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बीआर चोपड़ा की सुपरहिट इत्तेफाक को पोते अभय चोपड़ा ने भी बनाया, फिर नहीं दोहरा पाए वही कामयाबीबॉलीवुड
28 जुल॰ 2026, 11:10 pm (55 दिन पहले)· 0

बीआर चोपड़ा की सुपरहिट इत्तेफाक को पोते अभय चोपड़ा ने भी बनाया, फिर नहीं दोहरा पाए वही कामयाबी

बीआर चोपड़ा ने 1969 में बिना गाने वाली सस्पेंस थ्रिलर इत्तेफाक बनाई थी, जिसे दशकों बाद उनके पोते अभय चोपड़ा ने भी उसी नाम से दोबारा बनाया, इस बार सिर्फ एक गाने के साथ।

सस्पेंस थ्रिलर फिल्में OTT के दौर में दर्शकों की पहली पसंद बनी हुई हैं, लेकिन हिंदी सिनेमा में यह ट्रेंड 70 के दशक से चला आ रहा है। साल 1969 में राजेश खन्ना की एक मिस्ट्री थ्रिलर फिल्म आई थी, जिसका नाम आज भी सस्पेंस फिल्मों के शौकीनों की जुबान पर रहता है।

बीआर चोपड़ा की इत्तेफाक

राजेश खन्ना की उस फिल्म का नाम इत्तेफाक था। इसे बीआर चोपड़ा ने प्रोड्यूस किया था, जो यश चोपड़ा के भाई थे, जबकि डायरेक्शन की कमान यश चोपड़ा के हाथ में थी। फिल्म में राजेश खन्ना के साथ बिंदु, मदन पुरी और सुजीत कुमार जैसे कलाकार भी नजर आए थे। इत्तेफाक की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इसमें एक भी गाना नहीं रखा गया, और इस वजह से यह बिना गाने वाली बॉलीवुड की तीसरी फिल्म बन गई। इससे पहले मुन्ना और कानून जैसी फिल्में भी बिना किसी गाने के रिलीज हो चुकी थीं, इसलिए इत्तेफाक का यह प्रयोग उस दौर के हिसाब से भी नया नहीं था, फिर भी दर्शकों ने इसे खूब सराहा। इस फिल्म ने यश चोपड़ा को फिल्मफेयर का बेस्ट डायरेक्टर अवॉर्ड भी दिलाया और बॉक्स ऑफिस पर यह हिट भी साबित हुई।

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पोते अभय चोपड़ा ने दोहराया वही नाम

दशकों बाद बीआर चोपड़ा के पोते अभय चोपड़ा ने भी इसी टाइटल पर फिल्म बनाने का फैसला किया। साल 2017 में आई उनकी इत्तेफाक में विनोद खन्ना के अलावा सिद्धार्थ मल्होत्रा, सोनाक्षी सिन्हा और मंदिरा बेदी जैसे कलाकार शामिल थे। इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा ने राजेश खन्ना वाला किरदार निभाया, सोनाक्षी सिन्हा ने नंदा वाले किरदार में जान डाली, जबकि अक्षय खन्ना ने इफ्तेखार का रोल प्ले किया। हालांकि दादा की इत्तेफाक जहां हिट रही, वहीं पोते की यह कोशिश सिर्फ एवरेज ही साबित हो पाई। इसके बावजूद फिल्म की काफी तारीफ हुई और आलोचकों ने भी इसे सराहा।

गाने को लेकर उलट कहानी

1969 वाली इत्तेफाक में जहां एक भी गाना नहीं था, वहीं विनोद खन्ना वाली इस नई इत्तेफाक में एक गाना जरूर रखा गया। फिल्म का थीम सॉन्ग 'इत्तेफाक से' असल में 1982 की फिल्म नमक हलाल के मशहूर गाने 'रात बाकी, बात बाकी' से प्रेरित था, जिसे तनिष्क बागची ने नए अंदाज में रीक्रिएट किया। यानी जहां दादा वाली फिल्म पूरी तरह गानों से दूर रही, वहीं पोते ने एक सीमित लेकिन चर्चित गाना जोड़ने का रास्ता चुना।

एक परिवार, एक टाइटल, दो पीढ़ियां

इत्तेफाक की सबसे खास बात यही रही कि इसे एक ही परिवार ने दो बार बनाया, पहले दादा ने और फिर पोते ने। यश चोपड़ा और बीआर चोपड़ा हिंदी सिनेमा के बड़े नाम रहे हैं, जबकि अभय चोपड़ा के करियर की अब तक की सबसे बड़ी फिल्म यही इत्तेफाक है। वे फिलहाल अपने करियर को नई ऊंचाई देने की कोशिश में जुटे हैं।

सवाल-जवाब

1969 वाली इत्तेफाक किसने बनाई थी?
इसे बीआर चोपड़ा ने प्रोड्यूस किया था और यश चोपड़ा ने डायरेक्ट किया था।
1969 की इत्तेफाक में कौन कौन से कलाकार थे?
इसमें राजेश खन्ना के अलावा बिंदु, मदन पुरी और सुजीत कुमार नजर आए थे।
2017 वाली इत्तेफाक किसने बनाई?
इसे बीआर चोपड़ा के पोते अभय चोपड़ा ने बनाया था।
2017 की इत्तेफाक में किन सितारों ने काम किया?
इसमें विनोद खन्ना, सिद्धार्थ मल्होत्रा, सोनाक्षी सिन्हा और मंदिरा बेदी शामिल थे।
1969 वाली इत्तेफाक में कितने गाने थे?
इसमें एक भी गाना नहीं था, यह बिना गाने वाली बॉलीवुड की तीसरी फिल्म थी।
2017 वाली इत्तेफाक में कितने गाने थे?
इसमें सिर्फ एक गाना 'इत्तेफाक से' रखा गया था।
'इत्तेफाक से' गाना किससे प्रेरित था?
यह 1982 की फिल्म नमक हलाल के गाने 'रात बाकी, बात बाकी' से प्रेरित होकर तनिष्क बागची ने रीक्रिएट किया था।
यश चोपड़ा को इत्तेफाक के लिए कौन सा अवॉर्ड मिला?
उन्हें इस फिल्म के लिए फिल्मफेयर का बेस्ट डायरेक्टर अवॉर्ड मिला था।
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