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सावन 2026 में रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करेंगे शनिदेव, जानें किन 6 राशियों को मिलेगा विशेष लाभराशिफल
1 अग॰ 2026, 10:53 am (14 दिन पहले)· 1

सावन 2026 में रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करेंगे शनिदेव, जानें किन 6 राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

वैदिक पंचांग के अनुसार 20 अगस्त 2026 को शनिदेव रेवती नक्षत्र के पहले चरण में गोचर करेंगे, जिससे 6 प्रमुख राशियों के करियर, व्यापार और आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है।

पवित्र सावन मास की अवधि के बीच ग्रहों की चाल में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार न्याय और कर्मफल के देवता शनिदेव 20 अगस्त 2026 को रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करने वाले हैं। ज्योतिषीय गणनाओं में शनिदेव को सबसे धीमी गति से गोचर करने वाला ग्रह माना जाता है, इसलिए उनका किसी भी नक्षत्र या पद में प्रवेश मानव जीवन पर दीर्घकालिक और व्यापक प्रभाव डालता है। इस बार सावन के दौरान हो रहा शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन कई राशि के जातकों के लिए नई उम्मीदें और तरक्की के अवसर लेकर आ रहा है।

शनि के नक्षत्र परिवर्तन की समय सीमा और ज्योतिषीय आधार

पंचांगीय विवरण के अनुसार 20 अगस्त 2026 को शनिदेव रेवती नक्षत्र के दूसरे चरण की अपनी यात्रा समाप्त करके इसके पहले चरण में गोचर करेंगे। वर्तमान में शनिदेव मीन राशि में विराजमान हैं। मीन राशि में रहते हुए रेवती नक्षत्र के प्रथम पद में उनका यह प्रवेश नौकरी, व्यवसाय, वित्तीय स्थिति और व्यक्तिगत जीवन के विभिन्न पहलुओं को गहराई से प्रभावित करेगा। ज्योतिषीय सिद्धांतों के तहत रेवती नक्षत्र को 27 नक्षत्रों की श्रृंखला का अंतिम नक्षत्र माना जाता है, जो पूर्णता, मानसिक परिपक्वता और नए चक्र की शुरुआत का प्रतीक है। धीमी चाल के कारण शनिदेव का यह पद परिवर्तन लंबे समय से रुके हुए कार्यों को गति देने का काम कर सकता है।

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इन 6 राशियों के जीवन में आ सकता है बड़ा सकारात्मक बदलाव

शनिदेव के इस नक्षत्र गोचर से 6 विशेष राशियों के जातकों को भाग्य का साथ मिलने और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में लाभ होने के मजबूत योग बन रहे हैं।

वृषभ राशि पर प्रभाव

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन अटके हुए कामों में तेजी लाएगा। यदि आपका कोई महत्वपूर्ण कार्य पिछले लंबे समय से रुका हुआ था, तो अब उसके पूरा होने का समय आ गया है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर नई और बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। इसके साथ ही व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को नए सौदों और मुनाफे के संकेत मिल रहे हैं। इस अवधि में आपकी आर्थिक स्थिति में पहले की तुलना में स्पष्ट सुधार देखने को मिलेगा।

मिथुन राशि पर प्रभाव

मिथुन राशि वाले जातकों को अपने करियर में आगे बढ़ने के कई सुनहरे अवसर प्राप्त हो सकते हैं। जो लोग काफी समय से नई नौकरी की तलाश में जुटे हुए हैं, उन्हें इस दौरान कोई शुभ समाचार मिल सकता है। कारोबारी क्षेत्र में लगे लोगों के लिए भी लाभ के नए मार्ग खुलेंगे। व्यावसायिक सफलता के साथ-साथ आपके पारिवारिक वातावरण में भी खुशहाली और तालमेल बना रहेगा।

तुला राशि पर प्रभाव

तुला राशि के जातकों को दफ्तर में उनके द्वारा किए गए कठिन परिश्रम और योगदान के लिए सराहना मिलेगी। अधिकारियों की ओर से पदोन्नति या किसी महत्वपूर्ण पद का प्रभार मिलने की प्रबल उम्मीद है। यदि आप लंबे समय से किसी नए व्यवसाय, परियोजना या उद्यम की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय आपके लिए बेहद अनुकूल और फलदायी साबित होगा।

