भागदौड़ भरी जीवनशैली के इस दौर में फिटनेस के लिए अलग से समय निकालना हर किसी के लिए संभव नहीं हो पाता है। लंबे समय तक डेस्क पर बैठकर काम करने, खराब पोस्चर अपनाने और लगातार व्यस्त रहने के कारण शरीर में जकड़न, थकान और दर्द जैसी परेशानियां आम हो चली हैं। खासकर महिलाओं के स्वास्थ्य में पेल्विक हेल्थ की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है, लेकिन अक्सर इस अहम पहलू पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता है।
इसी सिलसिले में फिटनेस और लाइफस्टाइल कोच लुक कौटिन्हो ने सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं के लिए एक बेहद सरल और असरदार एक्सरसाइज की जानकारी साझा की है। यह कीगल एक्सरसाइज है, जिसके अभ्यास के लिए किसी तरह के भारी उपकरणों या लंबे समय की आवश्यकता नहीं होती है। इसे दिनभर में केवल कुछ सेकंड के अभ्यास से बहुत आसानी से अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।
पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों की कार्यप्रणाली और महत्व
शरीर के निचले हिस्से में स्थित पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां ब्लैडर, गर्भाशय और आंतों जैसे महत्वपूर्ण अंगों को उचित सहारा प्रदान करने का काम करती हैं। इन मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखना संपूर्ण शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है। इस एक्सरसाइज को सही ढंग से समझने का सबसे आसान तरीका यह कल्पना करना है कि आप अपने पेशाब के प्रवाह को रोकने का प्रयास कर रही हैं। इस प्रक्रिया के दौरान शरीर की जो मांसपेशियां सिकुड़ती हैं, वही पेल्विक फ्लोर मसल्स कहलाती हैं।
हालांकि, इस बात का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है कि पेशाब करते समय बार-बार प्रवाह को रोककर इस एक्सरसाइज का अभ्यास न किया जाए। इस तकनीक का उपयोग केवल अपनी सही मांसपेशियों की पहचान करने के लिए ही किया जा सकता है। लुक कौटिन्हो द्वारा इस विषय पर अधिक जानकारी लुक कौटिन्हो के आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर साझा की गई है।
महिलाओं के स्वास्थ्य में इसके विशेष लाभ
कीगल एक्सरसाइज विशेष रूप से महिलाओं के लिए कई तरह से लाभकारी साबित हो सकती है। यह पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूती देने का काम करती है। जिन महिलाओं को खांसने, छींकने या हंसने के दौरान अनैच्छिक रूप से पेशाब लीक होने की समस्या का सामना करना पड़ता है, उन्हें इससे काफी राहत मिल सकती है। इसके अलावा गर्भावस्था और प्रसव के बाद कई महिलाओं में ये मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिन्हें इस सही व्यायाम के जरिए दोबारा मजबूत किया जा सकता है।
यह अभ्यास पेल्विक अंगों को सहारा देने वाले मस्कुलर स्ट्रक्चर को भी मजबूती देता है। हालांकि यदि किसी महिला को पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स या यूरिनरी हेल्थ से जुड़ी कोई गंभीर चिकित्सीय समस्या है, तो केवल व्यायाम पर ही निर्भर रहने के बजाय किसी डॉक्टर या प्रमाणित पेल्विक फ्लोर फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श करना ज्यादा समझदारी भरा कदम होगा।
व्यायाम करने की सही और सरल विधि
इस एक्सरसाइज को करने के लिए सबसे पहले किसी शांत जगह पर आराम की मुद्रा में बैठ जाएं या लेट जाएं। अपने पूरे शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ दें और यह सुनिश्चित करें कि आपके पेट, कूल्हों या जांघों की मांसपेशियां तनाव में न हों। इसके बाद अपनी पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को बहुत धीरे से सिकोड़ें। शुरुआत के दौर में इस संकुचन को लगभग 3 से 5 सेकंड तक बनाए रखें और फिर उतने ही समय के लिए मांसपेशियों को पूरी तरह विश्राम दें।
इस प्रक्रिया को कुछ बार दोहराया जा सकता है। जैसे-जैसे इन मांसपेशियों पर आपका नियंत्रण बेहतर होने लगे, वैसे-वैसे होल्ड करने की अवधि को धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अपनी सांस को रोकने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं होती है।
बिना किसी जिम या उपकरण की सुविधा
कीगल एक्सरसाइज की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके अभ्यास के लिए आपको किसी महंगे जिम या किसी खास उपकरण की कोई जरूरत नहीं पड़ती है। आप इसे घर पर आराम से बैठते हुए, ऑफिस के काम के बीच मिलने वाले छोटे ब्रेक में, सफर के दौरान या फिर रात को सोने से ठीक पहले भी कर सकती हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि बाहर से देखने वाले को इस बात का अहसास तक नहीं होता कि आप कोई एक्सरसाइज कर रही हैं।
फिर भी इसका अर्थ यह नहीं निकाला जाना चाहिए कि केवल कुछ सेकंड का यह व्यायाम हर तरह की पेल्विक समस्या का अचूक इलाज है। इसके लिए सही तकनीक और निरंतर नियमित अभ्यास का होना बेहद जरूरी है। इस प्रक्रिया में भी संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
लगातार मांसपेशियों को अत्यधिक कसकर रखना या जरूरत से ज्यादा अभ्यास करना कुछ मामलों में तकलीफ को बढ़ा भी सकता है। यदि इस दौरान आपको किसी भी तरह का दर्द महसूस हो, पेल्विक क्षेत्र में असहजता हो या यूरिनरी समस्याएं बढ़ने लगें, तो तुरंत अभ्यास रोककर किसी विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। यह सारी जानकारी सोशल मीडिया पर उपलब्ध फिटनेस सामग्री और सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता पर आधारित है। किसी भी गंभीर बीमारी, प्रोलैप्स, पोस्ट-डिलीवरी रिकवरी या यूरिन लीकेज की स्थिति में चिकित्सक या योग्य फिजियोथेरेपिस्ट से मार्गदर्शन अवश्य लें।


















