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शनि की वक्री चाल: 27 जुलाई से शुरू होंगे 138 दिन, जानें किन राशियों की चमकेगी किस्मतराशिफल
7 घंटे पहले· 1

शनि की वक्री चाल: 27 जुलाई से शुरू होंगे 138 दिन, जानें किन राशियों की चमकेगी किस्मत

27 जुलाई से शनि देव मीन राशि में वक्री होकर अगले 138 दिनों तक उल्टी चाल से चलेंगे और 11 दिसंबर को मार्गी होंगे, इस दौरान सभी 12 राशियों के करियर, धन और रिश्तों पर अलग-अलग असर देखने को मिलेगा।

ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को सबसे कठोर और सबसे निष्पक्ष ग्रह माना जाता है, और अब यह ग्रह अपनी चाल बदलने जा रहा है। 27 जुलाई से शनि देव वक्री होने वाले हैं, यानी पृथ्वी से देखने पर वह अपनी सामान्य दिशा के उलट चलते हुए नजर आएंगे। यह वक्री चाल पूरे 138 दिनों तक बनी रहेगी और इस दौरान 12 राशियों में से किसी को फायदा मिलेगा तो किसी को सतर्क रहने की जरूरत होगी।

शनि की वक्री चाल का मतलब क्या है

ज्योतिष में जब कोई ग्रह अपनी तय कक्षा में आगे बढ़ने के बजाय पीछे की ओर खिसकता हुआ नजर आता है, तो उसे वक्री कहा जाता है। असल में ग्रह अपनी कक्षा नहीं बदलता, बल्कि पृथ्वी और उस ग्रह की सापेक्ष गति के कारण ऐसा भ्रम पैदा होता है। शनि को न्याय, धर्म और अध्यात्म का कारक ग्रह माना गया है, इसलिए इसकी चाल में आने वाला यह बदलाव सिर्फ अलग अलग राशियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर देश और दुनिया के व्यापक हालात पर भी देखने को मिलता है।

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क्यों खास माना जाता है शनि का ग्रह

ज्योतिष में शनि को नवग्रहों में सबसे कठोर लेकिन सबसे निष्पक्ष ग्रह कहा जाता है। इसे कर्मों का फल देने वाला ग्रह माना जाता है, यानी व्यक्ति को उसके किए गए कर्मों के अनुसार परिणाम देने वाला ग्रह। शनि की चाल बाकी ग्रहों के मुकाबले धीमी होती है, इसलिए इसका असर भी लंबे समय तक बना रहता है। जब यह ग्रह वक्री होता है तो इसका संकेत सिर्फ इतना नहीं होता कि यह पीछे की ओर बढ़ रहा है, बल्कि यह भी माना जाता है कि जिन क्षेत्रों में देरी, मेहनत और धैर्य की परीक्षा हो रही थी, वहां अब आत्मनिरीक्षण और सुधार का दौर शुरू हो सकता है।

27 जुलाई से 11 दिसंबर तक मीन राशि में चलेगी उल्टी चाल

शनि ग्रह 27 जुलाई, 2026 को मीन राशि में वक्री हो जाएंगे और अगले 138 दिनों तक इसी उल्टी चाल में बने रहेंगे। इसके बाद 11 दिसंबर, 2026 को शनि मार्गी होंगे, यानी फिर से अपनी सीधी चाल में लौट आएंगे। इन साढ़े चार महीनों के दौरान बारह राशियों पर इसका अलग अलग तरह का असर देखने को मिलेगा, किसी राशि के लिए यह समय मेहनत और सावधानी का होगा तो किसी के लिए राहत, तरक्की और नए मौकों का।

किन राशियों पर क्या रहेगा शनि की वक्री चाल का असर

मेष राशि

मेष राशि वालों को व्यावसायिक मामलों में इस दौरान कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। रोजमर्रा के काम में चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन इसी मेहनत के बीच मिलने वाला एक सुनहरा अवसर आगे चलकर बड़े बदलाव की वजह बन सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय राहत लेकर आएगा। निजी और व्यावसायिक, दोनों ही मोर्चों पर उलझे हुए मामले धीरे धीरे सुलझते नजर आएंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और पुराने समय में किए गए निवेश से भी फायदा मिल सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों की आर्थिक स्थिति इस दौरान अच्छी बनी रहेगी। यह लोग अपने आसपास के लोगों को प्रभावित करेंगे और किसी नीतिगत फैसले लेने वाली भूमिका में भी नजर आ सकते हैं।

