अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता प्रयासों में केवल खाड़ी मुल्कों की सराहना किए जाने और पाकिस्तान का नाम न लेने पर इस्लामाबाद की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता राजदूत ताहिर अंद्राबी ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका देश दोनों पक्षों के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए है और शांति प्रक्रिया में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अलग-अलग देश नेतृत्व करते हैं, लेकिन व्यापक स्तर पर देखें तो पाकिस्तान, कतर और अन्य साझेदार देशों की कोशिशें एक संगठित और साझा प्रयास का हिस्सा हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य संकट और सहूलियत देने वाली भूमिका
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से जब पत्रकारों ने ट्रंप के वक्तव्य में पाकिस्तान का जिक्र न होने पर सवाल किया, तो अंद्राबी ने स्थिति की व्याख्या की। उन्होंने बताया कि हालिया तनाव विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न हुए गतिरोध से संबंधित था। ऐसी परिस्थितियों में किसी तीसरे पक्ष का मुख्य कार्य दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता खोलना और संवाद के लिए सहूलियत प्रदान करना होता है। अंद्राबी के अनुसार, अचानक उपजे गंभीर संकटों में समाधान तक पहुंचने के लिए संवाद को गति देना ही सबसे महत्वपूर्ण कारक बन जाता है।
मध्यस्थता और त्वरित संकट प्रबंधन में अंतर
ताहिर अंद्राबी ने कूटनीतिक शब्दावली की स्पष्ट व्याख्या करते हुए मध्यस्थता और सुविधा प्रदाता की भूमिकाओं के बीच अंतर रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि औपचारिक मध्यस्थता की आवश्यकता तब पड़ती है जब दीर्घकालिक और जटिल विवादों पर लगातार चर्चा की जरूरत हो। इसके विपरीत, होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अचानक पैदा होने वाले गतिरोधों और आपातकालीन संकटों में बात को आगे बढ़ाने वाली मददगार भूमिका अधिक प्रासंगिक होती है। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान का योगदान केवल किसी एक घटना या अल्पकालिक चरण तक सीमित नहीं है। पाकिस्तान लंबे समय से चले आ रहे विवादों में मध्यस्थ बन सकता है, जबकि त्वरित संकट के समय उसका प्राथमिक ध्यान वार्ता का माहौल सुगम बनाने पर रहता है।
कतर और ओमान के साथ संयुक्त कूटनीतिक प्रयास
अपने वक्तव्य में पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कतर के साथ रणनीतिक साझेदारी और प्रस्तावित तकनीकी स्तर की वार्ता के ढांचे का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की प्रक्रिया में पाकिस्तान और कतर मिलकर काम कर रहे हैं। इस पूरे ढांचे में कई मित्र देशों की सहभागिता शामिल है। इसके साथ ही अंद्राबी ने ओमान की कूटनीतिक पहलों की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र से भौगोलिक रूप से जुड़े होने के कारण ओमान ने इस संवेदनशील मामले में अत्यंत सकारात्मक और सराहनीय कार्य किया है। पाकिस्तान आने वाले समय में भी अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के इन प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाता रहेगा।



















