अमेरिकी प्रशासन की ओर से दुनिया भर में स्थित अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में वीज़ा इंटरव्यू के अपॉइंटमेंट रोक दिए गए हैं या उनके तय समय में बदलाव किया गया है। विदेश विभाग द्वारा शुरू किए गए एक वैश्विक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत यह निर्णय लिया गया है। इस कदम का सीधा असर उन तमाम विदेशी नागरिकों पर पड़ेगा जो अमेरिका का इमिग्रेंट वीज़ा हासिल करने की प्रक्रिया में शामिल हैं और अपने साक्षात्कार की तारीख का इंतजार कर रहे थे।
ग्लोबल ट्रेनिंग प्रोग्राम बना मुख्य कारण
विदेश विभाग के अनुसार, सभी विदेशी राजनयिक केंद्रों पर अधिकारियों के लिए एक नया प्रशिक्षण ढांचा लागू किया जा रहा है। इसी ट्रेनिंग को संचालित करने के उद्देश्य से वीज़ा सेवाओं के शेड्यूल में यह फेरबदल किया गया है। प्रशासन ने फिलहाल इस बात की कोई स्पष्ट समय सीमा तय नहीं की है कि यह अस्थायी रोक या बदलाव कितने दिनों तक जारी रहेगा। आवेदकों को नए स्लॉट की जानकारी बाद में दी जाएगी।
आवेदकों की सख्त जांच का लक्ष्य
इस नए प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य कॉन्सुलर अधिकारियों को विशेष तौर पर प्रशिक्षित करना है। इसके जरिए अधिकारी यह पहचान करने में सक्षम होंगे कि कौन से आवेदक भविष्य में अमेरिकी सरकारी सुविधाओं या सार्वजनिक सहायता पर निर्भर हो सकते हैं। प्रशासन का मानना है कि इस प्रक्रिया से दुनिया भर के सभी दूतावासों में वीज़ा आवेदनों का मूल्यांकन अधिक व्यापक, निष्पक्ष और एकसमान मानकों के आधार पर सुनिश्चित किया जा सकेगा।
ईमेल के जरिए मिल रही पुनर्निर्धारण की सूचना
जिन विदेशी नागरिकों ने पहले से इमिग्रेंट वीज़ा इंटरव्यू के लिए अपॉइंटमेंट बुक कर रखे थे, उन्हें दूतावासों की तरफ से आधिकारिक ईमेल भेजे जा रहे हैं। इन संदेशों में स्पष्ट किया गया है कि उनके इंटरव्यू का समय स्थगित कर दिया गया है और नई तिथियों का निर्धारण होने पर उन्हें दोबारा सूचित किया जाएगा। इससे कई आवेदकों की यात्रा और इमिग्रेशन योजनाओं पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।
सख्त इमिग्रेशन नीतियों का हिस्सा
यह पूरा घटनाक्रम डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक इमिग्रेशन और डिपोर्टेशन अभियान से जुड़ा हुआ है। प्रशासन लगातार वीज़ा नियमों को कड़ा करने, मौजूदा ग्रीन कार्ड और वीज़ा को रद्द करने तथा विभिन्न कानूनी आधारों पर आवेदनों को खारिज करने की आक्रामक नीति अपना रहा है। दूतावासों में प्रशिक्षण का यह नया चरण इसी कड़े रुख का एक अगला कदम माना जा रहा है।



