धनु राशि पर प्रभाव

धनु राशि के जातकों के लिए यह गोचर शिक्षा, प्रतियोगिता और वैश्विक कार्यों के मामले में शुभ परिणाम लेकर आएगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और विदेश से जुड़े काम करने वाले लोगों को सकारात्मक समाचार मिल सकते हैं। आपके पुराने रुके हुए काम गति पकड़ेंगे। इसके अतिरिक्त, पिछले कुछ समय से चला आ रहा आर्थिक तनाव और धन संबंधी चिंताएं भी काफी हद तक समाप्त होंगी।

मकर राशि पर प्रभाव

क्योंकि शनिदेव स्वयं मकर राशि के स्वामी ग्रह हैं, इसलिए रेवती नक्षत्र में उनका यह प्रवेश आपके लिए विशेष रूप से फलदायी माना जा रहा है। नौकरी और व्यापार दोनों ही क्षेत्रों में आपको प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। आपके पुराने पेंडिंग काम सफलतापूर्वक संपन्न होंगे, जिससे आपके अंदर नया आत्मविश्वास और ऊर्जा का संचार होगा।

कुंभ राशि पर प्रभाव

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय आय में वृद्धि और धन संचय के नए अवसर लेकर आएगा। समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा तथा मान सम्मान में बढ़ोतरी होगी। यदि आप किसी नए विचार या व्यापारिक योजना पर काम शुरू करना चाहते हैं, तो भाग्य का पूरा सहयोग मिलेगा। इस दौरान आपको अपने परिवार के सदस्यों का भी पूरा समर्थन प्राप्त होगा।

सावन में भगवान शिव की पूजा से करें शनिदेव को प्रसन्न

धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथाओं के अनुसार शनिदेव को भगवान शिव का परम भक्त और शिष्य माना गया है। यही कारण है कि सावन के पवित्र महीने में महादेव की उपासना करने से शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और शनि जनित दोषों का निवारण होता है।

  • सोमवार का जलाभिषेक: सावन के प्रत्येक सोमवार को शिवलिंग पर शुद्ध जल अर्पित करें और बेलपत्र चढ़ाएं। इससे मानसिक शांति मिलती है और कष्टों का नाश होता है।
  • पीपल के पास दीपक: शनिवार के दिन शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक प्रज्ज्वलित करें। यह उपाय शनिदेव को अत्यंत प्रिय है।
  • वस्तुओं का दान: काले तिल, काली उड़द की दाल और लोहे के बर्तन या सामग्री का दान करने से शनि की अशुभ छाया दूर होती है।
  • जरूरतमंदों की सहायता: गरीब, असहाय और जरूरतमंद व्यक्तियों की यथासंभव मदद करें। निस्वार्थ भाव से की गई सेवा से शनिदेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

सवाल-जवाब

शनिदेव रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में कब प्रवेश करेंगे?
पंचांग के अनुसार शनिदेव 20 अगस्त 2026 को रेवती नक्षत्र के दूसरे चरण से निकलकर इसके पहले चरण में गोचर करेंगे।
शनि के इस नक्षत्र परिवर्तन से किन 6 राशियों को लाभ मिलने की संभावना है?
वृषभ, मिथुन, तुला, धनु, मकर और कुंभ राशि के जातकों को इस नक्षत्र गोचर से विशेष सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
वर्तमान में शनिदेव किस राशि में स्थित हैं?
शनिदेव वर्तमान में देवगुरु बृहस्पति के स्वामित्व वाली मीन राशि में विराजमान हैं।
सावन के महीने में शनिदेव की कृपा पाने के लिए क्या उपाय करने चाहिए?
सावन में हर सोमवार शिवलिंग पर जल व बेलपत्र चढ़ाएं, शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और काले तिल, उड़द या लोहे की वस्तुओं का दान करें।
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