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EV खरीदने वालों के लिए दिल्ली सरकार की सब्सिडी शर्तें, ये पांच स्टेप्स मिस मत कीजिएऑटो
2 जुल॰ 2026, 12:50 pm (46 दिन पहले)· 2

EV खरीदने वालों के लिए दिल्ली सरकार की सब्सिडी शर्तें, ये पांच स्टेप्स मिस मत कीजिए

दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 के तहत नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर सब्सिडी पाने के लिए तय समय-सीमा में पांच जरूरी स्टेप्स पूरे करने होंगे, वरना पैसा अटक सकता है.

दिल्ली में इस महीने से नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी लागू हो चुकी है और यह मार्च 2030 तक चलेगी. अगर आप भी दिल्ली में नई EV खरीदने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ गाड़ी बुक करना काफी नहीं है, सब्सिडी का पूरा पैसा पाने के लिए एक तय समय-सीमा के भीतर पांच जरूरी स्टेप्स पूरे करने होंगे. इनमें से कोई भी स्टेप छूट गया तो आपकी सब्सिडी अटक सकती है.

पॉलिसी में क्या मिलेगा

दिल्ली सरकार ने इस पॉलिसी पर करीब ₹15,000 करोड़ खर्च करने की योजना बनाई है, जिसका बड़ा हिस्सा शहर भर में 30,000 से ज्यादा EV चार्जिंग पॉइंट्स बनाने पर लगेगा. इसके अलावा पॉलिसी में खरीदारी के समय इंसेंटिव, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में पूरी छूट, पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर अलग से इंसेंटिव और चरणबद्ध तरीके से ICE यानी पेट्रोल-डीजल वाहनों पर पाबंदी जैसे प्रावधान शामिल हैं. सरकार का लक्ष्य 2027 तक 95 प्रतिशत नए रजिस्ट्रेशन इलेक्ट्रिक गाड़ियों के करना है, और 2028 से नए पेट्रोल या सीएनजी टू-व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद करने की योजना है. सारा इंसेंटिव एक अलग ऑनलाइन पोर्टल के जरिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT से दिया जाएगा, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और आसान बनी रहे.

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पहला स्टेप: बुकिंग से पहले मॉडल की मंजूरी जांच लें

नई इलेक्ट्रिक गाड़ी बुक करने से पहले डीलर से यह जरूर पता कर लें कि जो मॉडल आप खरीद रहे हैं, वह दिल्ली सरकार की मॉडल अप्रूवल कमेटी से मंजूर है या नहीं. नियमों के मुताबिक बुकिंग के समय ही डीलर के लिए ग्राहक को उसकी सब्सिडी पात्रता के बारे में बताना जरूरी है. एक बात याद रखें, सिर्फ पूरी तरह इलेक्ट्रिक यानी प्योर इलेक्ट्रिक गाड़ियों को ही सब्सिडी मिलेगी, हाइब्रिड गाड़ियों पर कोई छूट नहीं है.

दूसरा स्टेप: रजिस्ट्रेशन के साथ टैक्स छूट, यहीं से शुरू होती है समय-सीमा

गाड़ी खरीदने के बाद परिवहन विभाग उसका रजिस्ट्रेशन करता है, और यहीं खरीदारों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पर 100 प्रतिशत की छूट मिल जाती है. जैसे ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी RC आधिकारिक रूप से बन जाता है, सब्सिडी क्लेम करने की उलटी गिनती शुरू हो जाती है, क्योंकि सरकार ने इसके लिए सख्त डेडलाइन तय की है.

तीसरा स्टेप: 30 दिन के भीतर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराएं

RC बनने के 30 दिनों के भीतर आपको दिल्ली सरकार के नए ईवी इंसेंटिव पोर्टल पर जाकर खुद को रजिस्टर करना होगा. पुरानी पॉलिसी में यह काम डीलर किया करते थे, लेकिन नई पॉलिसी में यह पूरी जिम्मेदारी अब गाड़ी के मालिक की है.

चौथा स्टेप: सही डॉक्यूमेंट अपलोड कर सब्सिडी क्लेम करें

पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद अपनी गाड़ी की डिटेल्स, जैसे RC नंबर और चेसिस नंबर भरने होंगे. अगर आपके पास पहले से कोई BS-IV या उससे भी पुरानी गाड़ी थी और आपने उसे स्क्रैप करवाया है, तो ₹1 लाख तक का स्क्रैपेज इंसेंटिव पाने के लिए उसका वैध स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट भी अपलोड करना होगा. इसके साथ ही आधार कार्ड और बैंक खाते की सही जानकारी, यानी कैंसिल्ड चेक या पासबुक की कॉपी भी देनी होगी.

पांचवां स्टेप: जांच के बाद 60 दिन में पैसा खाते में

आपके आवेदन की जांच परिवहन विभाग और पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम यानी PFMS दोनों करेंगे. सरकार का दावा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है, और अगर सारे दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो आवेदन की तारीख से 60 दिनों के भीतर सब्सिडी की रकम सीधे आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के जरिए आ जाएगी.

ध्यान दें: सब्सिडी लेने पर 3 साल का लॉक-इन

एक जरूरी शर्त भी समझ लीजिए. अगर आपने दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 के तहत किसी भी तरह की फाइनेंशियल सब्सिडी या इंसेंटिव का फायदा उठाया है, तो गाड़ी खरीदने की तारीख से अगले 3 साल तक आप उसे दिल्ली से बाहर ट्रांसफर या री-रजिस्टर करने के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी NOC नहीं ले पाएंगे. मतलब सरकार हर सब्सिडी वाली गाड़ी पर 3 साल का लॉक-इन पीरियड रखेगी.

सवाल-जवाब

दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 कब लागू हुई और कब तक चलेगी?
यह पॉलिसी इस महीने से लागू हो गई है और मार्च 2030 तक लागू रहेगी.
RC बनने के बाद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए कितना समय मिलता है?
गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी RC बनने के 30 दिनों के भीतर EV इंसेंटिव पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है.
क्या हाइब्रिड गाड़ियों को भी सब्सिडी मिलेगी?
नहीं, सिर्फ प्योर इलेक्ट्रिक गाड़ियों को ही सब्सिडी मिलेगी, हाइब्रिड वाहनों पर कोई छूट नहीं है.
पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर कितना इंसेंटिव मिल सकता है?
वैध स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट अपलोड करने पर ₹1 लाख तक का स्क्रैपेज इंसेंटिव मिल सकता है, यह सुविधा BS-IV या उससे पुरानी गाड़ियों के लिए है.
सब्सिडी की रकम बैंक खाते में कब तक आ जाती है?
सारे दस्तावेज सही पाए जाने पर आवेदन की तारीख से 60 दिनों के भीतर रकम आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के जरिए क्रेडिट हो जाती है.
सब्सिडी लेने के बाद गाड़ी को दिल्ली से बाहर ट्रांसफर करने में क्या दिक्कत होगी?
सब्सिडी का फायदा उठाने पर गाड़ी खरीदने की तारीख से अगले 3 साल तक उसे दिल्ली से बाहर ट्रांसफर या री-रजिस्टर करने के लिए NOC नहीं मिलेगा.
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