ऑस्ट्रेलियाई वित्तीय प्रणाली और घरेलू क्षेत्र व्यापक आर्थिक सुस्ती तथा आवासीय संपत्तियों के मूल्यों में आने वाली कमी को झेलने के लिए मजबूत स्थिति में बने हुए हैं। रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया ने अपनी हालिया वित्तीय स्थिरता समीक्षा में स्पष्ट किया है कि परिवारों और उद्यमों की बैलेंस शीट कुल मिलाकर काफी सुदृढ़ है। यद्यपि कुछ क्षेत्रों में नकदी प्रवाह और बढ़ती लागतों को लेकर तनाव देखा जा रहा है, लेकिन अधिकांश कर्जदार और वित्तीय संस्थान किसी भी गंभीर झटके को समाहित करने की क्षमता रखते हैं।
मकानों के गिरते दाम और गिरवी ऋणों की स्थिति
आवासीय बाजार में संभावित गिरावट के असर का विस्तृत मूल्यांकन करते हुए बैंक ने बताया कि यदि मकानों के दाम में बीस प्रतिशत की अतिरिक्त गिरावट भी दर्ज की जाती है, तब भी केवल पांच प्रतिशत गिरवी ऋण ही ऐसे होंगे जहां संपत्ति का मूल्य बकाया कर्ज से कम रह जाएगा। वर्तमान परिदृश्य में नकारात्मक इक्विटी में फंसे कर्जदारों की संख्या एक प्रतिशत से भी कम है। देश के वाणिज्यिक बैंक आवासीय बाजार में किसी भी बड़े नुकसान या महत्वपूर्ण गिरावट को बिना किसी वित्तीय संकट के सहन करने में समर्थ हैं।
खुद के मकान में रहने वाले उन कर्जदारों की हिस्सेदारी लगभग दो प्रतिशत के निचले स्तर पर बनी हुई है जो नकदी प्रवाह की कमी का सामना कर रहे हैं। हालांकि ऋण अदायगी में चूक की दरें समग्र रूप से बहुत कम हैं, लेकिन बढ़ती जीवन लागत और कर्ज की किस्तों के कारण कुछ विशेष तबकों में दबाव जरूर देखने को मिल रहा है। इसके बावजूद समग्र घरेलू बैलेंस शीट का आधारभूत ढांचा पहले की तरह टिकाऊ बना हुआ है।
कारोबारियों पर लागत का दबाव और निजी ऋण का दायरा
वाणिज्यिक क्षेत्र के संदर्भ में अधिकांश कारोबारी बढ़ी हुई उत्पादन लागत और ब्याज दरों का प्रबंधन करने में कामयाब रहे हैं। इनमें से कई फर्में इस बढ़ी हुई लागत का एक हिस्सा अपने ग्राहकों पर डालने में सक्षम रही हैं। दूसरी ओर, ऊर्जा की अत्यधिक खपत करने वाले उद्यमों और अपेक्षाकृत छोटे कारोबारियों के लिए नकदी प्रवाह का दबाव आने वाले समय में बढ़ सकता है।
देश में निजी ऋण यानी प्राइवेट क्रेडिट का दायरा हाल के दिनों में काफी तेजी से बढ़ा है, लेकिन समग्र वित्तीय प्रणाली के आकार की तुलना में यह अब भी अपेक्षाकृत छोटा है। यही कारण है कि यह ऑस्ट्रेलियाई वित्तीय स्थिरता के लिए फिलहाल कोई बड़ा जोखिम नहीं बना है। बैंक ने इस बात को रेखांकित किया है कि कर्ज देने के मानक पूरी तरह मजबूत बने हुए हैं और अत्यधिक जोखिम भरे उधार पर जरूरी नियंत्रण कायम रखा गया है।
वैश्विक वित्तीय बाजारों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में जोखिम
घरेलू प्रणाली के लचीले होने के बावजूद स्थानीय वित्तीय स्थिरता के लिए सबसे बड़े खतरे अंतरराष्ट्रीय स्तर से पैदा हो रहे हैं। वैश्विक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI क्षेत्र में पूंजी का प्रवाह लगातार अधिक अपारदर्शी और चक्रीय होता जा रहा है, जिससे भविष्य में मुनाफे को लेकर निवेशकों की उम्मीदें टूटने का अंदेशा गहरा गया है। बॉन्ड्स और AI से जुड़े शेयरों में लीवरेज्ड यानी उधार लेकर निवेश करने वालों की बढ़ती तादाद ने बाजार की अस्थिरता को बढ़ा दिया है।
