साल 1965 में प्रदर्शित हुई फिल्म 'जब जब फूल खिले' का सदाबहार गाना 'परदेसियों से ना अंखियां मिलाना' आज छह दशक बाद भी संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज कर रहा है। अभिनेता शशि कपूर और अभिनेत्री नंदा पर फिल्माया गया यह गीत अपनी भावुक धुन और अर्थपूर्ण बोलों के लिए जाना जाता है। इस गाने को दिग्गज गायक मोहम्मद रफी ने पुरुष स्वर में और स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने महिला स्वर में गाया था।
कल्याणजी-आनंदजी का संगीत और आनंद बख्शी के बोल
इस क्लासिक गीत को संगीतमय बनाने में कल्याणजी-आनंदजी की जोड़ी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। गीतकार आनंद बख्शी ने इसके बोल इतने खूबसूरत लिखे थे कि इसमें परदेस में रहने वाले प्रियतम की विरह और चेतावनी का गहरा अहसास झलकता है। गाने में शशि कपूर का अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया था। आज भी जिन महिलाओं के पति काम या व्यवसाय के सिलसिले में घर से दूर या परदेस में रहते हैं, वे इस गीत की भावुक पंक्तियों को सुनकर अपने आंसुओं को रोक नहीं पाती हैं।
बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी फिल्म
फिल्म 'जब जब फूल खिले' केवल अपने गानों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी बेहतरीन कहानी और अभिनय के लिए भी जानी जाती है। सिनेमाघरों में रिलीज होते ही इस फिल्म ने कमाई के नए कीर्तिमान बनाए थे। पर्दे पर शशि कपूर और नंदा की रोमांटिक जोड़ी को दर्शकों ने बहुत पसंद किया था। इस फिल्म की सफलता ने शशि कपूर के करियर को एक नई ऊंचाई दी और इसके गाने भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमर हो गए।



















