जब भीड़ पर चल गईं गोलियां
शिकागो की सड़कों पर शुक्रवार की रात तब हड़कंप मच गया जब एक SUV वहां आकर रुकी जहां लोगों की भीड़ जमा थी। पुलिस के मुताबिक उस गाड़ी में बैठे दो लोगों ने अचानक भीड़ पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। हमला इतना अचानक था कि लोगों को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला और वे जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
12 घायल, दो की हालत नाजुक
इस हमले में कुल 12 लोगों को गोली लगी, जिनमें 8 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल हैं। घायलों में सबसे कम उम्र 17 साल और सबसे ज्यादा 47 साल है। सभी को शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बताया कि दो पुरुषों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
जांच में पता चला कि पुलिस को शुरू में सिर्फ एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर एक महिला की पीठ में दो गोलियां लगी मिलीं, जबकि एक पुरुष की पीठ पर चार छर्रे के निशान पाए गए। इन दोनों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। एक और घायल व्यक्ति ने मौके पर ही इलाज कराने से इनकार कर दिया।
हमलावर फरार, कोई गिरफ्तारी नहीं
फायरिंग के फौरन बाद दोनों हमलावर उसी SUV में बैठकर मौके से भाग निकले। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और जांच शुरू कर दी। लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और यह भी साफ नहीं हो पाया है कि हमले की असली वजह क्या थी।
एक दिन में 21 लोग गोलियों के शिकार, चार की मौत
शिकागो पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक उस शुक्रवार की शाम से शुरू हुई हिंसा में शहर भर में कुल 21 लोगों को गोली मारी गई। इनमें से चार लोगों की जान चली गई। इस ताज़ा वारदात ने शहर में लगातार बढ़ रही गन वायलेंस पर एक बार फिर गहरी चिंता पैदा कर दी है।
जूनटींथ के जश्न पर पड़ी हिंसा की काली छाया
यह शूटिंग उस दिन हुई जब पूरे अमेरिका में जूनटींथ का राष्ट्रीय अवकाश मनाया जा रहा था। यह पर्व देश में गुलामी के अंत की याद में मनाया जाता है। उसी दिन पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और मिशेल ओबामा ने शिकागो में अपने नए राष्ट्रपति केंद्र में पहली बार विजिटर्स का स्वागत किया था।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और गन हिंसा पीड़ितों के समर्थक पादरी डोनोवन प्राइस ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा:
आज जश्न मनाने का दिन था, लेकिन पटाखों की जगह गोलियों की आवाज सुनाई दी। यह बेहद दुखद है।













