का मुख्य कारक बन सकता है। मौसम के बदलते समीकरणों को दर्शाने वाले मॉडल यह बता रहे हैं कि गुरुवार तक यह सिस्टम बाजा कैलिफोर्निया के तट के बेहद करीब पहुंचकर एक डरावना रूप धारण कर लेगा। अनुमान जताया जा रहा है कि शुक्रवार अथवा शनिवार के दौरान यह चक्रवात अपनी पूरी विनाशक ताकत बटोर लेगा। हालांकि जब यह कैलिफोर्निया के तट से टकराएगा, उस समय इसकी तीव्र गति में भले ही मामूली कमी दर्ज हो, लेकिन इसके प्रभाव से क्षेत्र में मूसलाधार बारिश, असहनीय उमस और गंभीर बाढ़ जैसी विकट परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।
महासागर का गर्म पानी और अल-नीनो का असर
इस खतरनाक चक्रवात के तेजी से पनपने के पीछे समंदर के बढ़ते तापमान और अल-नीनो की विनाशकारी स्थिति को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। जलवायु विज्ञान से जुड़े जानकारों का कहना है कि लॉस एंजिल्स के तटीय इलाकों के आसपास समुद्र का पानी सामान्य से 5 से 10 डिग्री सेल्सियस तक अधिक गर्म हो चुका है। पानी की यह अत्यधिक गर्मी ऐसे चक्रवातों को ऊर्जा प्रदान करने के लिए एक ईंधन का कार्य करती है। यह सब सुपर अल-नीनो के प्रभाव के कारण हो रहा है, जिसके बारे में आशंका जताई जा रही है कि यह 2026 से 2027 के दौरान और ज्यादा भयानक रूप धारण कर सकता है और इसकी संभावना 90 प्रतिशत से अधिक है।
समुद्र में ऊंची लहरें और तट रक्षकों का पहरा
एक तरफ जहां ईपी 95 नामक नया संकट आकार ले रहा है, वहीं दूसरी तरफ श्रेणी 3 का शक्तिशाली हरिकेन करीना भी समुद्र के भीतर तबाही मचा रहा है, जहां इसकी हवाओं की गति 125 मील प्रति घंटे तक दर्ज की गई है। इस चक्रवात के असर से मेक्सिको और लॉस एंजिल्स के तटीय क्षेत्रों में बेहद आक्रामक और ऊंची लहरें उठ रही हैं। एहतियात के तौर पर सभी समुद्री तटों पर हाई-अलर्ट घोषित कर दिया गया है। अब हर किसी की निगाहें राष्ट्रीय तूफान केंद्र की तरफ से जारी होने वाले आधिकारिक बुलेटिन पर टिकी हुई हैं ताकि यह साफ हो सके कि क्या यह नया चक्रवात कैलिफोर्निया के इतिहास का सबसे बड़ा जलजला साबित होगा।



