कर्क राशि

कर्क राशि वाले किसी भी मुश्किल परिस्थिति को आसानी से संभाल लेंगे। दफ्तर में अपनी काबिलियत साबित करने का यह अच्छा मौका रहेगा और मेहनत का असर दिखने में देर नहीं लगेगी।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों को कार्यक्षेत्र में इस दौरान खास सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी भी तरह के विवाद में उलझने से बचना ही बेहतर रहेगा, क्योंकि छोटी सी बहस भी बड़ा रूप ले सकती है।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों की नई सोच उन्हें इस दौर में पहचान और प्रसिद्धि दिला सकती है। यह लोग अपने मूल्यों और सिद्धांतों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे, जिसका असर उनकी छवि पर सकारात्मक रूप से पड़ेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के मन में इस दौरान भावनात्मक उथल पुथल बनी रह सकती है। कार्यक्षेत्र में जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया देने से बचना होगा, हालांकि इसके बावजूद व्यापार के मोर्चे पर सफलता मिलने के पूरे आसार हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वाले सफलता की सीढ़ियां चढ़ते नजर आएंगे। लंबे समय से अटकी हुई पेशेवर योजनाएं भी अब आगे बढ़ना शुरू करेंगी, जिससे करियर को नई दिशा मिलेगी।

धनु राशि

धनु राशि वालों को किसी भी तरह का निवेश करने से पहले सतर्क रहना होगा। कोई भी जरूरी फैसला लेने से पहले उस पर ठीक से सोच विचार कर लेना इस दौरान खासतौर पर फायदेमंद रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह शांति और सद्भाव भरा समय रहेगा। दफ्तर में बना सहज और रचनात्मक माहौल तरक्की की राह खोलेगा और काम का दबाव पहले से हल्का महसूस होगा।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों की जीवनशैली और बाहरी छवि में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। सामाजिक जीवन व्यस्त रहेगा और लंबे समय से चले आ रहे उतार चढ़ाव भी अब ठीक होते दिखेंगे।

मीन राशि

मीन राशि वालों को रिश्तों में सकारात्मक खुशियां मिलेंगी। करियर में आने वाले नए मौके भी खुशियां साथ लेकर आएंगे, बस समय रहते इन अवसरों का फायदा उठाना जरूरी होगा।

आगे क्या रहेगा असर

कुल मिलाकर शनि की यह वक्री चाल हर राशि के लिए एक जैसी नहीं रहेगी। जहां मेष, सिंह, तुला और धनु जैसी राशियों के लिए यह मेहनत, सावधानी और सोच समझकर फैसले लेने का समय है, वहीं वृषभ, मिथुन, कर्क, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन जैसी राशियों के लिए यह राहत, तरक्की और नए मौकों का दौर साबित हो सकता है। 11 दिसंबर को शनि के मार्गी होते ही इस अवधि में अटके हुए ज्यादातर मामलों में रफ्तार आने की उम्मीद जताई जाती है।

सवाल-जवाब

शनि कब वक्री हो रहे हैं?
शनि देव 27 जुलाई, 2026 को वक्री हो रहे हैं।
शनि की वक्री चाल कितने दिनों तक रहेगी?
यह वक्री चाल 138 दिनों तक बनी रहेगी।
शनि किस राशि में वक्री होंगे?
शनि 27 जुलाई को मीन राशि में वक्री होंगे।
शनि कब मार्गी यानी सीधी चाल में लौटेंगे?
शनि 11 दिसंबर, 2026 को मार्गी हो जाएंगे।
किन राशियों को इस दौरान सतर्क रहने की जरूरत है?
मेष, सिंह, तुला और धनु राशि वालों को इस दौरान विवाद और जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचकर सतर्क रहना चाहिए।
किन राशियों को फायदा मिलने की संभावना है?
वृषभ, मिथुन, कर्क, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन राशि वालों को आर्थिक सुधार, करियर में तरक्की और रिश्तों में खुशियों का फायदा मिल सकता है।
शनि को ज्योतिष में इतना अहम क्यों माना जाता है?
शनि को न्याय, धर्म और अध्यात्म का कारक ग्रह माना जाता है और यह व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार परिणाम देने वाला ग्रह कहा जाता है।
क्या शनि की वक्री चाल का असर सिर्फ राशियों तक सीमित रहता है?
नहीं, ज्योतिष के मुताबिक इसका असर व्यक्तिगत राशियों के साथ साथ देश और दुनिया के व्यापक हालात पर भी पड़ता है।
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