अंक ज्योतिष में व्यक्ति की जन्म तारीख से निर्धारित होने वाला मूलांक उसके स्वभाव, प्राथमिकताओं और पारिवारिक जुड़ाव के बारे में कई पहलू सामने रखता है। कुछ तारीखों पर जन्मे लड़के अपने पिता के साथ बेहद अटूट और सम्मानजनक रिश्ता साझा करते हैं। ऐसे लड़के जीवन के किसी भी पड़ाव पर पहुंचे हों, वे अहम फैसलों में पिता की राय को सर्वोपरि स्थान देते हैं और अपने परिवार की खुशी के आगे अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं को भी गौण कर देते हैं।
मूलांक 2: चंद्रमा का प्रभाव और पिता के प्रति स्वाभाविक आदर
किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को जन्म लेने वाले जातकों का मूलांक 2 माना जाता है। अंक विद्या में इस अंक के स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं, जो मन, शीतलता और संवेदनशीलता के प्रतीक माने जाते हैं। इस तारीख में जन्मे लड़के स्वभाव से गहरे संवेदनशील, भावुक और बेहद जिम्मेदार प्रवृत्ति के होते हैं। उनके लिए पूरे परिवार का सुख और संतुलन सबसे पहले आता है।
इन लड़कों का जुड़ाव विशेष तौर पर अपने पिता के साथ बहुत प्रगाढ़ देखा जाता है। बचपन के दिनों से ही ये अपनी बुनियादी जरूरतों से लेकर भविष्य के बड़े विकल्पों तक में पिता से बातचीत करना पसंद करते हैं। कोई भी कदम उठाने से पहले इनके दिमाग में यह विचार जरूर आता है कि इसका पारिवारिक माहौल पर क्या प्रभाव पड़ेगा। पिता की प्रसन्नता के लिए कई मौकों पर ये अपनी निजी पसंद से भी समझौता कर लेते हैं। पारिवारिक स्नेह के प्रति इतने संवेदनशील होने के कारण इनके लिए माता-पिता से अधिक समय तक दूर रह पाना काफी कठिन साबित होता है, और ये अपने घर-परिवार के बीच वक्त गुजारना ज्यादा पसंद करते हैं।
मूलांक 6: शुक्र का असर और पिता को आदर्श मानने की प्रवृत्ति
जिन लोगों का जन्म किसी भी कैलेंडर माह की 6, 15 या 24 तारीख को होता है, उनका मूलांक 6 बनता है। अंक शास्त्र के अनुसार मूलांक 6 का संबंध शुक्र ग्रह से है, जो प्रेम, सौहार्द और रिश्तों में संतुलन का कारक है। इस अंक से जुड़े लड़के रिश्तों की मर्यादा और उनकी कद्र बनाए रखने में बेहद कुशल माने जाते हैं। अपने माता-पिता के प्रति इनका आदर भाव बहुत गहरा होता है।
मूलांक 6 वाले लड़के अपने पिता को केवल परिवार का संरक्षक नहीं बल्कि अपना सच्चा आदर्श मानते हैं। करियर का रास्ता चुनना हो या निजी जीवन के बड़े मोड़ तय करने हों, ये पिता के तजुर्बे और उनकी सीख को व्यवहार में उतारने का प्रयास करते हैं। जीवन में चाहे कितनी भी बड़ी आर्थिक या सामाजिक कामयाबी मिल जाए, ये अपने मूल पारिवारिक रिश्तों से कभी दूरी नहीं बनाते हैं। माता-पिता का साथ निभाना और आपसी संबंधों में प्रेम तथा मर्यादा कायम रखना इनके स्वभाव की सबसे मजबूत कड़ी मानी जाती है।
मूलांक 7: केतु का प्रभाव और पिता को मार्गदर्शक स्वीकारना
किसी भी महीने की 7, 16 या 25 तारीख को जन्मे व्यक्तियों का मूलांक 7 निर्धारित होता है। अंक ज्योतिष में इस अंक के स्वामी केतु ग्रह स्वीकार किए जाते हैं। मान्यता के मुताबिक मूलांक 7 वाले लड़के संजीदा और संवेदनशील होने के साथ-साथ अत्यंत साहसी और निस्वार्थ मनोवृत्ति के धनी होते हैं। ये आमतौर पर हर किसी के सामने अपनी भावनाएं या व्यक्तिगत विचार व्यक्त नहीं करते, लेकिन पिता के साथ इनका वैचारिक और भावनात्मक तालमेल बहुत गहरा होता है।
जिंदगी में किसी भी गंभीर चुनौती का सामना करते समय ये अपने पिता के अनुभवों और दी गई सीख पर पूरा भरोसा करते हैं। इनके लिए पिता एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं, जो कठिन समय में सही दिशा चुनने में मदद करते हैं। ये परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता से लेते हैं और विपत्ति के समय पूरे समर्पण के साथ अपनों के साथ खड़े रहते हैं।
पारिवारिक मूल्यों का सम्मान
मूलांक 2, 6 और 7 वाले लड़कों की साझी विशेषता यह है कि ये केवल औपचारिकता के लिए पिता की बात नहीं सुनते, बल्कि उनके जीवन के अनुभवों और भावनाओं का दिल से सम्मान करते हैं। प्रगति की ऊंचाइयों पर पहुंचने के बावजूद परिवार से इनका नाता मजबूत बना रहता है। हालांकि प्रत्येक इंसान का व्यक्तिगत स्वभाव, माहौल और परवरिश अलग हो सकती है, इसलिए ये प्रवृत्तियां हर व्यक्ति पर पूरी तरह एक जैसी लागू नहीं होतीं।


















