गुवाहाटी में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के मंच से असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य की आपदा प्रबंधन नीति में एक बड़े बदलाव की घोषणा की। राज्य प्रशासन अब केवल तात्कालिक राहत सामग्री बांटने तक सीमित न रहकर एक व्यापक और दीर्घकालिक पुनर्वास योजना पर काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित परिवारों का तेजी से पुनर्वास करना और भविष्य की आपदाओं से निपटने के लिए राज्य की क्षमता को मजबूत बनाना है।
संपत्ति की बहाली और वित्तीय राहत के लिए कदम
आपदा से हुए नुकसान की भरपाई और सहायता राशि को बिना किसी देरी के प्रभावित परिवारों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने डिजिटल माध्यम से नुकसान का त्वरित आकलन शुरू किया है। इस प्रस्तावित पुनर्वास पैकेज के तहत पात्र परिवारों को क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए वित्तीय मदद दी जाएगी। इसके अतिरिक्त बाढ़ के कारण नष्ट हुए पशुधन, मुर्गी पालन इकाइयों, नलकूपों तथा बुनकरों के हथकरघा और कपड़ों जैसे महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की मरम्मत अथवा उन्हें बदलने के लिए सीधा सहयोग प्रदान किया जाएगा।
पुनर्निर्माण के दौरान परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करने के लिए मुख्यमंत्री सरमा ने ऋण भुगतान मोराटोरियम लागू करने का निर्णय लिया है। इस कदम से बाढ़ प्रभावित लोगों को बैंक किश्तों की चिंता किए बिना अपने घरों को फिर से बसाने और अपनी आजीविका को पटरी पर लाने का समय मिल सकेगा।
शिक्षा क्षेत्र की सुरक्षा और प्रभावितों को सहयोग
सरकार की इस पुनर्वास नीति में शिक्षा क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि जलभराव के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। बाढ़ से प्रभावित विद्यालयों के भवनों की मरम्मत की जाएगी तथा छात्रों को आवश्यक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उनका शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो और उनका भविष्य सुरक्षित रहे।
राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए सरमा ने कहा, “सरकार हर बाढ़ प्रभावित परिवार के साथ खड़ी रही है और उन्हें सामान्य जीवन में वापस लाने के लिए तत्परता से काम कर रही है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी प्रशासनिक मदद जारी रहेगी।
तकनीक आधारित आपदा प्रबंधन और शहीदों को श्रद्धांजलि
प्रत्येक वर्ष असम में आने वाली भीषण बाढ़ से रिहाइशी मकानों, सड़कों, कृषि योग्य भूमि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचता है। इस स्थाई समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार अब आधुनिक तकनीक आधारित समाधानों, मजबूत बुनियादी ढांचे और उन्नत पूर्व चेतावनी प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सटीक मौसम पूर्वानुमान और समय पर अलर्ट जारी होने से प्रशासनिक तंत्र और स्थानीय नागरिक आपदा का मुकाबला बेहतर ढंग से कर सकेंगे।
समारोह को संबोधित करने से पहले मुख्यमंत्री सरमा ने गुवाहाटी स्थित श्रद्धांजलि कानन पहुंचकर देश के शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर नमन किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस का यह अवसर उन अमर देशभक्तों के बलिदान को याद करने और एक अधिक सुरक्षित व आत्मनिर्भर असम के निर्माण का संकल्प दोहराने का दिन है।





















