देशभर में मौसम का मिजाज 17 अगस्त को दो अलग रंगों में नजर आने वाला है। मानसून की सक्रिय ट्रफ लाइन और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से एक ओर जहां पहाड़ी और तटीय इलाकों में मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है, वहीं दूसरी तरफ मैदानी क्षेत्रों में लोग चिपचिपी गर्मी और भारी उमस से परेशान रहेंगे। दिन के समय तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किए जाने की संभावना है, जिससे लोगों को काफी अस्वस्थता महसूस हो सकती है। शाम के समय कई जगहों पर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने से तापमान में आंशिक गिरावट आ सकती है, लेकिन हवा में नमी का उच्च स्तर बना रहेगा।
दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में मौसम का हाल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर के प्रमुख शहरों जैसे नई दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद तथा गुरुग्राम में 17 अगस्त की सुबह की शुरुआत कड़क धूप और पसीना छुड़ाने वाली उमस के साथ होगी। दोपहर के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। आसमान में बादल छाने के साथ ही शाम तक गरज और चमक के साथ मध्यम से भारी स्तर की बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। इस बारिश से दिन के तापमान में हल्की गिरावट जरूर आएगी, मगर हवा में अत्यधिक नमी के कारण उमस से पूरी तरह राहत मिलने के आसार कम ही हैं।
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी जिलों में मौसम का मिजाज
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 17 अगस्त को मौसम का मिला-जुला और विविधता भरा रूप देखने को मिलेगा। राज्य के पश्चिमी हिस्से के जिलों में सुबह से ही तेज धूप खिलेगी और अत्यधिक ह्यूमिडिटी रहने की वजह से लोगों को भीषण पसीने का सामना करना पड़ेगा। इसके विपरीत, पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में बादलों का आना-जाना बना रहेगा और कई इलाकों में बिजली चमकने के साथ मध्यम से भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी लखनऊ के अलावा कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों में दिन के वक्त उमस भरी गर्मी परेशान करेगी, जबकि शाम ढलते-ढलते गरज-चमक के साथ बौछारें गिरने की उम्मीद है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन का अलर्ट
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में 17 अगस्त को भारी बारिश के साथ-साथ भूस्खलन का दोहरा संकट बना रहेगा। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऋषिकेश में सुबह के समय धूप निकलने से तापमान और उमस बढ़ेगी, लेकिन इसके तुरंत बाद बादलों की भीषण गरज के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो सकती है। पहाड़ी ढलानों पर चट्टानें खिसकने और स्थानीय नदियों व नालों में उफान आने से बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। संवेदनशील क्षेत्रों में आकाशीय बिजली से सुरक्षा के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
इसी तरह हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भी तेज वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। शिमला, धर्मशाला, कुल्लू और मंडी में दिन की शुरुआत हल्की धूप और हवा में मौजूद नमी के साथ होगी। हालांकि दोपहर के बाद मौसम तेजी से करवट लेगा और भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। निचले इलाकों में पानी भरने तथा पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन होने से यातायात बाधित हो सकता है, इसलिए पर्यटकों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
पश्चिम बंगाल और ओडिशा में मूसलाधार बारिश व बाढ़ का खतरा
पश्चिम बंगाल के तटीय तथा मैदानी क्षेत्रों में 17 अगस्त का दिन काफी संवेदनशील माना जा रहा है। गंगीय पश्चिम बंगाल के जिलों में अत्यधिक भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। कोलकाता, हावड़ा, सिलिगुड़ी और दुर्गापुर में वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। बारिश की शुरुआत से पहले इन शहरों में तेज धूप और हवा में नमी के कारण असहनीय उमस महसूस होगी। तटीय इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
ओडिशा के मौसम की बात करें तो उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के असर से मूसलाधार बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। भुवनेश्वर, कटक, पूरी और संबलपुर में भारी से बहुत भारी वर्षा और बाढ़ की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी हुआ है। दिन की शुरुआत में बादलों के बीच हल्की धूप और नमी रहेगी, लेकिन दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। सुरक्षा के मद्देनजर मछुराहों को समुद्र तट से दूर रहने और पानी में न उतरने की सख्त हिदायत दी गई है।
महाराष्ट्र और झारखंड में कैसा रहेगा मौसम
महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों जैसे मुंबई, पुणे, ठाणे और नासिक के तटीय व मैदानी इलाकों में बादलों की आवाजाही के बीच हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। हालांकि कोंकण क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र के पहाड़ी यानी घाट इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
झारखंड में 17 अगस्त को मानसून का असर व्यापक रहेगा। रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो में सुबह के समय कड़क धूप के साथ भारी उमस लोगों को बेहाल करेगी। दोपहर के बाद आसमान में घने काले बादल छा जाएंगे और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। राज्य के खुले मैदानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को बिजली गिरने के खतरे से बचने के लिए सावधान रहने की जरूरत है। इसके अलावा जयपुर और भोपाल जैसे मैदानी शहरों में भी दिनभर तेज धूप और नमी के चलते भीषण उमस बनी रहेगी।





















