केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने साफ कह दिया है कि आने वाले वक्त में ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री की दिशा हाइड्रोजन ही तय करेगी। गुरुवार को उन्होंने जानकारी दी कि फ्यूल के तौर पर हाइड्रोजन को परखने के लिए देशभर के 10 रूटों पर अभी ट्रायल चल रहे हैं। इसी बीच 17 जुलाई को हरियाणा में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन भी पटरी पर उतरने वाली है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाएंगे।
किन 10 रूटों पर चल रहा है हाइड्रोजन का परीक्षण
नितिन गडकरी के मुताबिक ग्रेटर नोएडा-दिल्ली-आगरा, भुवनेश्वर-कोणार्क-पुरी, अहमदाबाद-वडोदरा-सूरत, साहिबाबाद-फरीदाबाद-दिल्ली और पुणे-मुंबई रूट पर हाइड्रोजन फ्यूल का ट्रायल जारी है। इनके अलावा जमशेदपुर-कलिंगानगर, तिरुवनंतपुरम-कोच्चि, कोच्चि-एडापल्ली, जामनगर-अहमदाबाद और नेशनल हाईवे-16 पर विशाखापत्तनम-बैयावरम को भी इस लिस्ट में शामिल किया गया है। यानी देश के अलग-अलग कोनों में एक साथ यह परीक्षण चल रहा है, ताकि हाइड्रोजन को बड़े पैमाने पर फ्यूल के तौर पर अपनाने से पहले हर तरह की परिस्थिति में इसकी परफॉर्मेंस जांची जा सके।
पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है मंत्रालय
नितिन गडकरी हैदराबाद में आयोजित प्रवास 5.0 और भारत प्रवासी अवार्ड्स कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय हाइड्रोजन ट्रायल के लिए 10 रूटों पर एक पायलट यानी प्रायोगिक प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें यकीन है कि ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री का भविष्य हाइड्रोजन है और आने वाले समय का फ्यूल भी हाइड्रोजन ही रहेगा, और मंत्रालय इसी दिशा में लगातार काम कर रहा है।
दिल्ली में कचरे से बनी हाइड्रोजन से बसें चलाने की तैयारी
देश की राजधानी दिल्ली में नगर निगम के कचरे से हाइड्रोजन तैयार कर उसी से पब्लिक बसें चलाने पर भी विचार किया जा रहा है। नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा था कि दिल्ली में हाइड्रोजन से चलने वाली बसें जल्द शुरू की जा सकती हैं। उन्होंने कहा था, लोगों ने पूछा है कि यह कैसे होगा, तो क्या पिछले 50 साल में कभी ऐसा हुआ है कि मेरी कोई भविष्यवाणी सच न हुई हो। गडकरी ने आगे बताया था कि इस कचरे को अलग किया जाएगा और बायो-डाइजेस्टर के जरिए इससे हाइड्रोजन बनाया जाएगा। दिल्ली में बसें इसी हाइड्रोजन से चलेंगी और उनके मुताबिक यह सब मुमकिन है।
17 जुलाई से सवारी लेकर दौड़ेगी हाइड्रोजन ट्रेन
भारतीय रेल 17 जुलाई को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का कमर्शियल संचालन शुरू करने जा रहा है। इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच चलेगी और हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी, जिसकी वजह से इससे होने वाला प्रदूषण लगभग शून्य के बराबर रहेगा। जींद और सोनीपत के बीच चलने वाली इस ट्रेन का किराया सिर्फ 5 रुपये से शुरू होगा, जबकि अधिकतम किराया 25 रुपये तक ही रखा गया है।