दुनिया भर के बाजारों में परिसंपत्तियों की अत्यधिक ऊंची कीमतें और भारी लीवरेज की स्थिति वैश्विक वित्तीय तंत्र को किसी भी अचानक झटके या तीव्र गिरावट के प्रति संवेदनशील बना रही है। बाहरी अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव कभी भी घरेलू बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
नीतिगत उपकरण और मुद्रा बाजार का समीकरण
रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया देश में ब्याज दरों का निर्धारण करता है और मौद्रिक नीति का संचालन करता है। बैंक का संचालन मंडल वर्ष में ग्यारह नियमित बैठकें करता है और आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन बैठकें भी आयोजित की जाती हैं। बैंक का मुख्य अधिदेश दो से तीन प्रतिशत की मुद्रास्फीति दर के साथ मूल्य स्थिरता बनाए रखना, मुद्रा की स्थिरता सुनिश्चित करना, पूर्ण रोजगार को बढ़ावा देना और ऑस्ट्रेलियाई जनता के आर्थिक कल्याण में योगदान देना है।
आर्थिक चक्र में जब ब्याज दरों में कटौती से पर्याप्त ऋण प्रवाह नहीं बन पाता, तब अत्यधिक संकट की स्थितियों में क्वांटिटेटिव ईजिंग का सहारा लिया जाता है। इसके तहत वित्तीय संस्थानों से सरकारी या कॉर्पोरेट बॉन्ड्स खरीदकर नकदी डाली जाती है, जिससे अक्सर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी AUD पर दबाव आता है। इसके विपरीत आर्थिक सुधार और बढ़ती महंगाई के समय क्वांटिटेटिव टाइटनिंग के तहत बैंक बॉन्ड्स की नई खरीदारी रोक देता है और परिपक्व होने वाले मूलधन का पुनर्निवेश बंद कर देता है, जो मुद्रा के लिए सकारात्मक माना जाता है।
मुद्रा बाजारों और जिंसों का ताजा रुख
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजारों में AUD/USD दो महीने के निचले स्तर के करीब 0.6900 के मध्य दायरे में बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती के कारण यह दबाव देखा जा रहा है। अगस्त में ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष तेजी से घटकर 495 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर रह गया, हालांकि इस आंकड़े का मुद्रा जोड़ी पर सीमित असर रहा।
उधर USD/JPY अपने साप्ताहिक दायरे के शीर्ष पर 158.00 से ऊपर कारोबार कर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी मुद्रा को समर्थन मिल रहा है। सोने के बाजार में भी सुस्ती रही और यह 4,150 डॉलर प्रति औंस के आसपास संघर्ष करता दिखा, जो पिछले दिन के 4,220 डॉलर के स्तर से नीचे है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को लेकर निवेशक अब अपनी समयसीमा 28 अक्टूबर से बढ़ाकर 9 दिसंबर कर रहे हैं। अगस्त के व्यक्तिगत उपभोग व्यय यानी PCE मूल्य सूचकांक के साथ जारी वार्षिक आंकड़ों में जुलाई की मुख्य मुद्रास्फीति को 3.3 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर EUR/USD गिरकर मई 2025 के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गया है, जहां यह बुधवार को 1.1312 तक छूने के बाद जनवरी के 1.2082 के उच्चतम स्तर से काफी नीचे बना हुआ है।



















