रायपुर में बीमारी ठीक करने के बहाने महिला से 15 तोला सोना और नकदी ऐंठी, 3 फर्जी साधु फरारदिल्ली के झारखंड भवन में लिफ्ट अटकने से पूर्व सांसद घूरन राम के परिवार के 6 सदस्य हुए अचेत, परिसर में फूटा गुस्सावृश्चिक राशिफल 1 अक्टूबर: आर्थिक फैसलों में बरतें संयम, रिश्तों में धैर्य और सुनने की आदत से बनेगी बातअक्टूबर की शुरुआत में 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा, जानिए प्रमुख शहरों में नए दामअजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसड़क दुर्घटना के बाद घायलों की तुरंत पहचान और मदद के लिए इमरजेंसी क्यूआर कोड की नई शुरुआतऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में नरमी और घरों की कीमतों में गिरावट के बीच वित्तीय स्थिरता बरकरार: रिज़र्व बैंकसुबह के भोजन में प्रोटीन बढ़ाने के लिए बनाएं बेसन और पनीर का खास पराठारायगढ़ में जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र पर अवैध कॉलोनियों का निर्माण, 120 कब्जाधारियों को नोटिससर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्में
रायगढ़ में जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र पर अवैध कॉलोनियों का निर्माण, 120 कब्जाधारियों को नोटिसछत्तीसगढ़
1 अक्तू॰ 2026, 7:28 am (24 मिनट पहले)· 0

रायगढ़ में जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र पर अवैध कॉलोनियों का निर्माण, 120 कब्जाधारियों को नोटिस

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में कोकड़ी तराई जलाशय की अधिग्रहित जमीन पर अवैध प्लॉटिंग कर मकान खड़े कर दिए गए हैं, जिस पर प्रशासन ने 120 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए हैं।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जल संरक्षण के लिए अधिग्रहित की गई सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण का गंभीर मामला सामने आया है। कोकड़ी तराई जलाशय के डूब और कैचमेंट क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियां विकसित कर दी गई हैं। करीब 48 साल पहले किसानों से ली गई इस सरकारी भूमि पर भू-माफियाओं ने अवैध प्लॉटिंग का दायरा तेजी से बढ़ाया है, जिसके चलते वर्तमान में 10 एकड़ से अधिक रकबे पर पक्के मकान और भव्य इमारतें खड़ी हो चुकी हैं।

1978 में 108 किसानों से हुआ था 72.455 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण

इस पूरे मामले की जड़ें दशकों पुराने भूमि रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेजों से जुड़ी हैं। वर्ष 1978 में सरकार ने कोकड़ी तराई जलाशय के निर्माण और जल संचयन के उद्देश्य से चार गांवों कोकड़ीतराई, चिराईपानी, उच्चभिट्ठी और परसदा के कुल 108 किसानों से 72.455 हेक्टेयर भूमि का विधिवत अधिग्रहण किया था। विडंबना यह रही कि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद कई खसरों को आधिकारिक तौर पर जल संसाधन विभाग के नाम दर्ज नहीं कराया गया। सरकारी तंत्र की इसी लापरवाही और राजस्व रिकॉर्ड में मौजूद कमियों का फायदा उठाकर भू-माफियाओं ने इस अधिग्रहित जमीन के छोटे-छोटे टुकड़े कर अवैध खरीद-फरोख्त शुरू कर दी।

ये भी पढ़ें

2 लाख रुपये डिसमिल तक बिके प्लॉट और धड़ल्ले से हुआ निर्माण

मौके पर स्थिति यह है कि जलाशय के डूब क्षेत्र को व्यवस्थित रूप से आवासी प्लॉटों में बांट दिया गया है। कई हिस्सों में निर्माण कार्य तेजी से जारी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग मकान बनाकर वहां पहले ही बस चुके हैं। स्थानीय स्तर पर जमीन की मांग का फायदा उठाते हुए भू-माफियाओं ने एक डिसमिल जमीन के लिए 2 लाख रुपये तक की कीमत वसूली है। छोटे-छोटे भूखंडों के रूप में इस जमीन को बेचकर एक पूरी अनधिकृत बस्ती बसा दी गई है, जिससे जलाशय का प्राकृतिक जल भराव क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

दर्जनों गांवों की सिंचाई पर मंडराया संकट

कोकड़ी तराई जलाशय आज भी इलाके की कृषि व्यवस्था का एक अहम आधार है। इस जलाशय से उच्चभिट्ठी, कीरीतमल, चारभाठा, पंडरीपानी और आसपास के दर्जनों गांवों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचता है। बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद विशेष रूप से गर्मियों के दौरान किसान अपनी फसलों की सिंचाई के लिए पूरी तरह इसी जलाशय पर आश्रित रहते हैं। कैचमेंट एरिया में हो रहे अंधाधुंध कंक्रीट निर्माण की वजह से जलाशय की जल धारण क्षमता पर विपरीत असर पड़ने लगा है, जिससे स्थानीय किसानों में गहरी चिंता व्याप्त है।

जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के बाद 120 लोगों को जारी हुए कड़े नोटिस

मामले के तूल पकड़ने पर प्रशासनिक स्तर पर हलचल शुरू हुई है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी होमेश नायक ने स्पष्ट किया कि जलाशय की भूमि पर हुए अतिक्रमण और अनधिकृत प्लॉटिंग की पूरी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई है। इस अवैध गतिविधि में लिप्त और जमीन पर काबिज 120 से ज्यादा लोगों को कड़े नोटिस जारी किए गए हैं। वर्तमान में यह प्रकरण तहसील स्तर पर विचाराधीन है, जहां दस्तावेजों की पड़ताल और सुनवाई के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सवाल-जवाब

यह मामला किस जलाशय और किस जिले से संबंधित है?
यह मामला छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित कोकड़ी तराई जलाशय के डूब और कैचमेंट क्षेत्र से संबंधित है।
जलाशय के कितने हिस्से पर अवैध निर्माण हुआ है?
वर्तमान में जलाशय के 10 एकड़ से भी अधिक अधिग्रहित क्षेत्र पर अवैध मकान और प्लॉट बनाए गए हैं।
जलाशय के लिए जमीन का अधिग्रहण कब और कितने किसानों से किया गया था?
वर्ष 1978 में कोकड़ीतराई, चिराईपानी, उच्चभिट्ठी और परसदा गांव के 108 किसानों से कुल 72.455 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई थी।
जलाशय क्षेत्र में भू-माफिया किस दर पर प्लॉट बेच रहे थे?
भू-माफियाओं द्वारा एक डिसमिल जमीन 2 लाख रुपये तक की दर से बेची जा रही थी।
इस जलाशय से किन गांवों की खेतों में सिंचाई होती है?
इस जलाशय के पानी से उच्चभिट्ठी, कीरीतमल, चारभाठा, पंडरीपानी और आसपास के दर्जनों गांवों के खेतों की सिंचाई की जाती है।
प्रशासन ने अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
जल संसाधन विभाग ने विस्तृत जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपकर 120 से ज्यादा कब्जाधारियों को कड़े नोटिस जारी किए हैं, और मामला तहसील स्तर पर विचाराधीन है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp