कानपुर के चकेरी थाना अंतर्गत मंगला विहार इलाके में बुधवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई, जहां अड़तीस साल की महिला अर्चना शुक्ला का शव उनके ही घर के एक कमरे में फंदे से लटका पाया गया। करीब तीन साल पहले उनके पति रितेश शुक्ला की एक गंभीर बीमारी की वजह से मौत हो गई थी। जीवनसाथी के चले जाने के बाद से अर्चना अकेले ही पूरे परिवार की बागडोर संभाल रही थीं और दोनों बेटियों की परवरिश में जुटी हुई थीं। हालांकि, परिजनों और आसपास के लोगों के अनुसार वह लंबे समय से भारी मानसिक तनाव से जूझ रही थीं और पिछले कुछ दिनों से उनकी यह परेशानी और अधिक बढ़ गई थी। दोपहर में भोजन करने के बाद वह आराम का कहकर अपने कमरे में गई थीं, जिसके कुछ ही देर बाद यह खौफनाक मंजर सामने आया।
दोपहर के भोजन के बाद कमरे में गई थीं अर्चना
बुधवार की सुबह घर में दिनचर्या सामान्य दिनों की तरह ही शुरू हुई थी। अर्चना की छोटी बेटी, जो अभी अपनी पढ़ाई पूरी कर रही है, रोज की तरह तैयार होकर अपने स्कूल चली गई थी। इसके बाद अर्चना ने सामान्य रूप से घर का कामकाज निपटाया और दोपहर का खाना तैयार किया। परिवार के बाकी सदस्यों के साथ बैठकर उन्होंने दोपहर का भोजन किया। भोजन समाप्त होने के बाद उन्होंने घर के लोगों से कहा कि उनकी तबीयत थोड़ी सुस्त लग रही है और वह कुछ देर आराम करने के लिए अपने कमरे में जा रही हैं। यह कहकर वह अपने कमरे में चली गईं और अंदर से कमरा बंद कर लिया। उस वक्त घर में मौजूद किसी भी सदस्य को इस बात का जरा भी अंदेशा नहीं था कि वह इतना बड़ा आत्मघाती कदम उठाने जा रही हैं।
कमरे में पहुंचते ही चीख पड़ी बड़ी बेटी महक
कुछ समय बीत जाने के बाद जब अर्चना काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकलीं, तो उनकी बड़ी बेटी महक उन्हें देखने के लिए कमरे की तरफ गई। महक एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी में मां का हाथ बंटाती हैं। जब महक कमरे के अंदर पहुंची, तो सामने का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए। कमरे के भीतर अर्चना का शव साड़ी के सहारे फंदे पर लटक रहा था। मां को इस हाल में देखकर बेटी जोर-जोर से चीखने और रोने लगी। महक की चीख-पुकार सुनकर घर के अन्य लोग और पास-पड़ोस के निवासी तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे। पास में ही रहने वाले अर्चना के जेठ और अन्य रिश्तेदार भी खबर मिलते ही वहां जमा हो गए। घटनास्थल का दृश्य देखकर हर कोई सन्न रह गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने शुरू की बारीकी से जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों और परिजनों ने फौरन पुलिस की आपातकालीन हेल्पलाइन 112 पर फोन करके पूरे मामले से अवगत कराया। सूचना प्रसारित होते ही चकेरी थाने की पुलिस टीम बिना देर किए घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस के साथ ही फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी मंगला विहार स्थित मकान पर बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने उस कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया जहां शव मिला था। कमरे की दीवारों, खिड़कियों और पंखे के आसपास से जरूरी भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए। इसके अलावा जिस साड़ी के सहारे फंदा लगाया गया था, उसे भी जांच के दायरे में लिया गया है। पुलिस ने आवश्यक लिखापढ़ी पूरी करने के बाद शव को नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम परीक्षण के लिए भिजवा दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की असली वजह
चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रताप मिश्र ने इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई है कि पति के निधन के बाद से महिला काफी ज्यादा मानसिक तनाव में जीवन व्यतीत कर रही थीं। परिजनों से जब पूछताछ की गई, तो उन्होंने भी इस तथ्य की पुष्टि की कि वह पिछले कई दिनों से बहुत ज्यादा परेशान और गुमसुम दिख रही थीं। थाना प्रभारी के अनुसार पुलिस ने सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले में जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मौत के असली कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट आने और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही संभव हो सकेगी। दोनों बेटियों के सिर से पिता के बाद अब मां का साया भी उठ जाने से परिवार पूरी तरह बिखर गया है।



















