स्विट्जरलैंड में पाकिस्तानी नेताओं से मुलाकात के बाद जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा कि "हम पाकिस्तान से प्यार करते हैं", तो वॉशिंगटन में उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी के भीतर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। दो रिपब्लिकन सीनेटरों ने खुलकर असहमति जताई और कहा कि पाकिस्तान और कतर का आतंकवाद को शरण देने का लंबा इतिहास है, जिसे अमेरिकी प्रशासन को आंखों से ओझल नहीं करना चाहिए।
रिक स्कॉट की दो-टूक चेतावनी
सोमवार को सीनेटर रिक स्कॉट ने X पर पोस्ट करते हुए साफ लिखा कि अब तक हर किसी को यह समझ आ जाना चाहिए कि अमेरिका के असली दोस्त कौन हैं। स्कॉट ने लिखा, "कतर और पाकिस्तान का आतंकवादियों को पनाह देने का लंबा इतिहास रहा है, और अभी वे सार्थक शांति हासिल करने के बजाय ईरान के दशकों पुराने आतंकी अभियान को बढ़ावा देने में कहीं ज़्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं।"
हालांकि स्कॉट ने बातचीत का दरवाज़ा पूरी तरह बंद नहीं किया। उन्होंने कहा कि एक व्यावहारिक समझौते की गुंजाइश अभी भी बाकी है जिससे सभी पक्षों को फायदा हो, लेकिन एक बात एकदम तय है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की क्षमता हासिल करने की कोई भी संभावना स्वीकार नहीं की जाएगी।
टिम शीही ने बिन लादेन का इतिहास याद दिलाया
मोंटाना के सीनेटर टिम शीही ने फॉक्स न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में पाकिस्तान पर और भी तीखे शब्दों में निशाना साधा। शीही ने अल-कायदा नेता ओसामा बिन लादेन का नाम लेते हुए कहा, "पाकिस्तान को लेकर हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि इसी पाकिस्तान ने एक दशक तक ओसामा बिन लादेन को छिपाकर रखा था और ISI के ज़रिए अयातुल्ला को फंड दिया था।" साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कतर दशकों से आतंकवादी संगठनों के लिए मनी लॉन्ड्रिंग करता रहा है।
UAE, इज़राइल और सऊदी अरब को वार्ता में लाने की मांग
शीही ने तर्क दिया कि अगर पाकिस्तान और कतर बातचीत की मेज पर जगह पा रहे हैं, तो अमेरिका को UAE, इज़राइल और सऊदी अरब को भी इसमें शामिल करना चाहिए। उन्होंने इन तीनों देशों को मध्य पूर्व में अमेरिका के असली और भरोसेमंद सहयोगी बताया।
शीही ने अपनी बात में कड़े लहजे का इस्तेमाल करते हुए कहा, "पाकिस्तानियों ने ISI के ज़रिए हमारे खिलाफ विद्रोह को फंड किया और बिन लादेन को छिपाया। इसलिए यह मान लेना कि वे यहां निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभाएंगे, मुझे सही नहीं लगता। मुझे लगता है कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम UAE और इज़राइल के साथ पूरी मजबूती से खड़े रहें, क्योंकि चाहे कुछ भी हो, वे इस क्षेत्र में हमारे सबसे आगे रहने वाले सहयोगी होंगे।"
वेंस का 'पसंदीदा पाकिस्तानी' वाला बयान
दरअसल इस पूरे विवाद की जड़ वेंस का वो बयान था जो उन्होंने रविवार को हल्के-फुल्के अंदाज़ में दिया था। वेंस ने कहा कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर उनके दो "पसंदीदा" लोगों में से एक हैं। वेंस के शब्दों में, "जब से फील्ड मार्शल मुनीर ने इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री के साथ हमारा स्वागत किया है, तब से मैं मज़ाक में कहता रहा हूं कि मेरी ज़िंदगी में दो बहुत-बहुत महत्वपूर्ण लोग हैं, जिसमें से एक भारतीय और एक पाकिस्तानी हैं। भारतीय तो मेरी पत्नी हैं, और दूसरे पाकिस्तानी फील्ड मार्शल मुनीर हैं।"
वेंस ने यह भी बताया कि पिछले तीन महीनों में उन्होंने मुनीर से किसी और के मुकाबले ज़्यादा बात की है। गौरतलब है कि वेंस उस वक्त पाकिस्तान और कतर के नेताओं के साथ ईरान के साथ शांति समझौते की तकनीकी बारीकियों पर चर्चा कर रहे थे।













