असम में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए वंतारा फाउंडेशन ने राज्य में तीन जंगली जानवर बचाव और पुनर्वास केंद्र स्थापित करने की पेशकश की है। फाउंडेशन ने 12 अगस्त को असम वन विभाग को इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव सौंपा। इस पूरी परियोजना का वित्तीय बोझ फाउंडेशन स्वयं उठाएगा, जिससे राज्य के सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य असम में संकटग्रस्त और घायल पशुओं को तुरंत बेहतर इलाज और सुरक्षित आश्रय प्रदान करना है।
आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और एशियाई हाथियों के लिए विशेष केंद्र
प्रस्तावित योजना के तहत तीन केंद्रों में से एक केंद्र पूरी तरह से एशियाई हाथियों के संरक्षण, चिकित्सा और दीर्घकालिक देखभाल के लिए समर्पित होगा। असम में मानव-हाथी संघर्ष और प्राकृतिक आवास के सिमटने को देखते हुए हाथियों के लिए विशेष चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। यह समर्पित केंद्र हाथियों की शारीरिक और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के अनुसार विशेष रूप से तैयार किया जाएगा।
इन तीनों केंद्रों में विभिन्न प्रजातियों की जरूरतों के अनुकूल विशेष आवास बनाए जाएंगे। इसके अलावा, परिसरों में उन्नत पशु चिकित्सा अस्पताल, आधुनिक नैदानिक प्रयोगशालाएं और पशु पोषण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन आधुनिक सुविधाओं की मदद से बीमार, घायल या संकट में फंसे जानवरों की सटीक जांच, त्वरित शल्य चिकित्सा और उचित खान-पान का प्रबंधन आसानी से किया जा सकेगा।
राज्य सरकार का मार्गदर्शन और बिना किसी शर्त के हस्तांतरण
यह पूरी परियोजना निजी स्तर पर वित्तपोषित होगी, लेकिन प्रत्येक केंद्र के स्थान, आकार और डिजाइन का अंतिम फैसला असम वन विभाग के साथ परामर्श के बाद ही तय किया जाएगा। तीनों केंद्र पूरी तरह से राज्य सरकार और वन विभाग की देखरेख और प्रशासनिक मार्गदर्शन में काम करेंगे, ताकि स्थानीय संरक्षण प्राथमिकताओं के अनुसार काम हो सके।
फाउंडेशन ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य और उपकरण लगाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन सभी सुविधाओं को बिना किसी वित्तीय या कानूनी शर्त के राज्य सरकार को सौंप दिया जाएगा। इस व्यवस्था से असम सरकार को बिना किसी शुरुआती पूंजीगत लागत के अंतरराष्ट्रीय स्तर के वन्यजीव बचाव केंद्र मिल जाएंगे।
आधिकारिक पत्र और मुख्यमंत्री की सराहना
वंतारा के संस्थापक अनंत अंबानी की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विवान कराणी ने इस प्रस्ताव पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि यह कदम असम में वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के इरादे से उठाया गया है। विवान कराणी ने लिखा,
"वंतारा राज्य वन विभाग के मार्गदर्शन और पर्यवेक्षण के तहत असम राज्य में तीन जंगली जानवर बचाव और पुनर्वास केंद्र स्थापित करने में सहायता करने का प्रस्ताव रखता है।"
इस पहल का स्वागत करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने वंतारा फाउंडेशन और अनंत अंबानी के प्रति आभार जताया। मुख्यमंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में वन्यजीवों की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति फाउंडेशन की प्रतिबद्धता की सार्वजनिक रूप से सराहना की।



















