राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित झारखंड भवन में तकनीकी खराबी के चलते एक गंभीर दुर्घटना सामने आई है। यहां रुकी लिफ्ट में पलामू के पूर्व सांसद घूरन राम के परिजन लंबे समय तक बंद रह गए। लिफ्ट के भीतर दम घुटने और काफी देर तक फंसे रहने की वजह से परिवार के 6 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। स्थिति गंभीर होते ही तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया और लिफ्ट से बाहर निकाल कर सभी को नजदीकी चिकित्सा केंद्र भेजा गया।
रेस्क्यू के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए परिजन
लिफ्ट में खराबी आने की सूचना मिलते ही बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर मशक्कत के बाद सभी फंसे हुए लोगों को सकुशल बाहर निकाला। अचेत अवस्था में मिले परिजनों को तुरंत बसंत विहार स्थित होली एंजिल्स अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों की देखरेख में सभी का उपचार शुरू हुआ, जहां पूर्व सांसद का बेटा अब भी भर्ती है और बाकी सदस्यों का इलाज जारी है।
घटना के बाद परिसर में भारी हंगामा और आक्रोश
अपने परिजनों के लिफ्ट में फंसने और उनके बेहोश होने की सूचना मिलते ही पूर्व सांसद घूरन राम का आक्रोश फूट पड़ा। भवन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आरोप है कि इस दौरान उन्होंने झारखंड भवन के अंदर तोड़फोड़ भी की। अचानक हुए इस घटनाक्रम से वहां ठहरे अन्य लोगों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया।
झारखंड भवन की व्यवस्था और रखरखाव पर सवाल
घूरन राम झारखंड के पलामू संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और उनका परिवार दिल्ली यात्रा के दौरान इसी सरकारी अतिथि गृह में ठहरा हुआ था। इस हादसे के बाद झारखंड भवन में लिफ्ट के तकनीकी रखरखाव, सुरक्षा मानकों और आपातकालीन प्रणालियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर लंबे समय तक लिफ्ट कैसे अटकी रही और समय पर बैकअप व्यवस्था क्यों सक्रिय नहीं हुई।


















