अमेरिका के एरिजोना स्थित ग्रैंड कैन्यन के ब्राइट एंजेल कैन्यन और फैंटम रेंच क्षेत्र में अचानक आई भयंकर बाढ़ के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। अमेरिकी नेशनल पार्क सर्विस से मिली जानकारी के मुताबिक इस आपदा के बाद से 20 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों से अपील की है कि यदि किसी के पास भी ऐसे हाइकर्स या बैकपैकर्स की कोई जानकारी है जो 29 अगस्त को ब्राइट एंजेल क्रीक कॉरिडोर के भीतरी हिस्से में मौजूद थे, तो वे तुरंत नेशनल पार्क सर्विस की इन्वेस्टिगेटिव सर्विसेज ब्रांच को इसकी सूचना दें।
रेस्क्यू ऑपरेशन और सुरक्षित निकाले गए लोग
पार्क अधिकारियों के हवाले से सामने आया है कि एरिजोना डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक सेफ्टी के साथ मिलकर युद्धस्तर पर बचाव और निकासी अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रभावित क्षेत्र में फंसे हर एक व्यक्ति की खैरियत का पता लगाया जा सके। राहत कार्यों के तहत 30 अगस्त की सुबह तक फैंटम रैंच और लोअर नॉर्थ काइबाब ट्रेल इलाके से कुल 62 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिल चुकी है।
राहत शिविर और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षित बचाए गए सभी नागरिकों को साउथ रिम स्थित मैस्विक लॉज कैफेटेरिया पहुंचाया जा रहा है, जहां अमेरिकन रेड क्रॉस की टीम उनकी लगातार सहायता कर रही है। राहत की बात यह है कि ताजा उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस घटना में अभी तक किसी के भी हताहत होने या घायल होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। हालांकि, अचानक आए इस सैलाब ने ब्राइट एंजेल कैन्यन के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर दिया है। ब्राइट एंजेल क्रीक पर बने पैदल यात्रियों के लगभग सभी पुल पानी के तेज बहाव में बह गए हैं, जिसकी वजह से ट्रेकर्स और सैलानियों के लिए नदी पार करना पूरी तरह असंभव हो गया है।
मौसम का खतरा और प्रशासन की चेतावनी
पार्क के कर्मचारी लगातार ट्रेल्स, पुलों, बिजली-पानी की आपूर्ति लाइनों, इमारतों और अन्य बुनियादी संरचनाओं को पहुंचे नुकसान का आकलन करने में जुटे हुए हैं। इस बीच मौसम विभाग ने सोमवार के लिए क्षेत्र में आंधी और भारी बारिश का नया अलर्ट जारी कर दिया है, जिससे प्रशासनिक चिंताएं और बढ़ गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस खराब मौसम के कारण दोबारा फ्लैश फ्लड आने, मलबे का बहाव होने, चट्टानें दरककर गिरने तथा ट्रेल्स व नदी के जलस्तर में अचानक उतार-चढ़ाव का बड़ा खतरा बना हुआ है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने लोगों को पूरी तरह सतर्क रहने और इन संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है, क्योंकि बचाव अभियान अभी भी लगातार जारी है।



















