देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसका सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र पर पड़ा है. भारी बारिश और भूस्खलन के चलते एहतियात के तौर पर मुंबई, ठाणे और पालघर में आज सभी स्कूल बंद रखे गए हैं. गुजरात और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी लगातार मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़े हुए हैं. सबसे ज्यादा परेशानी मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर देखने को मिली, जहां बारिश और लैंडस्लाइड के चलते वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी थी, हालांकि राहत की बात यह है कि मार्ग को अब दोबारा यातायात के लिए खोल दिया गया है.
घाट सेक्शन में भूस्खलन, रेल यातायात भी प्रभावित
मुंबई-पुणे कॉरिडोर पर बारिश की सबसे ज्यादा मार पड़ी. घाट के कई हिस्सों में भूस्खलन होने से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के साथ-साथ पुराने मुंबई-पुणे राष्ट्रीय राजमार्ग को भी कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा. इसी बीच करजात और लोणावला के बीच रेलवे पटरी पर मलबा आ गिरने से कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, कुछ को दूसरे रास्ते पर मोड़ा गया तो कुछ को तय स्टेशन से पहले ही रोक दिया गया. इससे रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी.
एमएसआरडीसी ने मलबा हटाकर बहाल किया मार्ग
महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यानी एमएसआरडीसी ने मलबा साफ करने और पूरी तरह सुरक्षा जांच करने के बाद पुणे-मुंबई कनेक्टिंग लिंक रोड पर वाहनों की आवाजाही फिर शुरू करा दी. निगम की तरफ से बताया गया कि सभी जरूरी सुरक्षा उपाय पूरे करने के बाद ही इस मार्ग को दोबारा यातायात के लिए खोला गया है, ताकि दोबारा किसी हादसे की आशंका न रहे.
मुख्यमंत्री फडणवीस पहुंचे कंट्रोल रूम, ली स्थिति की जानकारी
राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश और उससे बने संकट का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मंत्रालय स्थित राज्य आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की. उन्होंने कंट्रोल रूम से ही राज्य के अलग-अलग जिलों की स्थिति जानी और वहां चल रहे राहत व बचाव कार्यों की सीधी निगरानी की. लगातार बारिश के चलते राज्य के कई हिस्सों में आम जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है, साथ ही सड़क और रेल यातायात पर भी व्यापक असर पड़ा है.
विधानसभा में चेतावनी, 70 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
इससे पहले मुख्यमंत्री फडणवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा में कहा था कि राज्य इस समय मौसम की एक अभूतपूर्व स्थिति से गुजर रहा है. उन्होंने आगाह किया कि दिन में 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. उन्होंने लोगों से बिना जरूरी काम के घर से न निकलने, झरनों और पहाड़ी इलाकों के पर्यटन स्थलों पर जाने से बचने और प्रशासन की तरफ से जारी हर दिशा-निर्देश का पालन करने की अपील की. उनके मुताबिक आपदा प्रबंधन, राहत और बहाली से जुड़ी टीमें पूरे राज्य में लगातार तैनात रखी गई हैं.
मानखुर्द में हादसे में छह की मौत, ठाणे-पुणे में भी हालात खराब
मुंबई महानगर क्षेत्र में भी लगातार बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं. शहर के कई इलाकों में पानी भर गया, सड़कों पर लंबा जाम लगा और पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं. मानखुर्द इलाके में एक अवैध ढांचा पास की झुग्गियों पर गिर गया, जिसमें छह लोगों की जान चली गई. ठाणे में एक होर्डिंग गिरने की घटना भी दर्ज हुई, वहीं पुणे जिले के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं.
ऑरेंज अलर्ट और बादल फटने की आशंका, प्रशासन ने बरती सतर्कता
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है और बादल फटने जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई है, जिसके चलते एहतियातन मुंबई, ठाणे और पालघर के स्कूलों में आज छुट्टी रखी गई. मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो से तीन दिनों के भीतर मुंबई में पूरे जुलाई महीने जितनी औसत बारिश हो सकती है. इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सिर्फ जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है. लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश ने महाराष्ट्र में परिवहन व्यवस्था, आम जनजीवन और आपदा प्रबंधन तंत्र, तीनों की कड़ी परीक्षा ले ली है. राज्य सरकार ने अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने और प्रभावित इलाकों में राहत तथा बहाली का काम और तेज करने के निर्देश दिए हैं.











