कामकाज के क्षेत्र में आपके विचार और आइडिया बिल्कुल अलग नजर आ सकते हैं, विशेष रूप से उन जगहों पर जहां लोगों को लीक से हटकर नई सोच की आवश्यकता होती है। ऑफिस की किसी भी मीटिंग के दौरान यदि आपके मन में कोई बेहतरीन सुझाव आए, तो उसे केवल मन में सोचकर न छोड़ें। उसे दो लाइनों में साफ-सुथरा लिखकर अपने पास रखें और सही समय आने पर सबके सामने बोलें। मूलांक 4 की ऊर्जा हमें यह सिखाती है कि केवल कल्पना करने से काम नहीं चलता, बल्कि उसके साथ सही क्रम और पूरी तैयारी होना भी उतना ही जरूरी है।
जो लोग पढ़ाई-लिखाई से जुड़े हैं, उनके लिए अपने नोट्स को व्यवस्थित करना, किसी बड़े चैप्टर को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटना और रिविजन के लिए एक निश्चित समय तय करना बहुत फायदेमंद साबित होगा। भाग्यांक 6 टीमवर्क और आपसी तालमेल को मजबूत करने का काम करता है, इसलिए सारा काम अकेले अपने कंधों पर संभालने के बजाय दूसरों का सहयोग लेना बुद्धिमानी होगी।
धन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह के भावुक फैसले लेने से बचना ही बेहतर रहेगा। किसी वस्तु की सुंदरता, उसकी आधुनिक सुविधा या किसी अन्य व्यक्ति के कहने भर से पैसे खर्च कर देना बाद में आपको परेशान कर सकता है। दिन की 4 वाली ऊर्जा आपसे आपके हर एक हिसाब की मांग करती है, इसलिए छोटे-छोटे भुगतान, सब्सक्रिप्शन फीस, बच्चों की पढ़ाई का खर्च या घर के कामकाज से जुड़े सभी खर्चों को नोट करके ही आगे बढ़ें।
भाग्यांक 6 के प्रभाव के कारण परिवार की सुख-सुविधाओं या आराम से जुड़ी चीजों पर खरीदारी करने का मन अचानक बन सकता है। ऐसे में अपनी जरूरत और अपनी इच्छा के बीच स्पष्ट फर्क बनाकर रखेंगे, तो आर्थिक स्थिति पूरी तरह संतुलित बनी रहेगी। पैसों के किसी भी लेन-देन में अपनी बात को हमेशा साफ और स्पष्ट रखें ताकि बाद में कोई कन्फ्यूजन न हो।
मन का लगातार होता उतार-चढ़ाव आपके शरीर पर भी बुरा असर डाल सकता है। यदि आपको किसी भी प्रकार की बेचैनी महसूस हो, तो पांच मिनट के लिए शांत चित्त होकर बैठ जाएं, गहरी सांस लें और जो भी बात आपको परेशान कर रही है उसे एक कागज पर लिख लें। चंद्रमा के विशेष प्रभाव के कारण नींद और पानी दोनों का शरीर पर असर बहुत ज्यादा महसूस होता है, इसलिए दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें। तेज शोरगुल और भीड़-भाड़ वाली जगहों से थोड़ी दूरी बना लेने पर आपका मन बहुत जल्दी संभल जाता है और शांत हो जाता है।

















