भारत की सबसे दुर्गम और बर्फीली सीमाओं की सुरक्षा में तैनात भारत तिब्बत सीमा पुलिस के स्थापना दिवस के अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने जवानों के शौर्य को नमन किया। शून्य से नीचे तापमान और अत्यधिक ऊंचाई वाले इलाकों में मुस्तैद रहने वाले इस विशेष अर्धसैनिक बल की कर्तव्यनिष्ठा को राष्ट्रीय सुरक्षा का मजबूत आधार बताया गया। इस महत्वपूर्ण दिन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय नेताओं ने अग्रिम मोर्चों पर तैनात हिमवीरों के प्रति सम्मान जताया।
राजनाथ सिंह ने हिमवीरों की भूमिका को बताया अहम
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आईटीबीपी के हिमवीरों ने बेहद कठिन मौसम और विषम भौगोलिक परिस्थितियों में देश की सीमाओं की हिफाजत करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बल के समस्त कर्मियों और उनके परिजनों को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। रक्षा मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि हिमालयी चोटियों पर चौकसी बरतने के साथ-साथ यह बल देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी उल्लेखनीय योगदान देता रहा है।
कठिन हालात में सीमा सुरक्षा का जिम्मा
आईटीबीपी के जवानों को अत्यंत कठोर प्राकृतिक आपदाओं, भारी बर्फबारी और ऑक्सीजन की कमी वाले इलाकों में गश्त करनी पड़ती है। लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक फैली लंबी सीमा रेखा पर यह बल अग्रिम रक्षा पंक्ति की तरह अडिग रहता है। उत्तरी सीमाओं पर किसी भी तरह की घुसपैठ को नाकाम करने के साथ-साथ आपदा प्रबंधन, खोज एवं बचाव अभियानों में भी इन जवानों की तत्परता हमेशा सराहनीय साबित हुई है। इस अदम्य साहस की वजह से ही इन्हें हिमवीर की सम्मानित उपाधि दी गई है।
शीर्ष नेतृत्व ने भी दिया सम्मान
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी बल के पराक्रम को नमन किया। प्रधानमंत्री ने जवानों के अटूट समर्पण और बलिदान को पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत करार दिया। केंद्रीय गृह मंत्री ने रेखांकित किया कि हमारे हिमवीरों की कर्तव्यनिष्ठा और सतर्कता के दम पर ही देश के नागरिक हर परिस्थिति में सुरक्षित महसूस करते हैं। शीर्ष नेतृत्व ने यह दोहराया कि राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा में इस विशेष बल का योगदान अतुलनीय है।
जनता की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री के इस संदेश के बाद ऑनलाइन मंचों पर नागरिकों ने भी मिलीजुली प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। कई लोगों ने हिमवीरों के शौर्य को सलाम करते हुए उन्हें देश का सच्चा रक्षक बताया, वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने उत्तरी सीमावर्ती इलाकों की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, आधुनिक रक्षा विमानों की खरीद और कूटनीतिक रणनीतियों को लेकर कई गंभीर सवाल भी उठाए।


























