न्यूमेरोलॉजी के मुताबिक जन्म की तारीख से बनने वाला मूलांक सिर्फ स्वभाव नहीं बताता, बल्कि यह भी बताता है कि कोई इंसान छोटी-छोटी बातों को दिल पर कैसे लेता है। कुछ खास तारीखों में जन्मे लोग हर बात को बार-बार सोचते रहते हैं और सामने वाले की कही बातें उन्हें लंबे समय तक याद रहती हैं। इस वजह से कई बार वे खुद ही अपनी सोच में उलझकर परेशान हो जाते हैं। आइए जानते हैं किन तारीखों में जन्मे लोगों के साथ ऐसा होता है और इससे बचने का तरीका क्या है।
मूलांक 2 वालों का मूड चंद्रमा जैसा बदलता रहता है
किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को जन्म लेने वाले लोगों का मूलांक 2 होता है। इनका स्वामी ग्रह चंद्रमा है, इसलिए इनका मन चंद्रमा की तरह ही बार-बार बदलता रहता है। किसी की छोटी सी बात भी इनके दिल पर लग जाती है और वे उसी के बारे में सोचते-सोचते परेशान हो जाते हैं।
मूलांक 4 वाले नतीजे से पहले ही बुरा सोचने लगते हैं
4, 13, 22 और 31 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 4 होता है और इनका स्वामी ग्रह राहु है। इन्हें आगे की चिंता बहुत सताती है। कोई भी काम शुरू करने से पहले ही इनके मन में उसका खराब नतीजा घूमने लगता है। इस आदत की वजह से इनके मन के साथ-साथ रोजमर्रा की जिंदगी में भी काफी तनाव बना रहता है।
मूलांक 7 वाले हर बात की गहराई तक जाना चाहते हैं
7, 16 और 25 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 7 होता है, इनका स्वामी ग्रह केतु है। यही वजह है कि ये हर चीज की तह तक पहुंचने की कोशिश में लगे रहते हैं। किसी की कही बात इनके दिमाग में बार-बार घूमती रहती है और ये उसे कई-कई बार सोचते हैं, जिससे बेवजह परेशानी बढ़ जाती है।
ओवरथिंकिंग कम करने के लिए अपनाएं ये उपाय
हर बात को अपने ऊपर लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कई बार जो हम सोचते रहते हैं वह असल में होता ही नहीं। किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले हर बात को थोड़ा समय देना चाहिए और शांत मन से उस पर विचार करना चाहिए। ओवरथिंकिंग को कम करने के लिए चांदी के गिलास में पानी पीना फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा रोजाना 10-15 मिनट मेडिटेशन के लिए जरूर निकालें, इससे मन धीरे-धीरे शांत होने लगेगा।













