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मानसून के दौरान सुरक्षित सफर के लिए जरूरी: कार की ये 5 जांच आज ही करवाएंऑटो
9 जुल॰ 2026, 11:40 am (45 दिन पहले)· 2

मानसून के दौरान सुरक्षित सफर के लिए जरूरी: कार की ये 5 जांच आज ही करवाएं

बरसात के मौसम में सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता के कारण हादसे का खतरा बढ़ जाता है। अपनी कार को सुरक्षित बनाने के लिए इन पांच आवश्यक रखरखाव बिंदुओं पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है।

मानसून की शुरुआत के साथ ही सड़कों की स्थिति बदल जाती है, जिससे गाड़ी चलाना एक चुनौतीपूर्ण अनुभव बन जाता है। गीली सड़कें न केवल फिसलन भरी होती हैं, बल्कि इस दौरान दृश्यता कम होने और ब्रेक लगाने पर गाड़ी रुकने में अधिक समय लगने जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। यदि आप अपनी कार के रखरखाव को लेकर लापरवाही बरतते हैं, तो यह छोटी सी भूल बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकती है। बारिश के मौसम में ड्राइविंग को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए कार के महत्वपूर्ण हिस्सों की सही समय पर देखभाल करना बेहद आवश्यक है।

वाइपर ब्लेड और फ्लूइड की जांच

बारिश के दौरान सबसे बड़ी चुनौती विंडशील्ड पर जमा पानी के कारण साफ न देख पाना है। यदि आपके वाइपर ब्लेड पुराने हो चुके हैं, उनमें दरारें आ गई हैं या वे सख्त हो गए हैं, तो वे पानी को प्रभावी ढंग से हटाने में विफल रहेंगे। विंडशील्ड पर धब्बे रहने से दृश्यता में कमी आती है और जोखिम बढ़ जाता है। आपको नियमित रूप से इन ब्लेड्स की जांच करनी चाहिए, खासकर यदि वे छह महीने से अधिक पुराने हैं या उपयोग के दौरान अजीब आवाज़ करते हैं। लंबे समय तक चलने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले सिलिकॉन ब्लेड का चयन करना एक बेहतर निवेश साबित होता है। साथ ही, वाइपर फ्लूइड के स्तर को हमेशा पर्याप्त बनाए रखें ताकि गंदगी और पानी आसानी से साफ हो सकें।

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टायर की कंडीशन और ग्रिप

गीली सड़कों पर वाहन का पूरा नियंत्रण टायर की ग्रिप पर निर्भर करता है। घिसे हुए टायर पानी के ऊपर फिसलने (जिसे हाइड्रोप्लानिंग कहा जाता है) की समस्या पैदा करते हैं। टायर के ट्रेड की गहराई कम से कम 1.6 मिमी होनी अनिवार्य है, लेकिन मानसून के दौरान 3 से 4 मिमी या उससे अधिक की गहराई सुरक्षा के लिए काफी बेहतर मानी जाती है। अपने चारों टायरों का नियमित निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि टायर प्रेशर सही स्तर पर है, क्योंकि कम हवा वाले टायर फिसलन को और बढ़ा देते हैं। यदि टायर दो साल से ज्यादा पुराने हैं, तो उनकी स्थिति को बारीकी से जांचें और जरूरत पड़ने पर उन्हें बदलने में संकोच न करें।

ब्रेक प्रणाली का रख-रखाव

नमी वाली सड़कों पर गाड़ी को पूरी तरह रोकने के लिए ब्रेक की ताकत बढ़ जाती है। यदि आपके ब्रेक पैड घिस चुके हैं या ब्रेक फ्लूइड बहुत पुराना है, तो ब्रेकिंग सिस्टम की दक्षता कम हो जाती है। यह सुनिश्चित करना बहुत महत्वपूर्ण है कि ब्रेक पैड, डिस्क और फ्लूइड का स्तर एकदम सही हो। विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेक फ्लूइड को हर दो साल के भीतर बदल देना चाहिए। यदि ब्रेक दबाने पर कोई आवाज़ सुनाई दे या गाड़ी एक दिशा में खिंचती हुई महसूस हो, तो तुरंत एक मैकेनिक को दिखाएं। इसके अतिरिक्त, सुनिश्चित करें कि आपका ABS सिस्टम पूरी तरह सक्रिय और सही स्थिति में हो।

लाइट्स की कार्यक्षमता

बारिश और धुंध भरे मौसम में रोशनी की कमी के कारण दृश्यता काफी सीमित हो जाती है। ऐसे में गाड़ी की सभी लाइट्स का सही काम करना अनिवार्य है। अपनी कार की हेडलाइट्स, टेललाइट्स, ब्रेक लाइट्स और इंडिकेटर की समय-समय पर जांच करते रहें। यदि बल्ब फ्यूज हो गए हैं या लाइट्स का लेंस धुंधला पड़ गया है, तो उन्हें तुरंत बदलवाएं। अपनी फॉग लाइट्स को भी साफ रखें ताकि कोहरे में रास्ता दिखाई दे सके। रोशनी न केवल आपको रास्ता दिखाती है, बल्कि अन्य चालकों को भी सड़क पर आपकी मौजूदगी का संकेत देती है।

बैटरी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम

मानसून के दौरान वातावरण में मौजूद अत्यधिक नमी कार की बैटरी और अन्य इलेक्ट्रिकल पार्ट्स को प्रभावित कर सकती है। एक कमजोर बैटरी बारिश में अचानक काम करना बंद कर सकती है, जिससे आप बीच रास्ते में फंस सकते हैं। आज ही बैटरी के टर्मिनलों को साफ करें, पानी का स्तर देखें और बैटरी की कुल स्वास्थ्य स्थिति की जांच करवाएं। यदि बैटरी दो साल से अधिक पुरानी है, तो उसकी टेस्टिंग कराना बहुत जरूरी है। इसके अलावा, सभी इलेक्ट्रिकल कनेक्शन्स को नमी से बचाकर रखें ताकि वाइपर, लाइट्स और इंजन स्टार्ट होने में किसी भी तरह की रुकावट न आए।

सवाल-जवाब

बारिश में वाइपर ब्लेड कब बदलने चाहिए?
यदि वाइपर ब्लेड छह महीने से अधिक पुराने हैं या पानी साफ करते समय शोर करते हैं, तो उन्हें तुरंत बदल लेना चाहिए।
मानसून के लिए टायर में कितनी गहराई होनी चाहिए?
मानसून के लिए 3 से 4 मिमी या उससे अधिक की ट्रेड गहराई को सुरक्षा के लिहाज से सबसे बेहतर माना जाता है।
ब्रेक फ्लूइड कितनी बार बदलना चाहिए?
सुरक्षित ब्रेकिंग सुनिश्चित करने के लिए ब्रेक फ्लूइड को हर दो साल में एक बार बदलना चाहिए।
बारिश में कार की बैटरी क्यों खराब हो सकती है?
बारिश के कारण होने वाली नमी से बैटरी के इलेक्ट्रिकल कनेक्शन प्रभावित हो सकते हैं, जिससे कमजोर बैटरी अचानक काम करना बंद कर सकती है।
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