राजस्थान के तिजारा में नगर परिषद सभापति चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले भारी सियासी गतिरोध पैदा हो गया है। हिमाचल में बाड़ाबंदी में रखे गए कांग्रेस खेमे के 18 पार्षद वोटिंग के लिए लौटते वक्त अचानक लापता बताए जा रहे हैं। कांग्रेस ने हरियाणा पुलिस पर इन पार्षदों को जबरन रोकने और हिरासत में लेने का सीधा आरोप मढ़ा है। इस घटनाक्रम की खबर जैसे ही तिजारा पहुंची, शहर में माहौल बेहद गरमा गया। एहतियातन स्थानीय बाजार बंद करा दिए गए हैं और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
तिजारा से लेकर पंचकूला तक सड़क पर उतरी कांग्रेस
पार्षदों को रोके जाने की खबर आग की तरह फैलते ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। तिजारा के पूर्व विधायक संदीप यादव ने स्थानीय स्तर पर धरना शुरू कर दिया और निष्पक्ष चुनाव पर सवाल खड़े करते हुए सभापति चुनाव तत्काल निरस्त करने की पुरजोर मांग उठाई। इस बीच यह भी दावा सामने आया कि बाद में संदीप यादव को गुरुग्राम में हिरासत में लिया गया। वहीं दूसरी ओर पंचकूला थाना इलाके में पार्षदों की एक बस और कई अन्य वाहन खड़े पाए गए। घटना के विरोध में कांग्रेस नेता इमरान खान पंचकूला में ही धरने पर बैठ गए हैं।
चंडीमंदिर टोल प्लाजा पर रात में कार्रवाई का दावा
कांग्रेस पार्टी का कहना है कि ये सभी 18 पार्षद नगर परिषद सभापति पद के लिए होने वाले मतदान में हिस्सा लेने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश से राजस्थान आ रहे थे। आरोप के अनुसार रविवार रात हरियाणा के चंडीमंदिर (सूरजपुर) टोल प्लाजा पर हरियाणा पुलिस ने नाकाबंदी कर गाड़ियों को रोक लिया और पार्षदों को हिरासत में ले लिया। कांग्रेस का आरोप है कि पुलिसकर्मियों के पास पार्षदों की तस्वीरें पहले से मौजूद थीं। पुलिस ने तस्वीरों से चेहरे मिलाकर पार्षदों की पहचान की और उन्हें साथ चल रहे अन्य कार्यकर्ताओं से अलग कर दिया। इसे सामान्य सुरक्षा चेकिंग के बजाय पूरी तरह सुनियोजित कार्रवाई बताया जा रहा है।
अशोक गहलोत के तीखे आरोप और चुनाव आयोग से गुहार
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बीजेपी और हरियाणा पुलिस पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि तिजारा के कांग्रेस पार्षदों को मतदान प्रक्रिया में भाग लेने से रोकने के लिए पंचकूला में सुनियोजित तरीके से रोका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजस्थान के मुख्यमंत्री के कहने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री के निर्देश से अंजाम दी जा रही है।
गहलोत ने कहा कि इससे पहले हनुमानगढ़ में एक निर्दलीय विधायक की गिरफ्तारी हुई थी और प्रदेशभर में कई कांग्रेस पार्षदों को पुलिस तथा एसीबी के नोटिस थमाए गए थे, जिसके बाद अब तिजारा में यह कदम उठाया गया है। उन्होंने मांग की कि मतदान के लिए आ रहे पार्षदों को बिना किसी व्यवधान राजस्थान आने दिया जाए। साथ ही उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग से इस पूरे प्रकरण में संज्ञान लेकर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।


















