तमिल फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता विमल की सादगी का एक नया रूप सामने आया है। फिल्मों की चकाचौंध और शूटिंग सेट की जगमगाहट से दूर, अभिनेता अपने गृह जिले तिरुचिरापल्ली के मनाप्पराई क्षेत्र के पास स्थित पन्नानकोम्बु पहुंचे। वहां हाल ही में शुरू हुए एक नए साप्ताहिक बाजार में पहुंचकर विमल ने न केवल स्थानीय निवासियों को चौंकाया, बल्कि खुद सब्जी विक्रेताओं के साथ जमीन पर बैठकर सब्जियां भी बेचना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर सामने आई वीडियो क्लिप में उनके इस जमीनी जुड़ाव और सहज व्यवहार को देखकर उनके प्रशंसक काफी प्रभावित नजर आ रहे हैं।
बाजार में लगी लोगों की भीड़ और विक्रेताओं को आर्थिक मदद
बाजार में जब स्थानीय खरीदारों और राहगीरों को यह जानकारी मिली कि तमिल सिनेमा के जाने-पहचाने चेहरे विमल खुद दुकानदारों के साथ बैठकर सब्जियां बेच रहे हैं, तो उन्हें देखने के लिए देखते ही देखते भारी संख्या में भीड़ जमा हो गई। अभिनेता ने भी पूरी सहजता दिखाते हुए वहां मौजूद दुकानदारों का साथ दिया, आने-जाने वाले ग्राहकों को आवाजें लगाईं और बिक्री कराने में मदद की। इस दौरान वे दुकानदारों और आम जनता के साथ हंसी-मजाक करते हुए भी नजर आए। अपनी इस गतिविधि के बाद विमल ने एक और मददगार कदम उठाया। उन्होंने बाजार के आसपास मौजूद कई छोटे दुकानदारों को अपनी ओर से 500-500 रुपये की नकद आर्थिक सहायता प्रदान की, जिससे स्थानीय व्यापारी काफी खुश नजर आए।
कानूनी विवादों के बीच जनता से जुड़ने की कोशिश
अभिनेता विमल का यह सादगी भरा कदम ऐसे समय पर सामने आया है, जब वे हाल ही में एक गंभीर कानूनी विवाद को लेकर चर्चा में रहे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वे एक चेक बाउंस से जुड़े मामले में कानूनी अड़चनों का सामना कर रहे थे और अदालत द्वारा उन्हें सजा भी सुनाई गई थी। इस कानूनी विवाद और अदालती प्रक्रिया की खबरों के बीच, अपने ही इलाके के छोटे व्यापारियों के साथ समय बिताने और उनकी सीधी मदद करने के इस कदम ने जनता के बीच उनकी छवि को एक नया मोड़ दिया है। उनके समर्थकों का मानना है कि इस पहल से उनकी एक बेहद विनम्र और साधारण इंसान वाली पहचान मजबूत हुई है।
करियर की हालिया स्थिति और नए प्रोजेक्ट्स पर काम
फिल्मी करियर की बात करें तो विमल को हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'वधम' में देखा गया था। हालांकि, यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतर सकी और इसे बॉक्स ऑफिस पर मिला-जुला रिस्पॉन्स ही मिला। इस व्यावसायिक असफलता से आगे बढ़ते हुए विमल अपनी आगामी फिल्मों की तैयारियों में जुटे हुए हैं। वे तिरुचिरापल्ली जिले में अपनी एक नई फिल्म के सिलसिले में ही मौजूद थे, जिस दौरान उन्हें अपने क्षेत्र के पन्नानकोम्बु साप्ताहिक बाजार में जाने और आम लोगों के बीच कुछ समय बिताने का मौका मिला।
मनोरंजन जगत में सादगी और संघर्ष के अन्य उदाहरण
सिनेमा और टीवी जगत में ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी जाने-माने कलाकार ने चकाचौंध से दूर हटकर ऐसा काम किया हो। इससे पहले टीवी और बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता राजेश कुमार ने भी एक बातचीत में बताया था कि एक दौर ऐसा आया था जब वे कर्ज और आर्थिक तंगी में फंस गए थे। उस समय उन्होंने अभिनय से दूरी बनाकर खेती-किसानी शुरू कर दी थी और अपने बेटे के स्कूल के सामने सब्जी भी बेची थी। अभिनेता विमल का यह कदम भी उसी संघर्ष और जमीनी सच्चाई की याद दिलाता है।



















