भारतीय सेडान बाजार में अपनी पहचान बना चुकी फॉक्सवैगन वर्टस अब नए कलेवर में दस्तक देने की तैयारी कर रही है। इस सेडान कार के अपडेटेड फेसलिफ्ट मॉडल को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर टेस्टिंग करते हुए देखा गया है। हाल ही में इस गाड़ी का एनिवर्सरी एडिशन पेश किया गया था, जबकि इसी प्लेटफॉर्म पर आधारित स्कोडा स्लाविया को पहले ही मिड-साइकल अपडेट मिल चुका है। बिक्री के आंकड़ों में आई सुस्ती के बीच कंपनी के लिए यह नया अवतार काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एक्सटीरियर और डिजाइन में दिखने वाले बदलाव
सड़क पर देखे गए टेस्ट मॉडल पर फ्रंट और रियर हिस्से में कैमोफ्लॉज रैप लगा हुआ था, जबकि गाड़ी का बाकी बड़ा हिस्सा खुला नजर आया। फ्रंट प्रोफाइल की बात करें तो बोनट की बनावट और अनुपात पुराने मॉडल जैसा ही है, लेकिन हेडलाइट क्लस्टर, फ्रंट ग्रिल और बम्पर एरिया को ढका गया था। इस नए वर्जन में नए डिजाइन वाली फ्रंट ग्रिल, रिवाइज्ड एलईडी लाइटिंग सिग्नेचर और दोबारा तैयार किया गया बम्पर देखने को मिल सकता है।
कार के पिछले हिस्से में बूट लिड और रियर बम्पर को पूरी तरह छुपाया गया था। इसमें मौजूद इलुमिनेटेड टेल लैंप के अंदर अलग इंटरनल एलईडी सिग्नेचर साफ नजर आ रहा है, जिसमें दो हॉरिजॉन्टल एलिमेंट्स दिए गए हैं। कार की साइड प्रोफाइल में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है और यह पहले जैसी ही बनी रहेगी।
केबिन फीचर्स और संभावित तकनीक
स्कोडा स्लाविया के साथ आर्किटेक्चर और इंजन साझा करने के चलते वर्टस फेसलिफ्ट में कई आधुनिक केबिन अपग्रेड्स मिलने की उम्मीद है। कार के भीतर 10.25-इंच का अपग्रेडेड डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, नया टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, 360-डिग्री सराउंड व्यू कैमरा और कई अतिरिक्त कन्वीनिएंस इक्विपमेंट जोड़े जा सकते हैं। सेफ्टी फीचर्स को लेकर भी मौजूदा सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर रहने की उम्मीद है, हालांकि वेरिएंट के आधार पर पूरी फीचर लिस्ट लॉन्च के समय ही स्पष्ट होगी।
इंजन विकल्प और नया 8-स्पीड गियरबॉक्स
मैकेनिकल स्पेसिफिकेशन के मामले में गाड़ी में दो टर्बो पेट्रोल इंजन के विकल्प मिलते रहेंगे। इसका 1.0-लीटर टीएसआई इंजन लगभग 115 पीएस की पावर और 178 न्यूटन-मीटर का टॉर्क जनरेट करेगा। वहीं इसका ज्यादा पावरफुल 1.5-लीटर टीएसआई इंजन 150 पीएस की अधिकतम पावर और 250 न्यूटन-मीटर का पीक टॉर्क पैदा करेगा, जिसके साथ 7-स्पीड डीएसजी गियरबॉक्स का विकल्प बरकरार रहेगा।
इस गाड़ी में सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव 1.0-लीटर इंजन के साथ नया 8-स्पीड टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स जुड़ना है, जो पुराने 6-स्पीड ट्रांसमिशन की जगह लेगा। यह गियरबॉक्स ग्रुप के इंडिया 2.0 लाइनअप वाले अन्य प्रोडक्ट्स में पहले ही अपनी जगह बना चुका है।
लॉन्च टाइमलाइन और बाजार की उम्मीदें
अपडेटेड स्कोडा स्लाविया के इसी महीने के अंत तक डीलरशिप्स पर पहुंचने की संभावना है। इसके बाद 2026 फॉक्सवैगन वर्टस फेसलिफ्ट को अगले महीने या आने वाले त्योहारी सीजन के आसपास भारतीय बाजार में उतारा जा सकता है। नए फीचर्स, बदले हुए डिजाइन और बेहतर ट्रांसमिशन के साथ यह सेडान अपने सेगमेंट में प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी चुनौती देने का लक्ष्य रखेगी।



















