बॉलीवुड इतिहास की सबसे लोकप्रिय रोमांटिक फिल्मों में से एक 'दिल तो पागल है' आज भी दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाए हुए है. मशहूर फिल्ममेकर यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित और करिश्मा कपूर ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं. इस सुपरहिट फिल्म में अभिनेता अक्षय कुमार ने भी एक महत्वपूर्ण कैमियो निभाया था. फिल्म में वह माधुरी दीक्षित के बचपन के दोस्त अजय के किरदार में नजर आए थे, जो उनसे एकतरफा प्यार करता है. हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल करने के बावजूद इस फिल्म से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया. इस खास भूमिका के लिए अक्षय कुमार को कोई फीस नहीं दी गई थी, जिसके कारण इंडस्ट्री में लंबे समय तक चर्चा बनी रही.
फीस मांगने पर मिला था अनोखा जवाब
फिल्म के निर्माण के दौरान शुरुआत में यश चोपड़ा इस स्पेशल अपीयरेंस वाले किरदार के लिए वरिष्ठ अभिनेता जैकी श्रॉफ को कास्ट करना चाहते थे. हालांकि, बाद में इस चरित्र को थोड़ा और युवा रूप देने के इरादे से अक्षय कुमार का चयन किया गया. अक्षय कुमार ने अपनी भूमिका को बखूबी निभाया और दर्शकों ने उनके अभिनय को सराहा.
फिल्म की रिलीज के बाद जब 'दिल तो पागल है' सिनेमाघरों में बहुत बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई, तब अक्षय कुमार अपनी तय फीस मांगने के लिए मेकर्स के पास पहुंचे. उस समय मेकर्स की ओर से उन्हें ऐसा जवाब मिला जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. निर्माताओं ने अक्षय कुमार से कहा कि यश चोपड़ा जैसे इतने बड़े और प्रतिष्ठित बैनर की भव्य फिल्म का हिस्सा बनना ही उनके लिए बहुत बड़े गर्व की बात होनी चाहिए. इस तरह फीस देने के बजाय उन्हें बैनर के नाम का हवाला देकर विदा कर दिया गया.
बाल कटवाने से इनकार और 11 साल की दूरी
इस फिल्म से जुड़ा विवाद केवल अनसुलझी फीस तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि शूटिंग के दौरान एक और बड़ा मतभेद खड़ा हो गया था. मेकर्स चाहते थे कि अक्षय कुमार इस खास रोल के लिए अपने बाल छोटे करवा लें ताकि उनका लुक किरदार के अनुसार ढल सके. लेकिन उस दौरान अक्षय कुमार अपनी अत्यधिक सफल 'खिलाड़ी' सीरीज की फिल्मों की बैक टू बैक शूटिंग में पूरी तरह व्यस्त चल रहे थे.
अक्षय कुमार का मानना था कि बाल कटवाने से उनकी अन्य फिल्मों के लुक पर असर पड़ेगा, इसलिए उन्होंने अपने बाल कटवाने से साफ तौर पर मना कर दिया. इस खींचतान और मेकर्स के रवैये से आहत होकर अक्षय कुमार ने एक बड़ा फैसला लिया. उन्होंने यश राज फिल्म्स के साथ आगे कभी काम न करने का मन बना लिया और अगले 11 सालों तक इस बड़े बैनर की किसी भी फिल्म में काम नहीं किया. दोनों पक्षों ने सालों बाद 2008 में रिलीज हुई फिल्म 'टशन' के जरिए एक बार फिर साथ काम किया. इतने सालों में न तो अक्षय कुमार और न ही चोपड़ा परिवार ने इस मनमुटाव पर खुलकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान दिया.
सालों बाद बयां हुआ था रुका हुआ पैसा न मिलने का दर्द
सार्वजनिक तौर पर किसी का नाम लिए बिना, इस कड़वाहट का इशारा सालों बाद खुद अक्षय कुमार की बातचीत में देखने को मिला. साल 2014 में बिजनेसमैन गजल अलघ के साथ हुई एक बातचीत के दौरान अक्षय कुमार ने इंडस्ट्री के अपने कड़वे अनुभवों को साझा किया. उस बातचीत में जब गजल अलघ ने बताया कि किस तरह कुछ क्लाइंट्स ने उनके साथ व्यावसायिक धोखा किया था, तो अक्षय कुमार ने भी अपने शुरुआती दिनों के अनुभवों को याद किया.
अक्षय कुमार ने स्वीकार किया कि अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने कई ऐसी परिस्थितियों का सामना किया है, जहां कुछ बड़े प्रोड्यूसर्स ने उनका बकाया पैसा आज तक नहीं चुकाया. उन्होंने बिना किसी व्यक्ति या बैनर का नाम लिए कहा था कि जो इंसान उनके साथ धोखा करता है, वह उससे बात करना बंद कर देते हैं और एकदम चुप होकर अपनी राह पकड़ लेते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके साथ भी ऐसा हो चुका है जब एक दो निर्माताओं ने उनका बकाया भुगतान नहीं किया, जो एक तरह से उनके साथ धोखाधड़ी ही थी.
यश राज बैनर के साथ पुरानी और बाद की फिल्में
'दिल तो पागल है' की रिलीज से पहले भी अक्षय कुमार मशहूर फिल्ममेकर यश चोपड़ा के बैनर तले काम कर चुके थे. उन्होंने फिल्म 'ये दिल्लगी' में मुख्य भूमिका निभाई थी, जिसमें उनके साथ सैफ अली खान और काजोल नजर आए थे. यह फिल्म भी दर्शकों को बेहद पसंद आई थी.
'दिल तो पागल है' के बाद पैदा हुई दूरियों को खत्म करते हुए अक्षय कुमार ने आखिरकार 2008 में यश राज फिल्म्स की एक्शन कॉमेडी फिल्म 'टशन' से वापसी की. इस फिल्म में उनके साथ सैफ अली खान और करीना कपूर मुख्य भूमिकाओं में थे. हालांकि, 'दिल तो पागल है' के दौर का वह फीस विवाद आज भी बॉलीवुड के सबसे चर्चित किस्सों में गिना जाता है.



















